जब मोबाइल फोन की रोशनी में हुआ ऑपरेशन!

मिस्र की सरकार का कहना है कि बार-बार होने वाले पावर कट के लिए बढ़ती सार्वजनिक खपत ज़िम्मेदार है.
इमेज कैप्शन, मिस्र की सरकार का कहना है कि बार-बार होने वाले पावर कट के लिए बढ़ती सार्वजनिक खपत ज़िम्मेदार है.

मिस्र में स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अचानक बिजली गुल होने की वजह से एक अस्पताल में डॉक्टरों को ऑपरेशन के दौरान रोशनी के लिए अपने मोबाइल फोनों का इस्तेमाल करना पड़ा.

देश के दक्षिण में किना शहर में एक मरीज़ के पित्ताश्य का छोटा सा ऑपरेशन होना था लेकिन इससे पहले ही बिजली गुल हो गई.

अल-मसरी अल-योउम अख़बार के मुताबिक 60-वर्षीय मरीज़ की किस्मत अच्छी थी कि ऑपरेशन करते समय किना के अस्पताल के डॉक्टरों के मोबाइल फोनों की बैटरी पूरी थी.

प्रांतीय गवर्नर ने बाद में मामले की तुरंत जांच के आदेश दिए. उनका कहना था कि इस बात कोई जवाब नहीं था कि अस्पताल के आपातकालिक जैनरेटर क्यों नहीं चले.

दिनचर्या का हिस्सा

हाल के समय में बहुत से मिस्रवासियों के लिए बिजली गुल होना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है.

मोबाइल फोन की लाइट
इमेज कैप्शन, मिस्र के किना शहर में एक अस्पताल में डॉक्टरों को मोबाइल फोन की रोशनी में ऑपरेशन करना पड़ा.

पिछले दो महीनों से मिस्र के कई शहरों में बार-बार बिजली जाने की वजह से ब्लैकआउट हो रहा है.

यहां तक कि राजधानी काहिरा के संपन्न इलाकों और <link type="page"><caption> मुख्य केंद्रों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/05/100531_capetown_power_bu.shtml" platform="highweb"/></link> पर भी इसका असर पड़ा है और पिछले महीने काहिरा के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे की बार-बार बिजली गुल हुई थी.

घंटो बिजली गुल

माना जा रहा है कि आठ करोड़ की आबादी वाले मिस्र के पास बिजलीघरों को चालू रखने के लिए ज़रूरी ईंधन खरीदने के लिए धन नहीं है.

सरकार का कहना है कि बार-बार होने वाले पावर कट के लिए सरकार बढ़ती सार्वजनिक खपत ज़िम्मेदार है जिसके चलते प्रशासन को दिन में दो बार दो-दो घंटे तक बिजली काटनी पड़ती है.

लेकिन मिस्रवासियों का, और ख़ासकर ग़रीब शहरों और गांवों में रहने वाले लोग शिकायत करते हैं कि पावर कट इससे कहीं ज़्यादा लंबे होते हैं.

विपक्ष का आरोप है कि राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी की सरकार अयोग्य है और अर्थव्यवस्था ठीक से नहीं चला रही.

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