एसएमएस पर भारी चैट ऐप्स

ऐप्स
इमेज कैप्शन, नोकिया ने एक ऐसा फोन लांच किया है जो जिसका एक बटन व्हट्सऐप को समर्पित है.

व्हॉट्सऐप जैसे चैट <link type="page"><caption> ऐप्स</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/03/120320_free_apps_ak.shtml" platform="highweb"/></link> पर मैसेज भेजने की बढ़ती लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ रही है और इसने पहली बार परंपरागत <link type="page"><caption> एसएमएस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/12/111215_talaq_sms_vv.shtml" platform="highweb"/></link> टेक्स्ट मैसेज को पीछे छोड़ दिया है.

रिसर्च फर्म इनफ़ॉर्मा के मुताबिक साल 2012 में चैट ऐप्स से प्रतिदिन 19 अरब मैसेज भेजे गए जबकि इसकी तुलना में एसएमएस टेक्स्ट की संख्या 17.6 अरब रही.

मोबाइल उपभोक्ताओं की पसंद में आ रहे इस बदलाव से मोबाइल ऑपरेटरों पर भी बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना है क्योंकि उनके राजस्व का एक बड़ा हिस्सा एसएमएस से आता है.

इनफ़ॉर्मा की पामेला क्लार्क डिक्सन ने कहा कि कुछ ऑपरेटरों की मैसेजिंग से होने वाली कमाई घटने लगी है.

नुकसान

रिसर्च फर्म ओवम के अनुमान के मुताबिक चैट ऐप्स की बढ़ती लोकप्रियता के कारण 2012 में 23 अरब डॉलर से अधिक के <link type="page"><caption> एसएमएस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/08/110820_mobile_sms_ml.shtml" platform="highweb"/></link> राजस्व का नुकसान हुआ.

इनफ़ॉर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में चैट ऐप्स के ज़रिए मैसेजिंग के और अधिक बढ़ने की संभावना है.

साल 2014 तक चैट ऐप्स के माध्यम से प्रतिदिन करीब 50 अरब मैसेज भेजे जाएंगे जबकि परंपरागत एसएमएस की संख्या 21 अरब के लगभग रहने की संभावना है.

हालांकि इनफ़ॉर्मा का साथ ही मानना है कि चैट ऐप्स से मैसेजिंग की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद एसएमएस को उपयोगिता बनी रहेगी.

जान बाकी

क्लार्क डिक्सन ने कहा कि <link type="page"><caption> एसएमएस</caption><url href="http://newsforums.bbc.co.uk/ws/hi/thread.jspa?forumID=14591" platform="highweb"/></link> में अब भी जान है.

उन्होंने कहा "चैट ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले अधिकांश लोगों के पास स्मार्टफोन है. लेकिन उभरती अर्थव्यवस्थाओं और कम विकसित देशों में अब भी लोग सामान्य मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हैं और मैसेज के लिए एसएमएस ही उनका पसंदीदा टूल है."

क्लार्क डिक्सन ने साथ ही कहा कि <link type="page"><caption> एसएमएस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/09/110927_no_sms_ml.shtml" platform="highweb"/></link> को किसी भी फ़ोन से भेजा जा सकता है और इसके लिए स्मार्टफ़ोन की जरूरत नहीं है और यही वजह है कि आने वालों दिनों में भी इसकी उपयोगिता बनी रहेगी.

इनफ़ॉर्मा का अनुमान है कि 2016 तक एसएमएस राजस्व बढ़कर 127 अरब डॉलर पहुंच जाएगा जो कि पिछले साल 115 अरब डॉलर था.