कीनिया में बलात्कारियों को सज़ा दिलाने के लिए प्रदर्शन

कीनिया में कई सौ प्रदर्शनकारी गैंगरेप की शिकार एक लड़की को न्याय दिलाने की मांग के समर्थन में सड़क पर उतरे हैं और उन्होंने पुलिस को एक याचिका सौंपी है.
16 साल की इस लड़की को <link type="page"><caption> बलात्कार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/10/131011_kenya_rape_nn.shtml" platform="highweb"/></link> के बाद शौचालय में फेंक दिया गया था जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी.
पुलिस ने बलात्कार के तीन संदिग्धों को घास काटने की सज़ा दी थी.
इस याचिका पर करीब 12 लाख लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं.
याचिका में कथित बलात्कारियों को तुरंत गिरफ़्तार कर मुकदमा चलाने की मांग की गई है.
कीनिया का ये प्रदर्शन दिल्ली में पिछले साल 16 दिसंबर की <link type="page"><caption> गैंगरेप घटना</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/09/130913_delhi_rape_case_reax_ar.shtml" platform="highweb"/></link> के बाद लोगों के गुस्से जैसा है.
नैरोबी में मौजूद बीबीसी संवाददाता ऐना सॉय भी न्याय की मांग कर रहे लोगों के इस मार्च में शामिल थीं.
ये मार्च राजधानी नैरोबी के उहूरू पार्क से पुलिस मुख्यालय तक आयोजित किया गया था. याचिका को कार्डबोर्ड के बक्से में ले जाया गया.
पुलिस महानिरीक्षक डेविड किमायो उस वक्त याचिका को स्वीकार करने दफ़्तर में मौजूद नहीं थे लेकिन उनकी ओर से एक प्रतिनिधि ने इस याचिका को स्वीकार किया.
बलात्कार से पीड़ित लड़की को ‘लिज़’ नाम दिया है ताकि उसकी पहचान को गुप्त रखा जा सके. लिज़ पर हमला उस वक्त हुआ जब वो अपने दादा के अंतिम संस्कार के बाद पश्चिमी कीनिया स्थित अपने गाँव बूसिया लौट रही थी.
व्हील चेयर पर निर्भर

कथित बलात्कारियों ने बेहोश अवस्था में लिज़ को शौचालय में फेंक दिया और अब उन्हें एक व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ता है.
उन्होंने पुलिस के समक्ष अपने ऊपर हमला करने वालों को पहचान लिया था लेकिन पुलिस ने संदिग्धों पर आधिकारिक तौर पर मुकदमा नहीं चलाया.
इसकी बजाय पुलिस ने संदिग्धों को विक्टोरिया झील के पास स्थित बूसिया पुलिस थाने के चारों ओर उगी घास को काटने का आदेश दिया.
इसके बाद कुछ पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीड़िया पर इस मुद्दे को उठाया और लिज़ को न्याय दिलाने की मांग की.
नेबिला अब्दुलमलिक नाम की एक कार्यकर्ता ने लिज़ के समर्थन पर एक ऑनलाइन याचिका की शुरुआत की जिसे अंतरराष्ट्रीय तौर पर पहचान मिली.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक प्रदर्शनकारी हाथ में प्लेकार्ड उठाए हुए थे जिन पर लिज़ को न्याय दिलाने की मांग लिखी हुई थी.
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