पेशावर हमलों पर मलाला बोली हार नहीं मानेंगें

इमेज स्रोत, Reuters
पाकिस्तान के एक स्कूल में हुए चरमपंथी हमले की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई विश्व नेताओं ने निंदा की है.
अमरीका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा है, "सिडनी और पेशावर की घटना से साबित हुआ है कि स्थानीय आतंकवाद का ख़तरा दरअसल वैश्विक आतंकवाद का ख़तरा भी है. इसलिए अमरीका ज़्यादा देशों के साथ सहयोग कर रहा है."
वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि पाकिस्तान से आने वाली ख़बर सदमे में डालने वाली है और ये बहुत डरावना है कि बच्चों को महज़ स्कूल जाने के लिए मारा जा रहा है जबकि अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति ने इस ग़ैर-इस्लामिक बताया है.

इमेज स्रोत, BBC World Service
वहीं नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, "यह असवंदेनशील कार्रवाई है, जिसकी बर्बरता बयां नहीं की जा सकती.. जिसमें इंसानों में से भी सबसे मासूमों की जान ली गई है- स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे."
पाकिस्तान के शहर पेशावर में हुए तालिबान के हमले में अब तक 126 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें ज़्यादातर बच्चे हैं.
नोबेल पुरस्कार जीतने वाली मलाला यूसुफ़ज़ई ने भी हमले की निंदा की है और कहा, "इस घटना से मेरा दिल टूट गय है. मैं इस कायरतापूर्ण कदम की मैं निंदा करती हूँ और पाकिस्तान की सरकार और सेना के साथ हूँ. मैं और दुनिया के लाखों लोग इन बच्चों के लिए शोक मना रहा हैं लेकिन हम हार नहीं मानेंगे."
अमानवीय हमला

इमेज स्रोत, bb
भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हमले की निंदा की है. उन्होंने ट्वीट किया, "मैं पेशावर में स्कूली हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ. ये अमानवीय हमला आतंकवाद का असल चेहरा उजागर करता है."
उधर पाकिस्तान में तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के प्रमुख इमरान ख़ान ने कहा है कि वे स्कूल पर हुए हमले से स्तब्ध हैं. इमरान ख़ान ने कहा कि इस अमानवीय हमले की वे निंदा करते हैं.
श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कहा है कि बच्चों को निशाना बनाना कायरता का काम है.
वहीं नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है, "जो बच्चे मारे गए वो सब हमारे बच्चे हैं, पाकिस्तान सरकार को बच्चों को हिंसा से बचाने के लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए. ये मानवता के लिए काला दिन है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और<link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












