फेसबुक स्टेटस अपडेट्स और ट्वीट की लाइब्रेरी

ज़रा सोचिए आपने साल भर पहले <link type="page"><caption> फेसबुक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130306_facebook_global_india_da.shtml" platform="highweb"/></link> पर कोई मज़ेदार स्टेटस अपडेट पढ़ा हो या ट्वीट देखा हो और अब आप उसे दोबारा पढ़ना चाहते हों तो क्या होगा. आप उसे नहीं पढ़ पाएंगे.
या किसी <link type="page"><caption> समसामयिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2013/03/130306_facebook_rasmussen_sa.shtml" platform="highweb"/></link> विषय पर इंटरनेट में बहस छिड़ी हो, लोग उस पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हों उसे कुछ साल बाद आप फिर से खंगालना चाहें तो भी शायद आप ऐसा ना कर पाएं.
आपके दिमाग में ज़रूर आता होगा कि काश कुछ ऐसा हो जाय कि किसी खास जगह आपको सभी फेसबुक <link type="page"><caption> स्टेटस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130323_facebook_aramaic_ss.shtml" platform="highweb"/></link> अपडेट्स या मज़ेदार और दिलचस्प ट्वीट्स का संग्रह मिल जाए.
अब ये मुमकिन हो सकता है और इसकी कोशिशें ब्रिटेन में शुरू हो गई हैं.
मशहूर ब्रिटिश लाइब्रेरी और चार अन्य पुस्तकालयों ने मिलकर एक ' <link type="page"><caption> ऑनलाइन लाइब्रेरी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130315_hashtag_facebook_skj.shtml" platform="highweb"/></link>' की अवधारणा रखी है.
ब्रिटिश लाइब्रेरी के पास देश में मौजूद तमाम ऑनलाइन कंटेट का अधिकार है जिसे वो संग्रह करेगी.
100 करोड़ वेबपेज की रिसर्च
इसमें लाखों फेसबुक स्टेटस अपडेट्स, ट्वीट्स और ब्लॉग समेत इंटरनेट पर मौजूद वो तमाम कंटेट होगा जो ब्रिटेन में तैयार हुए हैं.
आकलन है कि इसकी रिसर्च के लिए तकरीबन साल भऱ में 100 करोड़ वेबपेज उपलब्ध होंगे.
इस संग्रह में तकरीबन 48 लाख वेबसाइट्स पर मौजूद कंटेट उपलब्ध होगा.
ब्रिटिश लाइब्रेरी के बेन सैंडर्सन कहते हैं,"लोगों को लगता है कि इंटरनेट पर जो कंटेट आ जाता है वो हमेशा के लिए उपलब्ध होता है लेकिन सच्चाई ये है कि ढेर सारा रिसर्च कंटेट नेट से ग़ायब हो चुका है."
उन्होंने ये भी कहा,"जुलाई 2005 में लंदन ट्यूब में हुए बम ब्लास्ट के बाद लोगों ने इंटरनेट पर जो प्रतिक्रियाएं दी थीं उनमें से काफी कुछ अब मौजूद नहीं है."
फेसबुक, ट्विटर शामिल
इस नए डेटाबेस में विभिन्न विषयों को कवर किया गया है.
जैसे एक फैशन ब्लॉग आने वाले समय में भी लोगों को जानकारी दे सकेगा कि 2013 में फैशन का क्या ट्रेंड था, लोग क्या कपड़े पहनते थे.
इसमें ई-बे, फेसबुक, ट्विटर और राइटमूव जैसी वेबसाइट्स का मटेरियल उपलब्ध होगा.
वैसे इस लाइब्रेरी के संदर्भ में कुछ चिंताएं भी ज़ाहिर की जा रही हैं.
जैसे फेसबुक पर स्टेटस अपडेट करते समय लोग तो यही समझते हैं कि ये सिर्फ उनके दोस्तों के लिए ही उपलब्ध होगा.
लेकिन उन्हें ये नहीं मालूम कि सारी दुनिया ही उनके स्टेटस या कमेंट को पढ़ सकती है.












