चीन: नज़रबंद पत्नी की कहानी, कविता की जुबानी

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लू शिया अपने ही घर में नज़रबंद हैं, लेकिन वो अपनी आवाज को लोगों तक पहुंचाने के रास्ते खोज ही ले रही हैं.
लू शांति के लिए नोबेल पुरस्कार पाने वाले और चीन की व्यवस्था के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले लू श्याबाओ की पत्नी हैं. श्याबाओ 11 साल क़ैद की सज़ा काट रहे हैं.
शिया पर हालांकि कोई भी आरोप नहीं है, लेकिन अपने पति की तरह उन्हें भी सज़ा भुगतनी पड़ रही है.
उन्हें पिछले तीन वर्षों से बीजिंग स्थित उनके छोटे से अपार्टमेंट में जबरन क़ैद करके रखा गया है.
शिया के इस अपार्टमेंट से चोरी-छिपे लाए गए एक वीडियो में वो एक छोटी सी डेस्क पर बैठी हैं और उनके चारों तरफ किताबें हैं. अपनी दो कविताएं पढ़ने के बाद शिया कैमरे की ओर विजयी भाव से देखकर मुस्कुराती हैं.
हालांकि इस हंसी के पीछे शायद ही ख़ुशी छिपी है. शिया के दोस्त बताते हैं कि अपनी इच्छा के विपरीत इतने वर्षों से एकांत में रहने के कारण वो अवसाद में हैं.
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कई बंदिशें

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उनके एक मित्र ने दिसंबर में बताया था कि शिया चाहती हैं कि उनका इलाज किसी स्वतंत्र डॉक्टर से कराया जाए, उन्हें अपने पति के पत्र पढ़ने और अपनी कलाकृतियों को बेचकर कुछ पैसे हासिल करने की इजाज़त मिले.
शिया के एक मित्र बी लिंग ने बताया, "जब भी शिया को बाहर जाती हैं तो पुलिस उनके आने-जाने का कार्यक्रम तय करती है." बी लिंग दुनिया भर के लेखकों के संगठन पीईएन इंटरनेशनल की शाखा इंडिपेंडेंट चाईनीज़ पीईएन सेंटर के अध्यक्ष हैं.
उन्होंने बताया, "उन्हें यह तय करने की आज़ादी नहीं है कि उन्हें कौन सा डॉक्टर देखेगा, और उन्हें इंटरनेट या फ़ोन की सुविधा नहीं हासिल है. वो हृदय रोग से पीड़ित हैं और गंभीर अवसाद की शिकार हैं. अब चिंता इसलिए भी है क्योंकि वो खाना खाने से इनकार कर रही हैं और उन्होंने बहुत अधिक धूम्रपान और चाय, कॉफी या शराब पीना शुरू कर दिया है. यहां तक कि अब अपने पति को पत्र लिखने में भी उनकी दिलचस्पी नहीं रह गई है क्योंकि हमें पता है कि उनके पत्र सिर्फ़ पुलिस और सरकार तक ही पहुंचेंगे."
<link type="page"><caption> पढें: श्याबाओ पर नोबेल पुरस्कार समारोह का बहिष्कार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/12/101207_nobel_boycott_ss.shtml" platform="highweb"/></link>
सीमित मुलाकात

बी लिंग ने बताया, "शिया को महीने में एक बार पुलिस की निगरानी में जेल में अपने पति को देखने की इजाज़त है और प्रत्येक मुलाकात आधे घंटे की होती है."
उन्होंने बताया, "उन्हें अपने माता-पिता और बड़े भाई से सप्ताह में एक बार मिलने की अनुमति है. उनके छोटे भाई को भी 11 साल की सज़ा मिली है."
बी लिंग बताते हैं कि श्याबाओ की हालत काफी स्थिर है, ख़ासतौर से जबसे उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला है.
उन्होंने बताया, "नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद उन्हें एक माइक्रोवेव दिया गया है, और जून में उन्हें सौर ऊर्जा से चलने वाला एक गीजर भी दिया गया था. अब वो बगीचे में जाकर सब्जियां उगा सकते हैं, लेकिन वो ऐसा तभी कर सकते हैं जब मौसम अच्छा हो."
दूसरी ओर जब शिया ने पुलिस से अनुरोध किया कि उन्हें दिन में एक बार पार्क में टहलने की अनुमति दी जाए तो इस अनुरोध को ख़ारिज कर दिया गया.
<link type="page"><caption> पढें: नोबेल पुरस्कार विजेता को रिहा करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/10/101008_nobel_obama_ac.shtml" platform="highweb"/></link>
बीते दिनों की याद

