सीरिया: शिया चरमपंथी संगठन असद के समर्थन में

<link type="page"><caption> लेबनान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/07/120707_lebanon_syria_rn.shtml" platform="highweb"/></link> के चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला के प्रमुख हसन नसरल्ला ने कहा है कि गृहयुद्ध से जूझ रहे <link type="page"><caption> सीरिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/12/121127_syria_crisis_pk.shtml" platform="highweb"/></link> के साथ कई सच्चे दोस्त हैं जो उसे <link type="page"><caption> अमरीका</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/08/120820_obama_warns_syria_sdp.shtml" platform="highweb"/></link>, इसराइल या इस्लामी चरमपंथियों के हाथ में नहीं पड़ने देंगे.
उन्होंने कहा कि सीरिया का विपक्ष इतना कमज़ोर है कि वो <link type="page"><caption> बशर अल असद</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/01/130106_syria_assad_vr.shtml" platform="highweb"/></link> की सत्ता को लड़ाई के बल पर नहीं उखाड़ सकता.
नसरल्ला ने चेतावनी दी कि अगर दमिश्क के दक्षिण में स्थित शिया दरगाह को नुकसान पहुंचाया जाता है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. ये दरगाह पैगंबर मोहम्मद की पोती सईदा जैनब को समर्पित है.
हिज़बुल्ला प्रमुख के भाषण को हिजबुल्ला के टीवी स्टेशन अल मनार पर प्रसारित किया गया.
बीबीसी के अरब मामलों के विश्लेषक सेबेस्टियन यूशर के मुताबिक नसरल्ला के बयान से साबित होता है कि हिजबुल्ला सीरिया में चल रही लड़ाई में शामिल है.
सीरिया में विपक्ष लंबे समय से दावा करता रहा है कि <link type="page"><caption> ईरान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/06/120628_iran_support_un_rn.shtml" platform="highweb"/></link> समर्थित शिया संगठन हिजबुल्ला राष्ट्रपति असद की मदद के लिए लड़ाके भेज रहा है.
राष्ट्रपति असद लंबे वक्त से शिया चरमपंथी संगठन के समर्थक रहे हैं.
लड़ाके
नसरल्ला के हवाले से समाचार एजेंसी एएफपी ने कहा, “बड़ी संख्या में विद्रोही लेबनानी लोगों के गांवों पर कब्जा करने की तैयारी में थे. ऐसी स्थिति में सीरियाई सेना को हरसंभव सहायता देना हमारे लिए लाजमी था.”
हिजबुल्ला प्रमुख ने कहा कि उनके संगठन ने कभी भी अपने शहीदों के बारे में जानकारी नहीं छिपाई लेकिन इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि बड़ी संख्या में उनके लड़ाके मारे गए हैं.
उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर दमिश्क के दक्षिण में स्थित शिया दरगाह को नुकसान पहुंचाया जाता है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. ये दरगाह पैगंबर मोहम्मद की पोती सईदा जैनब को समर्पित है.
सीरिया में <link type="page"><caption> सेना</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/12/121226_syria_military_police_revolt_sp.shtml" platform="highweb"/></link> और विद्रोहियों के बीच मार्च 2011 से चल रही लड़ाई में 70,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.












