बग़दाद: कार बम धमाकों में 57 की मौत

इराक़ की राजधानी बग़दाद में 11 जगहों पर हुए सिलसिलेवार कार बम धमाकों में कम से कम 57 लोग मारे गए हैं और कई अन्य बुरी तरह से ज़ख़्मी हैं.
बग़दाद में अधिकारियों का कहना है कि ये सिलसिलेवार कार बम <link type="page"><caption> धमाके</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/05/130518_iraq_blast_dozens_killed_sp.shtml" platform="highweb"/></link> मूल रूप से शिया बहुल इलाकों में हुए हैं.
इराक़ में हुई ये ताज़ा घटना एक ऐसे समय में हुई है जब पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक और साम्प्रदायिक तनाव बढ़ा हुआ है.
संवाददाताओं के अनुसार इस ताज़ी घटना के बाद से इराक में 2006 और 2007 में तेज़ी से फैली साम्प्रदायिक हिंसा की <link type="page"><caption> यादें </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/indepth/iraqwar_10thanniversary_pp.shtml" platform="highweb"/></link>ताज़ा हो गई हैं और भय है कि हालात फिर से वैसे ही न हो जाएँ.
बताया जा रहा है कि सोमवार की इस घटना में राजधानी बग़दाद में कम से कम 11 जगहों पर कार बम धमाके हुए हैं.
निशाना
ख़बरों में कहा गया है कि एक कार बम धमाका मध्य बग़दाद में भीड़-भाड़ वाली सल्दोन सड़क पर हुआ.

ज़ैन-अल-अबिदीन इस घटना के एक चश्मदीद हैं और उन्होंने बताया कि मरने वालों में एक चार साल का बच्चा भी शामिल है.
उनका कहना था, "इस तरह के मासूम लोगों ने क्या गुनाह किया जो इन्हें निशाना बनाया गया?".
हालांकि अभी तक किसी गुट ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन पिछले वर्ष से ही बहुसंख्यक शिया मुस्लिम समुदाय और सुन्नी मुसलमानों के बीच तनाव बढ़ा है.
सुन्नी <link type="page"><caption> मुसलमानों </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130322_iraq_war_defects_ar.shtml" platform="highweb"/></link>ने प्रधानमंत्री नूरी-अल-मलिकी पर अपने खिलाफ भेद-भाव के आरोप लगाए हैं.
हालांकि शिया बहुल लोगों की सरकार ने इन आरोपों का लगातार खंडन किया है.
करीब एक हफ़्ते पहले ही देश में हुए कई बम धमाकों में कम से कम 70 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे.
(बीबीसी हिन्दी की <link type="page"><caption> एंड्रॉएड</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link> ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="http://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












