सीरिया संघर्षः क्या हैं अमरीका के 5 विकल्प?

अमरीका के शीर्ष सैन्य कमांडर ने सीरिया संघर्ष में अमरीकी सैनिकों की संभावित भागीदारी में होने वाले ख़र्चे, जोख़िम और फ़ायदों का एक खाका तैयार किया है.
जॉइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ़ के प्रमुख जनरल मार्टिन डेम्प्सी ने पांच विकल्प सुझाए हैं. इनमें <link type="page"><caption> सीमित हमलों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130604_syria_un_report_vk.shtml" platform="highweb"/></link> के साथ-साथ उसे ‘उड़ान पर पाबंदी’ वाला क्षेत्र घोषित करने का भी सुझाव शामिल है.
साथ ही, डेम्प्सी का कहना है कि <link type="page"><caption> सीरिया में बल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130602_syria_hezbollah_ia.shtml" platform="highweb"/></link> का प्रयोग करना “किसी युद्ध से कम नहीं” साबित होगा और इसमें अरबों डॉलर खर्च हो सकते हैं.
अमरीका ने सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप की संभावनाओं से अब तक इनकार किया है.
सीमित भूमिका

फ़िलहाल अमरीका ने पड़ोसी मुल्कों में पनाह लिए हुए <link type="page"><caption> सीरियाई</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/07/130706_syria_abu_sakkar_rebel_heart_sp.shtml" platform="highweb"/></link> शरणार्थियों को मानवीय सहायता पहुंचाने तक अपनी भूमिका सीमित रखी है. साथ ही, वह सीरियाई विपक्ष को बिना हथियारों वाली सहायता देने का भी काम कर रहा है.
सीनेटरों को लिखे गए <link type="page"><caption> खुले खत</caption><url href="http://www.levin.senate.gov/newsroom/press/release/gen-dempsey-responds-to-levins-request-for-assessment-of-options-for-use-of-us-military-force-in-syria" platform="highweb"/></link> में जनरल डेम्प्सी ने पांच सैन्य विकल्पों की पड़ताल की है. अमरीकी सेना इन विकल्पों की शुरुआत सीरिया में कर सकती है.
इन पांच विकल्पों में पहला है- प्रशिक्षण, सलाह और विपक्ष को सहायता. दूसरा विकल्प है- सीमित हमलों की योजना.
तीसरा विकल्प 'उड़ान पर पाबंदी' वाले एक इलाक़े का निर्माण करने से संबंधित है. चौथा विकल्प है- सीरिया के भीतर 'प्रतिरोधक क्षेत्र' की स्थापना और पांचवां और सबसे आखिरी विकल्प है सीरियाई रासायनिक हथियारों को नियंत्रित करना.
'युद्ध' जैसा जोखिम भरा
जनरल डेम्प्सी का आकलन है कि पहले विकल्प में एक साल में 50 करोड़ डॉलर खर्च होंगे जबकि बचे चार विकल्पों में मोटे तौर पर एक अरब डॉलर प्रति महीने की लागत आएगी.
उन्होंने खुले खत में लिखा है, “बल का प्रयोग करने के फैसले को हल्के में नहीं लिया जा सकता. यह किसी 'युद्ध' से कम नहीं है.”
जनरल डेम्प्सी ने माना कि इन कदमों को यदि अमल में लाया जाए तो सीरिया का विपक्ष मज़बूत होगा, साथ ही राष्ट्रपति <link type="page"><caption> बशर-अल-असद</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130530_seria_gets_s300_rd.shtml" platform="highweb"/></link> पर थोड़ा दबाव बनाया जाना संभव होगा.
पिछले हस्तक्षेप से सबक

साथ ही जनरल ने आगाह किया है कि अमरीका को अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में किए गए अपने पिछले हस्तक्षेपों से सबक भी लेना होगा.
उन्होंने कहा, “अपने पिछले 10 सालों के अनुभव से हम कह सकते हैं कि राजनीतिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए बिना ढंग से सोचे विचारे सेना की ताकत का इस्तेमाल पर्याप्त साबित नहीं होगा.”
यूएन के अनुसार सीरिया में 2011 में राष्ट्रपति असद के ख़िलाफ़ शुरू हुई बगावत में अब तक 90,000 से ज़्यादा लोग संघर्ष के दौरान मारे गए हैं.
इसके अलावा अब तक करीब 17 लाख नागरिकों को मजबूरन आस-पास के देशों में शरण लेनी पड़ी है.
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