लेफ्टिनेंट बरार पर हमला करने वालों को सज़ा

ब्रिटेन में भारतीय सेना के एक रिटायर्ड अफसर पर हमला करने के जुर्म में चार लोगों को जेल की सजा हुई है.
78 वर्षीय लेफ्टिनेंट जनरल कुलदीप सिंह बरार पर पिछले साल लंदन में उस समय हमला किया गया जब वो केंद्रीय लंदन में अपनी पत्नी के साथ कहीं जा रहे थे.
लेफ्टिनेंट जनरल बरार ऑपरेशन ब्लू स्टार से जुड़े थे जिसके तहत 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सिख चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी.
बर्मिंघम के 34 वर्षीय मंदीप सिंह संधू, लंदन के 37 वर्षीय दिलबाग सिंह और 39 वर्षीय हरजीत कौर को जानबूझ कर शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने का दोषी करार दिया है.
आरोप
सदर्क क्राउन कोर्ट में वॉवरहैंप्टन के 33 वर्षीय बरजिंदर सिंह सांघा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया.
मंदीप सिंह संधू और दिलबाग सिंह को 14 साल की सज़ा दी गई है जबकि हरजीत कौर को 11 सजा की सज़ा मिली है.
बरजिंदर सिंह सांघा को साढ़े दस साल की कैद हुई है.

बरार पर हमला 30 सिंतबर 2012 को उस वक्त हुआ जब वो अपनी पत्नी मीरा के साथ थे.
बरार की अगुआई में ही सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया था. स्वर्ण मंदिर के अंदर छिपे चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारतीय सेना सिखों के सबसे पवित्र स्थानों में से एक स्वर्ण मंदिर में दाखिल हुई. इस कार्रवाई में सैकड़ों लोग मारे गए.
मरने वालों में जरनैल सिंह भिंडरावाला भी थे जिनके नेतृत्व में चरमपंथी सिखों के लिए एक अलग राज्य खालिस्तान की मांग कर रहे थे.
ऑपरेशन ब्लूस्टार को लगभग 30 वर्ष हो चुके हैं. लेकिन बरार को अब भी भारत में जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है.
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