अमरीका में भी भूखे सोते हैं बच्चे !

अमरीका को विश्व के सबसे अमीर देशों में से एक माना जाता है. लेकिन वहां एक करोड़ 60 लाख बच्चे ग़रीबी से जूझ रहे परिवारों में रह रहे हैं. अमरीका में बच्चों में ग़रीबी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.
ब्रितानी फ़िल्म निर्माता और लेखक जेज़ा न्यूमन ने इन बच्चों के बीच जाकर अमरीका के आयोवा में रहने वालीं दस साल की कैली हेवुड और उनकी बहन से बात की और जाना कि उनका जीवन किस तरह का है. बीबीसी के आउटलुक कार्यक्रम की एक रिपोर्ट.
'मैं उदास हो जाती हूं'
कैली हेवुड की सात साल की बहन टायला को भूख सताती है तो वो खाने के बारे में सोचना बंद कर देती हैं.
उन्होंने कहा, "मैं भूखी हूं. हमें दिन में तीन बार <link type="page"><caption> खाना नहीं मिलता</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/01/120114_teaestate_bengal_ia.shtml" platform="highweb"/></link> है. कई बार मुझे सुबह उठकर बहुत कमज़ोरी लगती है और मैं उदास हो जाती हूं. खाने के बारे में अगर न सोच कर किसी और चीज़ के बारे में सोचा जाए तो भूख नहीं लगती.
कैली हेवुड कहती हैं कि कभी अच्छे दिन आते हैं और कभी बुरे दिन आते हैं. उन्होंने बताया, "कभी-कभी हमें सूखा खाना खाना पड़ता है. कभी हमारे पास दाल होती है कभी नहीं होती. जब कभी मैं टीवी पर कोई खाना पकाने का कार्यक्रम देखती हूं तो मुझे और <link type="page"><caption> भूख लग जाती है</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/01/120115_somalia_un_hunger_fma.shtml" platform="highweb"/></link>. ऐसा मन करता है कि स्क्रीन के अंदर घुस कर सारा खाना खा लूं."
'खाना मुहैया नहीं'

आयोवा में अच्छी खासी खेती होती है लेकिन कैली जैसे न जाने कितने बच्चों को यहां <link type="page"><caption> खाना मुहैया नहीं</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/02/120211_hunger_rajasthan_ml.shtml" platform="highweb"/></link> हो रहा.
खाने के लिए पैसे इकठ्ठा करने लिए लिए कैली और उनके मित्र जॉर्डन को अक्सर रेल की पटरियों की किनारे-किनारे दूर तक जाना होता है.
कैली ने कहा, "जॉर्डन मेरा सबसे अच्छा दोस्त है और मैं और वो पटरियों के किनारे खाली डिब्बे ढूंढते हैं और उसे बेचकर पैसे कमाते हैं. "
जॉर्डन ने कहा, "खाली डिब्बों को रीसाइकिल किया जाता है. मैं लगभग सारे शहर में घूम कर डिब्बे इकठ्ठा करता हूं. मुझे एक डिब्बे के बदले पांच सेंट मिल जाते हैं."
पिछले दस सालों में आयोवा की आर्थिक स्थिति बदतर हुई है.
'स्कूल जाने का मन होता है'
कैली बताती हैं, "हमारे पास अपने घर के बिल भरने के लिए पैसे नहीं थे हमें अपना घर छोड़ना पड़ा. मुझे अपना स्कूल, अपने साथी और अपने शिक्षक छोड़ने पड़े. वो बहुत अच्छा समय था."
उन्होंने कहा, "अब मेरी मां मुझे स्कूल नहीं भेज सकती हैं. मेरा स्कूल जाने का बहुत मन होता है. क्योंकि आपको अगर अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी तो आप अच्छे पैसे नहीं कमा सकेंगे. पैसे नहीं होंगे तो घर नहीं होगा."
कैली कहती हैं, "अगर मैं स्कूल नहीं जाऊंगी तो मुझे लगता है कि मैं सड़क पर होऊंगी और हो सकता है कि मुझे दुकानों में से सामान चुराना पड़ेगा. मैं सामान नहीं चुराना चाहती हूँ."
कैली को नाचना बहुत पसंद हैं. वह कहती हैं, "मैं एक बड़ी डांसर बनना चाहती हूं. मुझे इसी में अपना भविष्य दिखता है."
उन्होंने कहा," परिस्थितियां कुछ भी हों, लोग आपको अपने सपनों में विश्वास करने से नहीं रोक सकते."
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