ईरान के साथ समझौते की 'रूपरेखा' पर सहमति

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स्विट्ज़रलैंड में आठ दिनों तक चली बातचीत के बाद ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर समझौते की रूपरेखा को लेकर सहमति बन गई है.
इसके तहत ईरान अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमताओं में कमी लाएगा जिसके बदले में उसके ख़िलाफ़ लगे प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा.
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि ईरान के साथ ‘ऐतिहासिक सहमति’ बनी है.
ईरानी परमाणु कार्यक्रम को लेकर व्यापक समझौता तैयार करने की समयसीमा 30 जून है.
सबसे पहले ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने ट्वीट कर कहा कि समाधान तलाश लिया गया है.
स्विट्ज़रलैंड के लुसाने शहर में हुई वार्ता में ईरान के अलावा ब्रिटेन, अमरीका, फ्रांस, चीन, रूस और जर्मनी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
पश्चिमी देशों को लंबे समय से संदेह रहा है कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.
'बड़ा दिन'

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अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने को बड़ा दिन बताया है. उन्होंने ट्वीट किया, “बड़ा दिन.. जल्द ही अंतिम समझौते पर काम शुरू होगा.”
उधर इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतान्याहू ने भी ट्विटर के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने लिखा है, “जो भी समझौता हो, वो ईरान की परमाणु क्षमताओं को कम करे और उसके आतंकवाद और उसकी आक्रमकता को बंद करे.”
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