'इराक़ में नहीं चला अमरीकी डॉलर'

अमरीका ने इराक़ में पुननिर्माण कार्य के लिए 60 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च किए लेकिन एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक इसका नतीजा वो नहीं निकला जो अमरीका चाहता था.
इराक़ में पुननिर्माण कार्य की देखरेख करने वाले एक महानिरीक्षक द्वारा दी गई आख़िरी रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका ने इस पूरे अभियान में कम से कम आठ अरब डॉलर का नुकसान उठाया है.
इस रिपोर्ट को तैयार करने वाले स्टूअर्ट बॉवन ने इन सीमित नतीजों के लिए भ्रष्टाचार, खराब सुरक्षा व्यवस्था और इराक़ी अधिकारियों के साथ अपर्याप्त बोलचाल को दोषी ठहराया है.
तक़रीबन आठ साल तक इराक़ में चली इस लड़ाई में <link type="page"> <caption> अमरीका </caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/02/130224_afgan_us_karzai_ml.shtml" platform="highweb"/> </link>ने कुल लगभग 800 अरब डॉलर खर्च किए और पाँच हज़ार से ज्य़ादा लोगों की जानें गईं.
'इन लर्निंग फ्रॉम इराक़'
अमरीकी संसद को दी गई अपनी आखिरी रिपोर्ट 'इन लर्निंग फ्रॉम इराक़' में स्टूअर्ट बॉवन ने लिखा है कि इराक़ में मिली असफलता अमरीका के लिए एक सबक है, जो उसे आगे इस तरह के किसी भी पुननिर्माण के काम को शुरु करने से पहले सचेत करेगी.
अमरीका ने साल 2014 के अंत तक <link type="page"> <caption> अफ़गानिस्तान</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130227_hagel_india_afganistan_vd.shtml" platform="highweb"/> </link> से अमरीका फौज को हटाने का फैसला किया है.
ये रिपोर्ट इराक़ के विभिन्न शहरों और इलाकों में की गई जांच-पड़ताल और लेखा-परीक्षण के आधार पर किया गया है. इस दौरान कई अमरीकी अधिकारियों और राजनेताओं से भी बातचीत की गई.
बॉवन के अनुसार, ''लोगों के मन में एक आम राय ये है कि इस पुननिर्माण कार्य के और बेहतर नतीजे आने चाहिए थे और इसमें अमरीका को काफी नुकसान हुआ है.
योजना का अभाव

इराक़ के प्रधानमंत्री नौउरी अल-मलीकी ने स्टूअर्ट बॉवन से कहा कि इस पूरे अभियान के दौरान अमरीकी पैसे की काफी बर्बादी हुई है.
मलीकी के अनुसार, ''अमरीका द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम से इराक़ में कई बड़े बदलाव लाए जा सकते थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ.''
इराकी संसद के स्पीकर और देश के शीर्ष सुन्नी अधिकारी ओसामा अल-नुजाफी के अनुसार पुननिर्माण की इन योजनाओं के कई अनचाहे नतीजे सामने आए हैं.
जबकि कुर्द अधिकारी कुबद तालाबानी ने लेखा परिक्षकों से कहा, ''आपको ऐसा लगता है कि अगर कहीं समस्या है तो उसे पैसा फेंककर ठीक किया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है. यहां कुछ भी योजनाबद्ध तरीके से नहीं किया गया था.''
प्रमुख रिपब्लिकन सिनेटर बॉब कोर्कर ने विदेशी संबंधों का काम-काज देखने वाली समिति से कहा, ''इस रिपोर्ट में जो कुछ लिखा गया है कि वो स्तब्ध करने वाला है और इससे हमें सबक लेने की ज़रुरत है ताकि हम अफगानिस्तान में दोबारा ऐसी ग़लती ना दोहराएं.''
<link type="page"> <caption> अमरीका</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130303_international_nato_afghanistan_sp.shtml" platform="highweb"/> </link> ने 12 साल की अवधि में अफ़गानिस्तान में अपनी सैन्य उपस्थिती के दौरान पुननिर्माण में 90 अरब डॉलर रुपये खर्च किए हैं.












