ग्वांतानामो जेल में हैं क़ैदी भूख हड़ताल पर

क्यूबा की ग्वांतानामो जेल में क़ैदियों की भूख हड़ताल लंबी खिंच रही है. इस पर काबू पाने के लिए अमरीका ने मेडिकल स्टॉफ की संख्या बढ़ा दी है.
कैंप के प्रवक्ता लेफ्टीनेंट कर्नल सैम्युअल हाउस का कहना है कि इस सप्ताह के अंत तक करीब 40 नर्स और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर जेल परिसर पहुंच चुके हैं.
जेल में भूख हड़ताल पर बैठे क़ैदियों की संख्या 100 के आसपास पहुंच गई है. जिसमें 21 को नली के ज़रिए खाना खिलाने की कोशिश हो रही है. ग्वांतानामो जेल में अभी कुल 166 कैदी हैं.
सभी क़ैदी अनिश्चित काल के लिए हिरासत में रखे जाने का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि बहुतों के ऊपर तो कोई आरोप नहीं है फिर भी उनको जेल में रखा गया है.
यह भूख हड़ताल फरवरी में क्यूबा की अमरीकी जेल से शुरु हुई और हाल के हफ्ते में काफी तेज़ी से फैल गई.
कै़दियों का विरोध
ग्वांतानामो जेल में इस तरह की घटनाएं काफी आम हैं. लेकिन वर्तमान क़ैदियों का विरोध काफी लंबा खिंच रहा है और बढ़ता जा रहा है.
ऐसा कहा जा रहा है कि जेल में क़ैदियों के कमरों की तलाशी के दौरान कुरान की प्रतियों को संभालने में लापरवाही हुई थी. जिसके बाद हिंसा भड़क उठी.लेकिन ग्वांतानामो जेल के अधिकारी ऐसे किसी भी दावे से इंकार कर रहे हैं.
13 अप्रैल को जेल में उनके संप्रदाय के आधार पर जेल में एक साथ रखे गए क़ैदियों को बाहर ले जाया जा रहा था. इस समय क़ैदियों ने निगरानी के लिए लगे कैमरों और खिड़कियों को ढंक दिया. उस दौरान हिंसा भड़क उठी.
कैंप अधिकारियों का कहना है कि जेल में भड़की हिंसा के दौरान कुछ क़ैदियों ने चलताऊ हथियारों का इस्तेमाल किया.लेकिन किसी भी क़ैदी को गंभीर चोट नही आयी है.
ग्वांतानामो जेल से लगभग सौ क़ैदियों की रिहाई को मंज़ूरी दे दी गई है,लेकिन उनको रिहा नहीं किया जा रहा है.
अगर क़ैदियों को उनके देश वापस भेजा जाता है तो उनके साथ दुर्व्यवहार होने की भी आशंका है.
क्यूबा की इस जेल को 2002 में शुरु किया गया ताकि 11 सितंबर 2001 के बाद चलाई जा रही आतंकवाद विरोधी मुहिम के अभियुक्तों को यहां पर रखा जा सके.












