लड़कों से ज़्यादा लड़कियों को एचआईवी

दक्षिण अफ्रीका में लड़कों से ज़्यादा लड़कियों के <link type="page"> <caption> एचआईवी पॉज़िटिव</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130304_international_america_hiv_baby_da.shtml" platform="highweb"/> </link> होने की वजह ‘पुरुषों का उन्हें फंसाना’ है.
दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री ऐरॉन मोत्सोआलेदी ने कहा है, “साफ़ है लड़कियों के साथ लड़के नहीं बल्कि पुरुष <link type="page"> <caption> यौन संबंध</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2012/12/121201_science_aids_arv_pn.shtml" platform="highweb"/> </link> बना रहे हैं, हमें इन पुरुषों के खिलाफ कुछ करना ही होगा, क्योंकि ये हमारे बच्चों को तबाह कर रहे हैं.”
सोवेतान समाचार पत्र के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2011 में 94,000 लड़कियां गर्भवती हुईं और इनमें से 77,000 ने सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में गर्भपात करवाया.
मोत्सोआलेदी ने कहा कि कुछ गर्भवती लड़कियों की उम्र 10 से 14 वर्ष के बीच थी, और उनमें से भी कई <link type="page"> <caption> एचआईवी पॉज़िटिव</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/07/120717_hiv_prevention_drug_vv.shtml" platform="highweb"/> </link> पाई गईं.
सबसे बड़ा अभियान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका की 10 प्रतिशत आबादी यानि करीब 50 लाख लोग एचआईवी वायरस के साथ जी रहे हैं.
पिछले वर्ष देश की कुल मौतों में से आधी (2,60,000 से ज़्यादा) एड्स की वजह से हुईं.
वर्ष 2009 में ऐरॉन मोत्सोआलेदी के स्वास्थ्य मंत्रालय संभालने के बाद दक्षिण अफ्रीका में एड्स से जान बचाने वाली <link type="page"> <caption> दवा</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/science/2012/07/120717_hiv_prevention_drug_vv.shtml" platform="highweb"/> </link> देने का दुनिया का सबसे बड़ा ऐन्टी-रेट्रोवायरल कार्यक्रम शुरू किया गया.
इसके बाद इन दवाओं का लाभ उठाने वालों की तादाद दोगुनी (15 लाख) हो गई है.












