चीन में भ्रष्टचार सबसे बड़ी समस्या: वेन

चीनी संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के सालाना सत्र का उदघाटन करते हुए चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने स्थिर वृद्धि, भ्रष्टाचार से निपटने और बेहतर कल्याणकारी कदमों का वादा किया है.
उन्होंने आने वाले दिनों में देश की राजनीति को संभालने वाले नेताओं से कहा कि भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों पर अंकुश, प्रदूषण और धीमी आर्थिक विकास दर जैसी समस्याओं का निदान जल्द से जल्द तलाशना होगा.
वेन जियाबाओ ने चीन में अमीर और गरीब के बीच बढ़ती खाई की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस अंतर को कम किए बिना चीन के आम लोगों के जीवन को बेहतर नहीं बनाया जा सकता.
नेशनल पीपुल्स कांग्रेस का ये सत्र इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें चीन के नए नेता अगले दस साल के लिए औपचारिक तौर पर देश की सत्ता संभालेंगे. पिछले साल शी जिनपिंग को सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी का नेता चुना गया और वो चीन के नए राष्ट्रपति होंगे.
बतौर प्रधानमंत्री वेन ने आखिरी बार सरकार के कामकाज का ब्यौरा पेश किया. इसी सत्र में ली केचियांग को वेन की जगह नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया जा सकता है. इस सत्र के दौरान ही नई सरकार के कई अहम पदों पर नियुक्तियां होगी.
प्राथमिकताएं
संसद सत्र की शुरुआत में पारंपरिक तौर पर सरकार का लेखा जोखा पेश किया गया. प्रधानमंत्री वेन ने अतीत की उपलब्धियों और भावी योजना के बारे में अपने भाषण में संतुलित विकास पर जोर दिया.
उन्होंने 2012 की तरह इस बार भी 7.5 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य रखा है. वहीं मुद्रास्फीति का लक्ष्य 3.5 प्रतिशत तय किया गया है. साथ ही शहरी क्षेत्र में 90 लाख नई नौकरियों के अवसर पैदा करने का वादा किया गया है.
वेन ने कहा कि घरेलू उपभोग को बढ़ाना अहम प्राथमिकता है. उन्होंने इसे ‘आर्थिक विकास के लिए दीर्घकालीन रणनीति’ बताया.
वेन ने कहा कि चीनी समाज में होने वाले नाटकीय बदलावों से सामाजिक समस्याएं भी बढ़ी हैं, इसलिए रोजी रोटी से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना होगा.
वेन ने कहा, “हमें लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाना होगा और यही पूरी सरकार का लक्ष्य है. इसे पूरी प्राथमिकता देनी होगी और सामाजिक विकास को मजबूत करना होगा.”
उन्होंने गरीब लोगों के लिए पेंशन प्रावधान बेहतर करने की भी बात की और विकास के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा.
नवंबर में पार्टी का नेता चुने जाने के बाद शी ने भी अपने भाषण में भ्रष्टाचार को बड़ी समस्या बताया था. वेन ने अपने भाषण में सत्ता पर बेहतर लगाम कसने पर जोर दिया.
चीन से चुनौती

सरकारी मीडिया ने कहा है कि चीन के रक्षा खर्च को 10.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 115.7 अरब डॉलर किया जाएगा. हालांकि ये 2012 में की गई 11.2 प्रतिशत की वृद्धि से जरा कम है.
चीन के रक्षा बजट में कई सालों से दो अंकों वाली वृद्धि हो रही है, हालांकि पर्यवेक्षक मानते हैं कि उसका कुल रक्षा बजट इससे कहीं ज्यादा है. वैसे चीनी रक्षा बजट अब भी अमरीका के रक्षा बजट से कम है.
चीन की बढ़ती आर्थिक और सैन्य ताकत एशिया में भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे कई देशों के लिए चिंता का विषय है.
कुछ द्वीपों को लेकर चीन का जापान और दक्षिण कोरिया से विवाद चल रहा है.
अपने भाषण में वेन ने चीन की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखे का वादा किया.












