अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथी हमला समाप्त, सात की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव आयोग के दफ़्तर पर हमला

इमेज स्रोत, AP

अफ़ग़ानिस्तान में पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि राजधानी काबूल में स्वतंत्र चुनाव आयोग के कार्यालय पर हुए चरमपंथी हमले पर काबू पा लिया गया है.

खबरों के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान दो नागरिकों और पांच हमलावरों की मौत हुई है. तालिबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है

अफ़ग़ानिस्तान में पांच अप्रैल को <link type="page"><caption> राष्ट्रपति चुनाव</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/02/140226_afghan_election_campaign_sk.shtml" platform="highweb"/></link> होने वाले हैं और तालिबान ने इन चुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया है.

शुरुआती ख़बरों में कहा जा रहा था कि एक उम्मीदवार अशरफ़ ग़नी के घर को निशाना बनाया गया है, लेकिन अब पुलिस का कहना है कि चुनाव आयोग के दफ़्तर को चरमपंथियों ने निशाना बनाया है.

पुलिस के अनुसार चरमपंथियों ने कार्यालय में घुसने के लिए एक आत्मघाती विस्फोट किया और उसके बाद कर्मचारियों को बंधक बना लिया.इसके बाद उन्होंने अफ़ग़ान सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं.

खबरों के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान दो नागरिक और पांच हमलावरों की मौत हुई है. तालिबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

चुनाव आयोग पर हमले से पहले एक उम्मीदवार अशरफ़ ग़नी के घर के बाहर गोली चलने और धमाके की आवाज़ सुनी गई थी. पुलिस के अनुसार उस समय अशरफ़ ग़नी घर पर नहीं थे.

अशरफ़ ग़नी अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व वित्त मंत्री हैं और उससे पहले विश्व बैंक में एक वरिष्ठ अधिकारी भी रह चुके हैं. इस समय वो हामिद करज़ई की जगह लेने के लिए होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में एक अहम दावेदार हैं.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>