जहाज़ हादसा: कप्तान को 36 वर्ष की जेल

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पिछले अप्रैल में दक्षिण कोरिया में जहाज़ दुर्घटना मामले में कप्तान को लापरवाही का दोषी पाया गया है. उन्हें 36 वर्ष के जेल की सजा सुनाई गई है.
सीवोल जहाज़ जिस समय डूबा उस पर 476 लोग सवार थे. इस दुर्घटना में 300 लोग मारे गए, जिनमें अधिकांश स्कूली विद्यार्थी थे.
दक्षिण कोरिया की सबसे भयावह इस समुद्री दुर्घटना के मामले में कप्तान ली जून-सिओक समेत चालक दल के 15 सदस्यों पर मुकदमा चलाया गया था.
इस हादसे में मरने वाले ज़्यादातर किशोर थे जो स्कूल ट्रिप पर थे.
अभियोजक ने जहाज़ के कप्तान पर जनसंहार का आरोप लगाया और फांसी की सजा की मांग की थी लेकिन न्यायाधीशों ने उन्हें इस आरोप से बरी कर दिया.
ग्वांगजू में मौजूद बीबीसी संवाददाता स्टीव इवान्स ने कहा, "लगता है कि अपने उम्र के साठवें दशक में जी रहे ली को सारी उम्र जेल में ही बितानी पड़ेगी."
हादसा

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जिस समय यह दुर्घटना हुई कप्तान ली डूबती जहाज़ को छोड़ते हुए कैमरे में कैद हो गए थे जबकि उसम अधिकांश यात्री जहाज़ में ही थे.
सुनवाई के दौरान ली ने लोगों को संकट में छोड़ने के लिए माफ़ी मांगी.
जहाज़ के मुख्य अभियंता पार्क को हत्या का दोषी पाया गया और उन्हें 30 वर्ष की सज़ा हुई जबकि चालक दल के 13 अन्य सदस्यों को 20 वर्ष तक की सज़ा हुई.
दुर्घटना में जहाज़ संचालकों की बदइंतजामी और बचाव कार्यों में खामियों का जब पता चला तो पूरे देश में असंतोष की लहर दौड़ गई.
इस फैसले के कुछ घंटे पहले दक्षिण कोरियाई सरकार ने डूबे हुए पोत से शवों को खोज निकालने का काम बंद करने की घोषणा की.
बचाव और राहत दलों ने 295 शव निकाल लिए थे लेकिन नौ लोगों के शव अभी तक नहीं मिले हैं.
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