चीनः बो शिलाई ने घोटाले की 'थोड़ी जिम्मेदारी' ली

रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों का सामना कर रहे चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के पूर्व शीर्ष नेता बो शिलाई ने मुक़दमे की सुनवाई के स्वीकार किया है कि उन्होंने सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में लापरवाही बरती थी.
हालांकि उन्होंने उनपर लगे घोटाले के आरोपों को नकार दिया. उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी पत्नी गू काईलाई ने पैसे लिए थे और इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी.
हालाँकि उन्होंने ऐसा होने से न रोक पाने की जिम्मेदारी ली और अदालत से कहा कि, 'मैं इसके लिए शर्मिंदा हूँ.'
सुनवाई को दौरान बो ने स्वयं पर घोटाले के आरोप लगाने वाले एक पूर्व सहयोगी का मज़ाक भी बनाया.
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बेबुनियाद गवाही
उन्होंने कहा कि वांग झेंगगेंग की ग़वाही बेबुनियाद है क्योंकि कोई बेवकूफ़ ही होगा जो किसी गवाह के सामने रिश्वत के बारे में चर्चा करेगा.

चीन के सबसे ताकतवर राजनेताओं में से एक बो के ख़िलाफ़ मुक़दमे की सुनवाई शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही. इस मुक़दमे पर पूरे चीन की नजर है और लोग इसकी कार्यवाही की ख़बरों में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं.
चोंगकिंग में कम्युनिस्ट पार्टी के मुखिया रहे बो शिलाई स्वयं पर लगे भ्रष्टाचार, रिश्वत लेने और घोटाले करने के तमाम आरोपों को नकारते रहे हैं. हालाँकि अदालत ने अभी इस बारे में आरोपों की जाँच नहीं की है.
उनपर एक ब्रिटिश व्यापारी की हत्या की दोषी पाई गई अपनी पत्नी को बचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगा है.
चोंगकिंग पुलिस के मुखिया और बो शिलाई के करीबी रहे वांग लिजुन भी उनके ख़िलाफ़ गवाही दे रहे हैं.
चीन मामलों के ज्यादातर विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मुकदमे का नतीजा पहले से तय है और बो शिलाई को दोषी करार दिया जाएगा.
अदालत में विदेशी मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी है लेकिन चीन के पूर्वी शहर जिनान स्थित अदालत से चीन की माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट बीवो पर मामले की सुनवाई के दौरान लगातार अपडेट पोस्ट किए जा रहे हैं.
<link type="page"><caption> चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ अखबारों की मुहिम</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/01/130129_china_corruption_newspapers_vr.shtml" platform="highweb"/></link>
ज़िम्मेदारी
सुनवाई को दौरन बो शिलाई ने अदालत से कहा, 'मुझे लगता है कि मुझे पैसे गू काईलाई (बो शिलाई की पत्नी) के खाते में पहुँचने की कुछ ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए.'
उन्होंने कहा, "मैं इस पैसे को वापस लाने में नाकाम रहा. यह एक तथ्यात्मक बयान है लेकिन क्या आप ये कह सकते हैं कि मेरी नीयत पैसा हड़पने की थी? नहीं."
वे अपनी पत्नी के खाते में पहुँची पचास लाख युआन (क़रीब पाँच करोड़ रुपये) की रक़म के बारे में बात कर रहे थे. यह रक़म डालियन सिटी में एक कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित की गई थी.

इस पैसे के बारे में डालियन के पूर्व शहर नियोजन निदेशक वांग झेंगगेंग ने बो शिलाई के विरुद्ध गवाही दी. वांग ने कहा कि उन्होंने बो को अपनी गू काईलाई को कॉल करते सुना जिसमें वे कह रहे थे कि वे पैसे भेज रहे हैं.
इन आरोपों को नकारते हुए बो ने कहा कि उन्हें पैसे कि कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि उनकी पत्नी एक कामयाब अधिवक्ता थी और ब्रिटेन में पढ़ रहे उनके बेटे को पूरी छात्रवृत्ति मिल रही थी.
वांग के बयान पर हंसते हुए उन्होंने कहा कि, 'क्या कोई घोटालेबाज ऐसा सोचेगा?...क्या मैं कभी इतनी संवदेनशली बात फोन पर कहूँगा?'
इससे पहले शुक्रवार को बो शिलाई ने अपनी पत्नी को पागल करार दिया था. उनकी पत्नी ने भी घोटालों के मामले में उनके ख़िलाफ़ गवाही दी है.
गू काईलाई ने अदालत को बताया था कि अमीर चीनी व्यापारी उद्यमी शू मिंग उनके परिवार के लिए महँगे तोहफे लेकर आए थे ताकि अपने व्यापारिक हित साध सकें.
गू काईलाई ने यह भी कहा कि ब्रिटिश व्यापारी नील हेवुड उनके बेटे बो गुआगुआ के लिए ख़तरा बन सकते थे. गू काईलाई को <link type="page"><caption> नील हेवुड</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/11/121106_international_others_neil_heywood_pn.shtml" platform="highweb"/></link> की हत्या के आरोप में सजा हो चुकी है.
<link type="page"><caption> चीन की राजनीति में कहां हैं महिलाएं?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/11/121111_international_others_china_women_akd.shtml" platform="highweb"/></link>
अस्थिर मानसिक हालत

लेकिन बो ने गू काईलाई की गवाही को यह कहकर नकार दिया कि , "उनकी अस्थिर मानसिक स्थिति में अभियोजन पक्ष ने उन पर दबाव बनाया जिसकी वजह से वे मेरे ख़िलाफ़ गवाही दे सकती हैं.
बो शिलाई का पतन पिछले कई दशकों में चीन की राजनीति को हिलाने वाला सबसे बड़ा स्कैंडल है.
पिछले 18 महीनों से सार्वजनिक जीवन से अनुपस्थित बो शिलाई को कम्युनिस्ट पार्टी में तेज़ी से उभर रहा शक्तिशाली नेता माना जाता था. 64 वर्षीय बो पार्टी की चोंगकिंग इकाई के प्रमुख थे.
बो शिलाई को चीन की पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी में शामिल किए जा सकने वाले संभावित उम्मीदवारों में गिना जाता था. सात सदस्यों वाली यह कमेटी चीन की सबसे ताकवर राजनीतिक संस्था है.
बो के ख़िलाफ़ चल रहे मामले के राजनीतिक परिणाम भी हो सकते हैं और चीनी प्रशासन किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए कमर कस रहा है.
कोर्ट के आसपास के इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों से निपटा जा सके.
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