इराक के शिया बहुल इलाकों पर हमले, 50 की मौत

इराक़ की राजधानी बग़दाद में कार बमों के सिलसिलेवार धमाकों में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं और करीब 100 ज़ख्मी हुए हैं.
अमरीका के नेतृत्व में शुरू हुए इराक युद्ध की <link type="page"> <caption> 10वीं सालगिरह</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/indepth/iraqwar_10thanniversary_pp.shtml" platform="highweb"/> </link> पर हुए इन धमाकों मे से ज़्यादातर शिया बहुल इलाकों में किए गए.
इराक में वर्ष 2006-07 में <link type="page"> <caption> तीव्र हिंसा</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/indepth/iraqwar_10thanniversary_pp.shtml" platform="highweb"/> </link> के दौर के मुकाबले अब हालात बहुत बेहतर हुए हैं हालांकि अब भी वहां हर महीने औसतन 300 लोग मारे जाते हैं.
छोटे स्तर पर सुन्नी चरमपंथी गतिविधियां अभी भी जारी हैं. सोमवार को 10 कार बम घमाके हुए.
इराक की <link type="page"> <caption> कैबिनेट</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/indepth/iraqwar_10thanniversary_pp.shtml" platform="highweb"/> </link> ने कहा है कि सुरक्षा के बदतर हालात देखते हुए 20 अप्रैल को होनेवाले प्रांतीय चुनाव अब छह महीनों के लिए मुल्तवी किए जा रहे हैं.
शियाओं पर निशाना
पहले धमाके सुबह ऑफिस जाने के समय एक बाज़ार में हुए. शुरुआत कार बम धमाकों से हुई और बाद में दक्षिणी बग़दाद में एक आत्मघाती हमला भी हुआ.
एएफपी समाचार एजंसी के मुताबिक ये धमाके ऐसे समय में हुए हैं जब शहर में कई इलाकों में नए चेक पोस्ट बनाए गए हैं.
अभी किसी गुट ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि इराक में सक्रिय अल-कायदा ने इस साल कई बम धमाके किए हैं.
सुन्नी चरमपंथियों ने कई बार आम नागरिकों और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया है ताकि शिया नेतृत्व वाली सरकार को कमज़ोर किया जा सके औऱ देश में अस्थिरता बनी रहे.
गौरतलब है कि इराक़ में अमरीकी नेतृत्व के हमले की वर्षगांठ नहीं मनाई जाती.












