सीरियाई विद्रोहियों और हिज़्बुल्लाह के बीच झड़पें

कुसैर
इमेज कैप्शन, कुसैर में विद्रोहियों और सीरियाई सैनिक के बीच घमासान लड़ाई जारी है.

सीरियाई विद्रोहियों और लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के बीच हुई हिंसक झड़पों में कई लोगों के मारे जाने की ख़बरें है.

लेबनानी अधिकारियों के अनुसार ये झड़पें उनके देश की सीमा के भीतर हुई हैं.

हिज़्बुल्लाह के लड़ाके सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के समर्थन में लड़ रहे हैं इसीलिए सीरियाई विद्रोही उन्हें निशाना बना रहे हैं.

दूसरी तरफ़ सीरियाई सेना रणनीतिक रूप से अहम कुसैर शहर में विद्रोहियों के ठिकानों को लगातार निशाना बना रही है. वहां दो हफ़्तों से जारी संघर्ष के कारण आम लोगों को खाने, पानी और दवाओं की क़िल्लत का सामना करना पड़ रहा है.

लेबनान सीमा से नज़दीक सीरिया के कुसैर शहर में सरकारी बलों और विद्रोहियों के बीच घमासान जारी है. कुसैर रणनीतिक रूप से बेहद अहम शहर है.

इस बीच दुनिया की बड़ी ताक़तों के बीच सीरिया के मुद्दे पर बराबर मतभेद बने हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में राजनयिकों का कहना है कि रूस ने उस घोषणापत्र पर एतराज़ जताया है जिसमें कुसैर की स्थिति पर चिंता जताई गई है.

भोजन-पानी कि क़िल्लत

लेबनान
इमेज कैप्शन, सीरिया में चल रहा गृह युद्घ अब लेबनान तक पहुंच गया है.

कुसैर में सरकारी बलों और विद्रोहियों की संघर्ष में फंसे आम लोगों को अब भोजन, पानी और दवाओं की क़िल्लत का सामना करना पड़ रहा है.

संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस अपील कर चुके हैं कि उन्हें आम लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने की इजाज़त दी जाए.

अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति की प्रवक्ता दिबेह फ़ाख़िर ने बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा, ''हम तक जो ख़बरें पहुंच रही हैं, उनमें कहा गया है कि वहां पानी, भोजन और दवाओं की काफ़ी क़िल्लत हो रही है. रिपोर्टों में सैकड़ों लोगों के घायल होने की बात भी कही गई है जिन्हें किसी तरह की देखभाल नहीं मुहैया कराई जा रही है. हज़ारों लोग पहले कुसैर छोड़ चुके हैं. कुछ एजेंसियां उनकी मदद कर रही हैं.''

लेबनान में भी अस्थिरता

सीरियाई गृह युद्ध के चलते पड़ोसी लेबनान में भी अस्थिरता बढ़ती जा रही है.

दरअसल लेबनान का शिया आंदोलन हिज़्बुल्लाह सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद का साथ दे रहा है. ऐसे में सीरिया से लगने वाले लेबनान के इलाक़े में सीरियाई विद्रोहियों और हिज्बोल्लाह लड़ाकों की झड़पें हुई हैं जिनमें दोनों पक्षों के कई लड़ाकों की जानें गई हैं.

कुसैर
इमेज कैप्शन, कुसैर में भारी तबाही मची है और वहां खाने-पीने की चीज़ों की भारी कमी हो गई है.

सीरियाई विद्रोहियों का कहना है कि वो लेबनान के भीतर हमले करेंगे और हिज़्बुल्लाह को निशाना बनाएंगे.

कुसैर में लडाई पिछले महीने उस वक़्त तेज़ हो गई जब हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों ने राष्ट्रपति असद के समर्थन में लड़ना शुरू किया.

इस बीच खबरें हैं कि लेबनान से कुछ सुन्नी भी विद्रोहियों के हक़ में लड़ने के लिए सीमा पार गए हैं.

इस बीच अमरीकी सांसद जॉन मैक्केन ने पश्चिमी देशों से आग्रह किया है कि वो सीरियाई विद्रोहियों को भारी हथियार मुहैया कराएं और उनकी सुरक्षा के लिए सीरिया के ऊपर नो फ्लाइ ज़ोन बनाएं.

हालांकि पश्चिमी देश, रूस की तरफ़ से सीरिया को ज़मीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दिए जाने का विरोध कर रहे हैं.

एक अनुमान के अनुसार सीरिया में मार्च 2011 में विद्रोह शुरू होने के बाद से अब तक 80 हजार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं जबकि लगभग 15 लाख लोग जान बचाने की ख़ातिर देश छोड़ कर चले गए हैं

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