'मलाला जैसे विदेश में हो सरबजीत का इलाज'

सरबजीत का परिवार
इमेज कैप्शन, सरबजीत का परिवार उनकी रिहाई चाहता है

पाकिस्तानी जेल में हमले का शिकार बने भारतीय कैदी <link type="page"><caption> सरबजीत सिंह</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/04/130426_sarabjeet_attacked_lahore_rd.shtml" platform="highweb"/></link> की बहन दलबीर कौर की मांग है कि सरबजीत को भारत भेजा जाए या फिर कम से कम अभी इलाज के लिए पाकिस्तान से कहीं और ले जाया जाए.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने बताया कि वो लाहौर के जिन्ना अस्पताल में सरबजीत से मिली हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

रविवार को दलबीर कौर के अलावा सरबजीत सिंह की पत्नी और दो बेटियां भी पाकिस्तान गईं.

जेल अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को सरबजीत सिंह पर कोट लखपत जेल में दो अन्य क़ैदियों ने हमला कर दिया था जिससे उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं.

दलबीर कौर इससे पहले जब सरबजीत को देखकर अस्पताल से बाहर निकली थीं तो उनके आँसू रुक नहीं रहे थे.

उस समय उन्होंने बताया था, "उन्हें बिल्कुल नहीं पता कि कौन आ रहा है या जा रहा है. मैं कौन हूँ, कहाँ हूँ. इसका उन्हें कोई अंदाज़ा नहीं है."

दलबीर के अनुसार, "मैंने डॉक्टर से पूछा कि जब से वह यहाँ आए हैं तब से उन्होंने कितनी बार आँखें खोली हैं. तो इस पर डॉक्टर का जवाब था कि जब से वह भर्ती हुए हैं उन्होंने एक पल के लिए भी आँखें नहीं खोली हैं. वो इसी हालत में अस्पताल पहुँचे."

सरबजीत की हालत

बीबीसी से बातचीत में दलबीर कौर ने बताया, “हम चाहते हैं कि उन्हें यहां से निकाला जाए. अगर मलाला यूसुफजई को इतनी गंभीर हालत में यहां से बाहर ले जाकर उसका इलाज हो सकता है तो सरबजीत सिंह क्यों नहीं जा सकता.”

तालिबान के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई मलाला यूसुफजई को ब्रिटेन ले जाया गया था जहां अब भी उनका इलाज चल रहा है.

सरबजीत सिंह 1990 से पाकिस्तानी जेल में बंद हैं और धमाकों से सिलसिले में उन्हें मौत की सजा दी गई है. वहीं उनका परिवार सरबजीत को बेगुनाह बताकर बरसों से उनकी रिहाई की अपील कर रहा है.

दलबीर कौर के अनुसार जब उन्होंने डॉक्टर से पूछा कि सरबजीत कब तक ठीक हो जाएंगे तो उन्होंने कहा कि “कुछ नहीं कह सकते, सिर्फ दुआ करो.”

सरबजीत का पोस्टर
इमेज कैप्शन, जेल अधिकारियों के अनुसार सरबजीत सिंह पर कोट लखपत जेल में हमला हुआ

सरबजीत की बेटियों की आवाज़ भी उनकी आँखें नहीं खोल सकी है. दलबीर ने बताया, "मैं सरबजीत की ओर देख रही थी और एक शब्द भी नहीं बोल पाई. मैं तो सिर्फ़ बच्चों को सँभालने और उनके आँसू पोंछने की कोशिश कर रही थी. बच्चे पूछ रहे थे- पापा आप बोलते क्यों नहीं? आप आँखें क्यों नहीं खोलते पापा? पापा प्लीज़ कुछ कहो न, प्लीज़ आँखें खोलो."

'पाक सरकार परेशान'

वहीं सरबजीत सिंह के वकील औवेस शेख का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार खुद उनके मुवक्किल पर हुए हमले से परेशान है.

उनके मुताबिक सरबजीत पर जेल के भीतर हुए हमले की जांच हो रही है. आईजी जेल ने विदेश मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी.

शेख के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री ने इसकी पूरी तरह जांच के आदेश दिए हैं. इस हमले के लिए शेख जेल प्रशासन को जिम्मेदार मानते हैं.

भारत सरकार का कहना है कि वो इस मुद्दे पर पाकिस्तानी अधिकारियों के संपर्क में है. भारतीय उच्चायोग के कुछ अधिकारियों ने लाहौर जाकर सरबजीत की तबीयत का जायजा लिया है.