यूक्रेन संकट: नेटो ने रूस के साथ सहयोग रोका

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री डेशचित्सिया और अमरीका के विदेश मंत्री जॉन केरी

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इमेज कैप्शन, यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री डेशचित्सिया और अमरीका के विदेश मंत्री जॉन केरी के साथ हाथ मिलाते हुए.

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नेटो) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने रूस के साथ सभी तरह के नागरिक और सैन्य सहयोग स्थगित करने पर सहमति जताई है.

नेटो के अध्यक्ष एंडर्स फ़ॉग रासमुसेन ने कहा कि यूक्रेन के क्राईमिया वाले हिस्से पर रूस का क़ब्ज़ा यूरोपीय देशों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर ख़तरा है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में दोनों पक्षों के संबंध पहले जैसे नहीं रह सकते.

इसके पहले उन्होंने साफ़ तौर पर यूक्रेन से रूसी फ़ौजों की वापसी वाली ख़बरों का खंडन किया था.

यूक्रेन की पूर्वी सीमा पर दसियों हज़ार रूसी सैनिकों की मौजूदगी की बात कही जा रही है, इसके कारण यूक्रेन और पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ गई है.

क्राईमिया को लेकर उठे विवाद के बाद उपजेराजनयिक संकट के बाद पहली बार 28 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई.

नेटो ने एक बयान में यूक्रेन के क्राईमिया क्षेत्र पर रूस के क़ब्ज़े को 'अवैध' बताते हुए उसकी इस हरकत की आलोचना की है.

समीक्षा

एंडर्स फ़ॉग रासमुसेन ने कहा, "नेटो की रूस के साथ बातचीत जारी रह सकती है. राजदूत स्तर और इससे उच्च स्तर पर होने वाली बातचीत से वर्तमान संकट पर विचारों को साझा करने में मदद मिलेगी. जून में होने वाली अगली बैठक में हम नेटो के रूस के साथ रिश्तों की समीक्षा करेंगे."

नेटो सदस्य बाल्टिक क्षेत्र में स्थाई सैन्य चौकी बनाने जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं ताकि पूर्वी यूरोप के सदस्य देशों को आश्वस्त किया जा सके. यूक्रेन में रूसी कार्रवाई के कारण एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया में चिंताएं बढ़ गई हैं, जो शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ का हिस्सा थे.

नेटो के विमान इस क्षेत्र में हवाई गश्त भी लगाएंगे, जिसके बारे में विश्लेषकों का कहना है कि एक यह नियमित अभ्यास है, लेकिन संकट के चलते इसका महत्व बढ़ गया है. ब्रिटेन, अमरीका और फ़्रांस जैसे कुछ नेटो सदस्य देशों ने अतिरिक्त सैन्य विमान मुहैया कराने की बात कही है.

इससे अलग अमरीका में प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने यूक्रेन को आर्थिक मदद देने और रूस के ख़िलाफ़ कुछ प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक के पक्ष में वोट किया. यह विधेयक अब हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा के पास भेजा जाएगा.

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