अमरीका को झटका, स्नोडेन हॉन्गकॉन्ग से मॉस्को रवाना

एडवर्ड स्नोडेन को अमरीकी सरकार ने भगोड़ा घोषित किया है, और उनकी तलाश में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं.
इमेज कैप्शन, एडवर्ड स्नोडेन को अमरीकी सरकार ने भगोड़ा घोषित किया है, और उनकी तलाश में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं.

हॉन्गकॉन्ग की सरकार ने पुष्टि की है कि अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग की तरफ़ से <link type="page"><caption> भगोड़ा घोषित किए गए</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130622_us_nsa_leaks_snowden_sp.shtml" platform="highweb"/></link> एडवर्ड स्नोडेन ने हॉन्गकॉन्ग छोड़ दिया है.

साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट ने “विश्वसनीय सूत्र” के हवाले से बताया कि उन्हें रविवार शाम तक मॉस्को पहुंचना है. ख़बर में कहा गया है कि मॉस्को स्नोडेन की आख़िरी मंज़िल नहीं होगी.

हॉन्गकॉन्ग की सरकार की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि, ''एडवर्ड स्नोडेन में 23 जून को ख़ुद देश छोड़ा और बाक़ायदा नियम-क़ानून के तहत तीसरे देश के लिए रवाना हो गए.''

<link type="page"><caption> स्नोडेन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130610_edward_snowden_profile_ra.shtml" platform="highweb"/></link> एक ख़ुफ़िया विश्लेषक हैं और इस साल मई में अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) द्वारा फ़ोन कॉल्स के रिकॉर्ड और इंटरनेट डेटा की निगरानी किए जाने का ख़ुलासा करने के बाद <link type="page"><caption> वह हॉन्गकॉन्ग चले गए थे.</caption><url href="Filename: http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130610_edward_snowden_missing_ra.shtml" platform="highweb"/></link>

अमरीका को झटका

हॉन्गकॉन्ग में बीबीसी संवाददाता जॉन सुडवर्ड ने कहा है कि इस घटनाक्रम से स्नोडेन को प्रत्यर्पित करने की अमरीकी कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है.

व्हाइट हाउस ने शनिवार को हॉन्गकॉन्ग से संपर्क किया था, ताकि <link type="page"><caption> स्नोडेन</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130609_us_prism_snowden_sm.shtml" platform="highweb"/></link> को प्रत्यर्पित किया जा सके.ओबामा प्रशासन ने बीबीसी से इस बात की पुष्टि की है कि उसने उनके प्रत्यर्पण के लिए कहा था.

हॉन्गकॉन्ग प्रशासन का कहना है कि वाशिंगटन की तरफ़ से जमा कराए गए प्रत्यर्पण दस्तावेज़ ''हॉन्गकॉन्ग के क़ानून की ज़रूरतें पूरी नहीं करते.'' हॉन्गकॉन्ग का कहना है कि उसने इस सिलसिले में अमरीका के जस्टिस डिपार्टमेंट से और जानकारी मांगी थी.

हॉन्गकॉन्ग सरकार ने कहा है, ''सरकार को अमरीकी मांग के बारे में और सूचनाओं की दरकार है. हमारे पास ऐसा कोई क़ानूनी आधार नहीं है जिससे स्नोडेन को हॉन्गकॉन्ग छोड़ने से रोका जा सके.''

एडवर्ड स्नोडेन के ख़िलाफ़ जासूसी और सरकारी संपत्ति की चोरी के आरोप हैं.
इमेज कैप्शन, एडवर्ड स्नोडेन के ख़िलाफ़ जासूसी और सरकारी संपत्ति की चोरी के आरोप हैं.

सरकारी बयान के मुताबिक अमरीका को हॉन्गकॉन्ग सरकार के फैसले के बारे में जानकारी दे दी गई है.

आपराधिक मुक़दमा

इससे पहले अमरीकी न्याय विभाग ने स्नोडेन के खिलाफ आपराधिक मुक़दमा दर्ज कराया था. स्नोडेन के ख़िलाफ़ मुक़दमा ख़ुफ़िया निगरानी अभियान का ब्यौरा सार्वजनिक करने के आरोप में दर्ज कराया गया है.

अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी यानी एनएसए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन के ख़िलाफ़ <link type="page"><caption> जासूसी और सरकारी संपत्ति की चोरी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/06/130609_us_prism_snowden_sm.shtml" platform="highweb"/></link> के आरोप हैं.

अदालती दस्तावेज़ों के मुताबिक वर्जीनिया के पूर्वी ज़िले की एक संघीय अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई और अस्थायी गिरफ़्तारी वारंट जारी किया गया.

प्रत्येक आरोप के लिए अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है. यह शिकायत 14 जून को दर्ज कराई गई थी, हालांकि इस शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया.

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