जेनेवा बैठक से पहले ईरान की चेतावनी

अयातुल्ला ख़मैनी ईरान

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली ख़मैनी ने साफ़ कर दिया है कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा.

ईरान का यह बयान ऐसे मौक़े पर आया है जब वह अपने परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर बुधवार को जेनेवा में अमरीका और विश्व शक्तियों के साथ बातचीत शुरू करने वाला है.

इस बातचीत में ईरान को छह महीने का अंतरिम समझौता होने की उम्मीद है, जिससे लंबी अवधि के क़रार के लिए उसे वक़्त मिल जाएगा.

ईरानी विदेश मंत्री जवाद ज़ारिफ़ ने कहा था कि वह जेनेवा में समझौते पर दस्तख़त के इरादे से जा रहे हैं.

अयातुल्लाह अली ख़मैनी ने जेनेवा में बातचीत से पहले तेहरान में सैन्य बलों की बैठक में इसरायल पर भी निशाना साधा.

फ्रांस का विरोध

ख़मैनी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से पीछे न हटने के अटल इरादों का इज़हार किया और कहा कि समझौते में शामिल देशों को ईरान की संप्रभुता का ख्याल रखना चाहिए.

ख़मैनी ने कहा, ''कुछ लाल रेखाएं हैं, कुछ सीमाएं है. इन सीमाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए. मैंने अधिकारियों को कहा है कि वे इन सीमाओं का ध्यान रखें और दुश्मन की तरफ़ से उठाए जा रहे कदमों से बिल्कुल ख़ौफ़ज़दा न हों.''

बराक ओबामा

फ्रांस ने अली ख़मैनी के बयान को अस्वीकार्य बताया और कहा कि इससे समझौते को लेकर हो रही बातचीत में खलल पड़ेगा.

इस बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अभी भी ऐसे समझौते तक पहुंचा जा सकता है जिसके बाद ईरान अपना विवादित परमाणु कार्यक्रम छोड़ देगा.

सर्गेई लावरोव ने कहा, ''हमें आशा है कि इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जेनेवा में बैठक के बाद हमें कामयाबी मिलेगी.''

अमरीका नरम

मंगलवार को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीकी सीनेटरों से कहा था कि वो ईरान के खिलाफ़ प्रतिबंधों को लेकर कड़ा रुख न अपनाएं ताकि कूटनीतिक पहल की जा सके.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस बारे में मंगलवार को सीनेटरों के साथ व्हाइट हाउस में दो घंटे तक मीटिंग की. इसमें उनके साथ विदेश मंत्री जॉन कैरी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस शामिल थे.

हाल के दिनों में कुछ अमरीकी जन प्रतिनिधियों ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा था कि व्हाइट हाउस तेज़ी से इस मामले से हट रहा है जबकि उन्हें तेहरान के ख़िलाफ़ कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए.

व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ''हमारे पास ईरान प्रोग्राम की प्रगति को रोकने और पीछे लौटने देने के अवसर हैं, लेकिन इससे पहले हमें देखना चाहिए कि हम किसी समग्र घोषणापत्र पर पहुंच सकते हैं या नहीं.''

बयान में कहा गया है कि अगर शुरुआती तौर पर कोई सहमति नहीं बनी, तो ईरान यूरेनियम का संवर्धऩ जारी रखने के साथ अरक शहर में प्लूटोनियम रिएक्टर विकसित करने की दिशा में नए उपकेंद्रों को स्थापित करना जारी रख सकता है.

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