फ्लोरिडा में सागर किनारे का वो बंगला...

एक अमरीकी बैंक के चेयरमैन ने क़बूल किया है कि उन्होंने अपने बैंक 'मेनसट्रीट बैंक' को बुरी आर्थिक स्थिति से उबारने के लिए दी गई आर्थिक मदद का इस्तेमाल अपने लिए आलीशान बंगला खरीदने में किया.
मेनस्ट्रीट बैंक के चेयरमैन डेरिल वुड्स ने माना है कि बैंक को मिले बेलआउट पैकेज के 10 लाख डॉलर में से उन्होंने करीब 3,81,000 डॉलर फ्लोरिडा में घर खरीदने में लगाए.
अमरीका में चंद साल पहले आवासीय क्षेत्र में आई भारी मंदी के बीच मेनस्ट्रीट बैंक की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकारी मदद दी गई थी. ये पैसे करदाताओं के थे.
सरकारी वकील टैमी डिकिन्सन ने कहा, "जब हज़ारों अमरीकियों को अपने घरबार से हाथ धोना पड़ा, ये व्यक्ति जनता के पैसे गबन कर रहा था."
आपराधिक मामले
बैंक को आर्थिक मदद की राशि ट्रबुल्ड एसेट रिलीफ प्रोग्राम या टीएआरपी के तहत मुहैया कराई गई थी.
यह प्रोग्राम अमरीकी वित्तीय संकट के बाद स्थापित किया गया था.
वुड्स ने टीएआरपी नियामकों को पत्र लिख कर कहा था कि कि मेनस्ट्रीट सर्व साधारण लोगों का बैंक है और उसे दी जाने वाली मदद रक्तस्राव से पीड़ित मरीज को ख़ून दिए जाने जैसी होगी.
इस घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब इस बात की जांच हुई कि बैंक ने मदद की राशि किस तरह खर्च की है.
हाल तक, सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के लिए 140 आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं.
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