पर्वतारोहण के बहिष्कार को टालने की कोशिश

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माउंट एवरेस्ट की चोटी पर स्थित आधार शिविर से शेरपाओं के बहिष्कार ने इस मौसम में पर्वतारोहण पर अनिश्चिंतता की स्थिति को और गहरा दिया है.
नेपाल पर्वातारोहण संघ (एनएमए) के अध्यक्ष एंग शेरिंग शेरपा ने बीबीसी को बताया कि अगर ज़्यादा लोग इस शिविर का बहिष्कार कर नीचे उतरेंगे तो बाकि भी उनकी देखा-देखी ही करेंगे.
बहिष्कार के मद्देनज़र 2014 में होने वाले पर्वतारोहण के ऊपर रद्द होने का ख़तरा मंडरा रहा है.
लेकिन नेपाल के पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी मधुसूदन बरलाकोटी को आशा हैं कि कुछ टीम शायद वहां रूक कर चढ़ाई पूरी करें.
फिलहाल नेपाल के पर्यटन मंत्रालय ने पर्वतारोहियों को आकर्षित करने के लिए कहा कि है पर्वतारोहण के लिए इस साल दिए गए पास को पांच साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है.
इस साल 300 से भी ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही दुनिया की सबसे उंची चोटी पर चढ़ाई करने की तैयारी कर रहे हैं.
लेकिन शेरपा पिछले हफ़्ते हुए हिमस्खलन में अपने सोलह सहयोगियों की मौत के बाद दुनिया की सबसे ऊंची चोटी की सभी चढ़ाई रद्द करने पर विचार कर रहे हैं.
समझौता
संवाददाताओं का कहना है क्योंकि इतना पैसा दांव पर लगा है इसलिए अभी भी किसी समझौते पर पहुँचने की उम्मीद है.
शेरपाओं ने बहिष्कार की धमकी दी है जब तक कि उन्हें विदेशी पर्वतारोहियों से राजस्व का एक बड़ा हिस्सा नहीं मिलता है.
मंगलवार को सरकार ने मारे गए लोगों के परिवारों के सामने मुआवज़े की बढ़ी हुई राशि की पेशकश की है.
शेरपा मार्गदर्शन करने के मद्देनज़र तेजी से बचाव और इलाज़ की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बेहतर उपाय भी चाहते हैं.

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तीन व्यापारिक मार्गदर्शक कंपनियों, उनमें से एक ब्रिटेन की है, ने घोषणा की है कि वे अपना एवरेस्ट अभियान रद्द कर रहे हैं.
वार्ता
कुछ शेरपा अपने मृत साथियों को सम्मान देने के रूप में बहिष्कार करना चाहते हैं.
पर्यटन मंत्रालय का कहना है नेपाली अधिकारियों और पर्वतारोहण संचालकों को गुरुवार को वार्ता में हिस्सा लेने के लिए आधार शिविर भेजा जा रहा है.
यह संकट वार्ता पर्यटन अधिकारी, शेरपा प्रतिनिधियों और अभियान के नेताओं के बीच काठमांडू में भी हो रही है.
माना जा रहा है कि मृतकों की संख्या के लिहाज से एवरेस्ट पर पर्वतारोहियों के साथ हुई ये सबसे बड़ी दुर्घटना है.
हिमस्खलन पिछले शुक्रवार को एवरेस्ट पर स्थित आधार शिविर से 19 हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर हुआ.
शेरपा शुक्रवार सुबह ऊंचाई पर पर्वतारोहियों के लिए रस्सी बांध रहे थे, तभी उनके ऊपर बर्फ़ की चट्टान आ गिरी.

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शेरपा एवरेस्ट पर चढ़ाई के मौसम में तीन महीने में 8,000 डॉलर कमा सकते हैं जो नेपाल में औसत मज़दूरी से दस गुणा ज़्यादा है.
जोखिम भरा काम
इतनी कम औसत मज़दूरी के साथ नेपाल एशिया के सबसे गरीब देशों में से एक बना हुआ है
लेकिन बीबीसी के दक्षिण एशिया संवाददाता एंड्रयू नॉर्थ का कहना है यह अच्छा नहीं लगता है जब सरकार चार्ज परमिट के रूप में गाइडिंग कंपनियों से हर साल करोड़ों डॉलर कमा रही है.
नेपाल में सरकार अभी भी पर्वतारोहण करने के इच्छुक लोगों के लिए अगले साल से फीस में कटौती करने की योजना बना रही है, हालांकि पर्यटकों की बढ़ती संख्या, सुरक्षा और पर्यावरण के नुकसान से संबंधी चिंताओं को उठाया गया है.
शेरपा अक्सर शिविरों के लिए किट और आपूर्ति ले जाने के दौरान 20-25 बार आते जाते हैं. जो उनको जोखिम में डालता है.
एवरेस्ट पर 1953 के बाद से तीन हज़ार से अधिक पर्वतारोही चढ़ चुके हैं.
अब तक नेपाल और तिब्बत के चीनी क्षेत्र के बीच सीमा पर 250 पर्वतारोही पहाड़ पर चढ़ने के दौरान मारे गए हैं.
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