सीरिया में संघर्ष, वायुसेना प्रमुख की मौत

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सीरिया के अधिकारियों के अनुसार दमिश्क के नज़दीक हुए संघर्ष में देश के वायुसेना प्रमुख की मौत हो गई है.
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को मिलिहा के पास वायुसेना के अड्डे पर एक घातक हमला हुआ था, जिसमें जनरल हुसैन इसहाक मारे गए.
जनरल हुसैन सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध में मारे जाने वाले सेना के कुछ वरिष्ठतम अधिकारियों में से एक हैं.
राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार और उन्हें अपदस्थ करने के लिए विद्रोहियों ने संघर्ष छेड़ रखा है. यह संघर्ष साल 2011 में शुरू हुआ था.
'मनोवैज्ञानिक झटका'
मानवाधिकारों के लिए सक्रिय ब्रिटेन स्थित सीरियाई निरीक्षण संस्थान ने भी जनरल इसहाक की मौत की पुष्टि की है.
संस्थान के निदेशक रमी अब्देल रहमान ने बताया है कि जनरल हुसैन इसहाक की मौत राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार के लिए 'मनोवैज्ञानिक रूप से एक बड़ा झटका' है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी की जानकारी के मुताबिक़ दमिश्क के पास चल रहे मौजूदा संघर्ष में वायुसेना के मुख्यालय विद्रोहियों के निशाने पर हैं.

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एजेंसी ने आगे बताया कि विद्रोहियों के पास सैन्य बल उपलब्ध न होने के कारण इसहाक के नेतृत्व में काम करने वाली सेना शायद ही कभी हवाई सुरक्षा के लिए तैनात की गई.
ख़ूनी संघर्ष
सरकार को लेबनान के शिया इस्लामी चरमपंथी समूह हिज़बुल्ला का समर्थन मिल रहा है. इनकी मदद से सीरियाई सेना ने एक महीने से ज़्यादा समय से मिलीहा से विद्रोहियों को निकाल बाहर करने का अभियान चला रखा है.
निरीक्षकों का मानना है कि मिलीहा में सरकार को शुरुआती सफलता मिलने के बावजूद विद्रोहियों ने केंद्रीय टाउन हॉल के आसपास कई इमारतों पर फिर क़ब्ज़ा कर लिया है.

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दमिश्क अभी पूरी तरह सेना के नियंत्रण में है, लेकिन विद्रोही अभी भी शहर के बाहरी इलाक़े के कुछ क़स्बों और गांवों पर हवाई हमलों, गोलीबारी के बावजूद अपनी पकड़ जमाने में सफल साबित हो रहे हैं.
राष्ट्रपति बशर अल-असद के वफ़ादार सैनिकों और विद्रोहियों के बीच पिछले तीन साल से चल रहे संघर्ष में एक लाख से ज़्यादा सीरियाई नागरिक जान गंवा चुके हैं.
इस ख़ूनी संघर्ष ने पूरे देश को तबाह कर दिया है और क़रीब 90 लाख लोगों को अपना घर छोड़कर पड़ोसी देशों में पनाह लेने को मजबूर होना पड़ा है.
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