देवयानी को कॉफी तक पिलाई गई थी: अमरीकी सरकारी वकील

अमरीका में भारत की राजनयिक देवयानी खोबरागड़े की गिरफ़्तारी और कथित तौर पर उनके साथ गलत व्यवहार किए जाने के आरोपों को खारिज़ करते हुए सरकारी वकील प्रीत बरारा ने कहा है कि इस मामले की रिपोर्टिंग ठीक तरीके से नहीं की जा रही है.
सरकारी वकील ने कहा कि देवयानी को उनको बच्चों के सामने गिरफ़्तार नहीं किया गया जैसा कि मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है.
उन्हें विदेश विभाग के एजेंटों ने गिरफ़्तार किया जो अभियोजन पक्ष का अभियोग कार्यालय है और वह मामले से बेहतर तरीके से निपटने में सक्षम हैं.
भारत सरकार ने देवयानी के साथ कथित गलत व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए इसे एक निंदनीय घटना करार दिया है.
पर उनके घरेलू नौकर का शोषण करने, अधिक घंटों तक काम करवाकर कम भुगतान करने और घरेलू नौकर को अमरीकी वीज़ा दिलाने के लिए झूठे तथ्य देने के आरोप लगे हैं.
कयास गलत
उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार को अमरीका लाने को लेकर लगाए जा रहे कयास गलत हैं. न्याय विभाग में जब तक यह मामला लंबित है तब तक पीड़ित, गवाहों और उनके परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा कि कयास लगाने के बजाय पीड़ित परिवार को यहां लाने के कारणों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना मिली थी कि पीड़ित को चुप कराने और उसे भारत लौटने पर बाध्य करने के लिए उसके खिलाफ भारत में कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है.
बरार ने एक बयान में कहा कि एजेंटों ने उन्हें जितना संभव था उतने शालीन तरीके से गिरफ़्तार किया. अधिकतर प्रतिवादियों की तरह उन्हें हथकड़ी नहीं पहनाई गई.
फोन ज़ब्त नहीं
सच्चाई यह है कि गिरफ़्तार करने वाले अधिकारियों ने उनका फोन तक ज़ब्त नहीं किया जैसा कि वे सामान्य तौर पर करते हैं.
बल्कि उन्होंने देवयानी को उनके निजी मसलों के बारे में कई कॉल करने और जब भी ज़रूरत पड़ी तब संपर्क कराने की व्यवस्था की.
उन्होंने कहा कि यहां तक की बच्चों की देखभाल करने की व्यवस्था करने में भी देवयानी की सहायता की गई. ऐसा करीब दो घंटे तक चला.

बाहर बहुत अधिक सर्दी होने के कारण एजेंटों ने अपनी कार से ये सारे कॉल करवाए. यहां तक कि उनको कॉफी पिलाई गई और उन्हें खाना खाने को कहा गया.
कपड़े उतरवाकर देवयानी की जांच करने के आरोपों के बारे में उन्होंने बताया कि यह सही है कि जब उन्हें मार्शल की हिरासत में लिया गया तब एक एक महिला डिप्टी मार्शल ने उनकी पूरी जांच की.
लेकिन, अमरीका में हर प्रतिवादी के साथ ऐसा ही किया जाता है चाहे वो गरीब हो या अमीर.
ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि कैदी के पास कुछ ऐसा न हो जिससे कि वह दूसरों और खुद को नुकसान पहुंचा सके. यह हर किसी की सुरक्षा के हित में है.
गलत सूचनाएं
सरकारी वकील ने कहा कि देवयानी के खिलाफ लगे आरोपों की रिपोर्टिंग गलत तथ्यों और गलत सूचनाओं के आधार पर की जा रही है और इसे रोकने की जरूरत है क्योंकि इससे लोग भ्रमित हो रहे हैं और एक भड़काऊ स्थिति पैदा हो रही है.
उन्होंने कहा कि देवयानी पर लगे आरोपों से जुड़े नियमों के बारे में स्पष्ट तौर पर विदेश विभाग की वेबसाइट पर ज़िक्र है. कोई भी यह दावा नहीं कर सकता कि देवयानी के साथ अन्याय किया जा रहा है.
सरकारी वकील ने कहा कि वे तथ्यों के आधार इस मामले को देखते हैं. इस तरह के मामलों के आरोपी अमरीकियों से अलग देवयानी के साथ बेहद सम्मानजनक तरीके से बर्ताव किया गया.
उन्होंने कहा कि हर मामले की तरह इस मसले में भी उनका एक मात्र उद्देश्य यह है कि कानून का राज स्थापित हो.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक करें</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