बी लिंग बताते हैं, "नज़रबंदी से पहले शिया बहुत अच्छी और अराजनीतिक इंसान थीं. उन्होंने कभी भी सक्रिय रूप से किसी राजनीतिक आन्दोलन में भाग नहीं लिया."
उन्होंने बताया, "वो शुद्ध रूप से एक लेखक, फ़ोटोग्राफर और पेंटर थीं. उनमें अधिक बदलाव तो नहीं आया है लेकिन उनके पति को जेल में डालने के बाद वो प्रसन्नचित की जगह अवसादग्रस्त हो गई हैं."
शिया के परिवार के ज़रिए बी लिंग उनके संपर्क में रहते हैं. हालांकि उन्होंने इस बारे में अधिक नहीं बताया कि शिया की कविता वाला यह वीडियो कब और कैसे तैयार किया गया.
शिया की कविताओं वाला ये वीडियो न्यूयॉर्क में 14 जनवरी को आयोजित एक कार्यक्रम के लिए तैयार किया गया था.
यह कार्यक्रम श्याबाओ के कार्यों और आज़ादी के लिए उनके योगदान के सम्मान में आयोजित किया गया था.
लू शिया की कविताओं का हिंदी अनुवाद
पहली कविता: शीर्षक के बिना

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क्या ये एक पेड़ है?
ये मैं हूं, अकेली.
क्या ये एक सर्दियों का पेड़ है?
ये हमेशा इसी तरह दिखता है, पूरे साल भर.
पत्तियां कहां हैं?
पत्तियां बहुत दूर हैं.
क्यों बनाएं एक पेड़?
मुझे उसका खड़े रहना पसंद है.
क्या आपने अपने पूरे जीवन में पेड़ बनने की कोशिश नहीं की है?
यहां तक कि शक्तिहीन होने के बावजूद, मैं खड़े रहना चाहती हूं.
क्या आपके साथ कोई है?
वहां चिड़ियां हैं.
मुझे कोई नहीं दिख रहा.
उनके फड़फड़ाते पंखों की आवाज़ सुनो.
क्या पेड़ पर पक्षियों को बनाना बढ़िया नहीं होगा?
मैं काफी वृद्ध हूं, इसलिए देख नहीं सकती.
शायद तुम्हें पता नहीं कि चिड़िया कैसे बनाई जाती है?
तुम सही हो. मुझे नहीं पता कैसे.
तुम एक पुराने जिद्दी पेड़ हो.
मैं भी.
दूसरी कविता: शराब पीना

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अपने बड़े भाई के साथ शराब पीने से पहले
मैं अपने टेलीफ़ोन का प्लग निकाल देती हूं
नशे की हालत में आने पर
मैं हमेशा किसी दोस्त को फ़ोन करने से रोकने में
ख़ुद को असमर्थ पाती हूं
शराब पीने के बाद हो सकता है कि मैं भद्दी दिखूं
और चिल्लाऊं
जागने पर
मुझे एहसास होता है कि
किसी को ये पसंद नहीं आया होगा
एक शराबी से बकवास सुनना
फ़ोन पर एक दोस्त की आवाज़
अजीब और अंजान हो जाती है
ऐसी रात में शराब पीने के बाद
मैं रेमंड कार्वर को प्यार करती हूं
दो शराबियों के लिए
आमने सामने निरर्थक कविताएं लिखना
न तो शर्मिंदगी होती है और न ही अपमान महसूस होता है
मैं हमेशा, हमेशा ख़ुद को याद दिलाती हूं
शराब पीने से पहले
टेलीफोन के तार को अलग कर दो
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