सीरियाः रसायनिक हमले पर तुरंत कार्रवाई की माँग

सीरिया रसायनिक हमला
इमेज कैप्शन, विपक्षी कार्यकर्ताओं ने कथित रसायनिक हमले में 1300 से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा किया है

सीरिया में हुए कथित रसायनिक हमले के प्रति कठोर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की माँग तेज़ होती जा रही है. ब्रिटेन, फ्रांस और तुर्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में त्वरित और कठोर प्रतिक्रिया देने का आह्वान किया है.

कार्यकर्ताओं के मुताबिक राजधानी दमिश्क के नज़दीक हुए इस कथित रसायनिक हमले में सैंकड़ों लोग मारे गए हैं.

ब्रिटेन ने सीरिया में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के हथियार निरीक्षकों को इलाक़े का दौरा करने की अनुमति दिए जाने की माँग की है. हालाँकि संयुक्त राष्ट्र दल को जाँच करने की अनुमति मिलने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं.

सीरिया रसायनिक हमला
इमेज कैप्शन, कथित रसायनिक हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय दबाव बढ़ा रहा है

इस दल के पास सीरिया में सिर्फ तीन स्थानों का दौरा करने की अनुमति है.

<link type="page"><caption> इराक़ में सीरियाई शरणार्थियों का रेला</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130818_syria_refugee_iraq_vt.shtml" platform="highweb"/></link>

जाँच

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'ब्रिटेन ने 36 अन्य देशों के साथ संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र लिखा है जिसमें इस हमले का हवाला देते हुए संयुक्त राष्ट्र टीम को इसकी जाँच करने की अनुमति देने की माँग की गई है.'

बयान में कहा गया है, 'हम मानते हैं कि राजनीतिक समाधान ही ख़ून ख़राबा रोकने का सर्वश्रेष्ठ विकल्प है.' हालाँकि बयान में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और विदेश मंत्री विलियम हेग कई बार यह कह चुके हैं कि निर्दोष सीरियाई नागरिकों की जान बचाने वाले किसी भी विकल्प को अपनाया जा सकता है.

तुर्की के विदेश मंत्री अहमद दाउतोगलू ने भी ठोस कार्रवाई की बात पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा, 'सीरिया में तमाम सीमाओं को पार किया जा चुका है लेकिन संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद अभी इस विषय में कोई फ़ैसला नहीं ले पाई है.'

सीरिया रसायनिक हमला
इमेज कैप्शन, यह पहली बार नहीं है जब सीरिया में रसायनिक हमलों की रिपोर्टें सामने आई हैं

ग़ौरतलब है कि बुधवार को रसायनिक हमलों की ख़बरें सामने आने के बाद सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक की थी और इसे हालातों में गंभीर वृद्धि बताते हुए कहा था कि अभी हमलों के बारे में और स्पष्टीकरण की जरूरत है.

<link type="page"><caption> जंग से एकजुट होता एक प्राचीन समुदाय</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130811_syrian_refugee_turkey_rd.shtml" platform="highweb"/></link>

संयुक्त राष्ट्र के उप महासचिव जान एलिएसन ने कहा था कि किसी भी जाँच के लिए सीरियाई सरकार की अनुमति आवश्यक है और यह सुरक्षा हालातों पर भी निर्भर है.

संयुक्त राष्ट्र के करीब 35 सदस्य देशों का कहना है कि सीरिया में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षण दल को तुरंत मौक़े पर भेज दिया जाना चाहिए.

ग़ौरतलब है कि जाँच दल रविवार को दमिश्क पहुँचा था. दल के पास सीरिया में सिर्फ तीन स्थानों का दौरा करने की ही अनुमति है.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ सीरिया की सरकार का समर्थन कर रहे चीन और रूस ने सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद जारी किए जाने वाली प्रेस विज्ञप्ति को रोक दिया. इस विज्ञप्ति को 35 अन्य राष्ट्रों का समर्थन था.

सीरिया विरोध
इमेज कैप्शन, सीरिया में दो साल से हिंसक विरोध चल रहा है जिसमें एक लाख से अधिक लोग मारे जा चुके हैं

अमरीका ने भी इस रसायनिक हमले की ख़बरों पर चिंता जाहिर की है और संयुक्त राष्ट्र से शीघ्र जाँच करने की माँग की है. एक साल पहले ही अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीरिया की सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि रासायनिक हमला करना तमाम सीमाओं को पार करना होगा.

<link type="page"><caption> अल क़ायदा की मौजूदगी से डर क्यों?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130807_al_qaida_yemen_scare_west_an.shtml" platform="highweb"/></link>

उकसावा

वहीं रूस के विदेश मंत्रालय का कहना है कि रसायनिक हमलों की ख़बरें संयुक्त राष्ट्र के जाँच दल के सीरिया पहुँचने के तुरंत बाद आई हैं. मंत्रालय ने कहा, 'इससे हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि एक बार फिर हम सोचे-समझे उकसावे से निबट रहे हैं.'

सीरिया में विपक्षी कार्यकर्ताओं का कहना है कि बुधवार को दमिश्क के बाहरी इलाक़ों पर सेना ने रसायनिक रॉकेट दागे जिससे एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई. बीबीसी स्वतंत्र रूप से मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं कर पाया है.

वहीं सीरिया की सरकार ने इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है. सरकार ने इन आरोपों को तर्कहीन और मनगढ़ंत बताया है. सीरियाई सेना का कहना है कि विपक्ष यह झूठ इस लिए बोल रहा है ताकि हालिया महीने में हुई अपनी क्षति से दुनिया का ध्यान हटा सके.

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