शतरंज के करोड़पति खिलाड़ी

एलन ट्रैफ़लर थोड़ी हैरानी के साथ पूछते हैं, ''तार्किक रूप से सोचने को लेकर हम इतने बुरे क्यों है?''
यही सवाल अक्सर स्टार ट्रैक के स्पोक भी पूछते हैं.
लेकिन स्पोक और व्यावसायिक सॉफ़्टवेयर बनाने वाली कंपनी पेगासिस्टम के मुख्य कार्यकारी ट्रैफ़लर, हमारे और आप की तरह नहीं हैं.
स्टार ट्रैक में दूसरे ग्रह के इंसान और ट्रैफ़लर चीजों को अलग नज़रिए से देखते हैं.
जहाँ हम अव्यवस्था, बेतरतीबी और अक्षमता देखते हैं, उन्हें वहाँ तर्क और वाद-विवाद का इस्तेमाल कर व्यवस्था और सुगमता की संभावना नज़र आती है.
व्यापारिक नज़र
ट्रैफ़लर कहते हैं, ''व्यावसायिक प्रक्रिया बहुत कुछ शतरंज की तरह ही होती है. पहले आपको बोर्ड को देखना होता है. सभी आंकड़ों को आत्मसात करना होता है, पैटर्न को पहचानना होता है, उनका विश्लेषण करना होता है, एक रणनीति बनानी होती है, और जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे आपको अपनी रणनीति की समीक्षा कर उसे विकसित करना होता है.''

कुछ इसी तरह से ट्रैफ़लर ने अपनी कंपनी बनाई. हाल में आई ख़बरों के मुताबिक़ कंपनी का कुल राजस्व 35.6 करोड़ डॉलर है यानी 2205 करोड़ रुपए है.
साल 2013 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 2.25 करोड़ डॉलर यानी करीब 140 करोड़ रुपए का मुनाफ़ा कमाया है. उनकी कंपनी न्यूयॉर्क शेयर बाज़ार नेसडैक में सूचीबद्ध है.
मैसाच्युसेट्स आधारित इस कंपनी की अब बाज़ार क़ीमत 1.8 अरब डॉलर यानी करीब 11,200 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है.
वोडाफ़ोन, सिस्को, एचएसबीसी, यूनाइटेड हेल्थकेयर, हीथ्रो एयरपोर्ट होल्डिंग और बैंक ऑफ़ अमरीका इसके प्रमुख ग्राहकों में से हैं.
शुरुआत
एलन ट्रैफ़लर सात साल की उम्र में अपने पिता को खेलते देख शतरंज की ओर आकर्षित हुए थे.
अमरीका में पोलैंड के शरणार्थियों की पहली पीढ़ी के ट्रैफलर ने मैसाच्युसेट्स के ब्रुकलिन में अपने दोस्तों के साथ शतरंज खेलना शुरू किया.

वो कहते हैं, ''बौद्धिक चुनौतियों का मैंने आनंद लिया. विश्लेषणात्मक सोच. खेल का आंकलन करने के लिए मेरे पास एक अंतदृष्टि है. शतरंज की बिसात मुझे एक नक्शे की तरह नज़र आती है.''
ट्रैफ़लर शतरंज में मैसाच्युसेट्स के हाई स्कूल चैंपियन बने. लेकिन बड़ी उपलब्धियाँ अभी आनी बाक़ी थीं.
न्यू हैंपशायर के डार्टमाउथ कॉलेज में साल 1975 में अर्थशास्त्र और कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई करते हुए उन्होंने विश्व शतरंज ओपन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया.
उन्हें 115वीं रैंकिंग मिली थी. लेकिन उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय ग्रैंडमास्टर पाल वेंको के साथ ख़िताब साझा किया. तब उनकी उम्र केवल 19 साल थी.
करियर का चुनाव
वो कहते हैं, ''अपने करियर पर ध्यान देने के लिए वह बेहतरीन समय था.''
ट्रैफलर ने कहा "एक समय मैं लेखक बनना चाहता था. लेकिन हेमलेट की व्याख्या को लेकर मेरा अध्यापक के साथ झगड़ा हुआ और उसी के साथ मेरी अंग्रेज़ी की पढ़ाई का भी अंत हो गया.''
साल 1983 में उन्होंने पेगासिस्टम नाम की एक कंपनी की स्थापना की. <link type="page"><caption> सॉफ़्टवेयर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/05/120511_myjob_software_ia.shtml" platform="highweb"/></link> बनाने वाली यह कंपनी बिज़नेस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए थी.
विश्वविद्यालय की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बैंक और बीमा कंपनियों के लिए सॉफ़्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया. कम्प्यूटर बनाने के पुरानी दृष्टिकोण से वो निराश थे.
उनका विचार कंपनियों को कम्प्यूटर सिस्टम बनाने का औज़ार देकर और प्रभावशाली बनाने का था.
काम का बोझ
उनकी कंपनी की ओर से बनाए गए सॉफ़्टवेयर से कंपनियां अपनी बिज़नेस प्रक्रिया के अपने अनुभव के आधार पर उनमें प्रयोग कर सकती हैं और उनमें बदलाव कर सकती हैं.
एक शतरंज खिलाड़ी का दृष्टिकोण अपनाते हुए वो कहते हैं, ''हमारे सॉफ़्टवेयर लगातार पुनर्मूल्यांकन के बारे में हैं.''
अगर कोई मरीज़ डॉक्टर के नुस्खे से बाहर जाता है तो उनका सॉफ़्टवेयर डॉक्टरों को अलर्ट कर देता है.
काम का बढ़ता बोझ भी ट्रैफ़लर को शतरंज की बाज़ियों का आनंद लेने से नहीं रोक पाता है.
वो कहते हैं कि वह अब भी समय-समय पर शतरंज खेलते रहते हैं. वह पूर्व <link type="page"><caption> विश्व चैंपियन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2012/05/120531_chess_anand_swami_jk.shtml" platform="highweb"/></link> गैरी कास्परोव और विश्व के मौजूदा नंबर एक खिलाड़ी नॉर्वे के मैगनस <link type="page"><caption> कार्लसन</caption><url href="" platform="highweb"/></link> के साथ प्रदर्शनी मैच खेलते रहते हैं.
<italic><bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां </caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>क्लिक करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold></italic>












