अंग्रेजी में लुढ़के, तो डॉक्टरी से गए

मेडिकल की पढ़ाई के बाद ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के लिए <link type="page"> <caption> प्रैक्टिस</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121026_prosthetist_myjob_sa.shtml" platform="highweb"/> </link> करने की चाह रखने वाले <link type="page"> <caption> डॉक्टरों</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130208_my_job_dermatologist_sb.shtml" platform="highweb"/> </link> को अब ये साबित करना होगा कि उन्हें अच्छी अंग्रेजी आती है.
सरकार ने इस बात की पुष्टि की है कि एनएचएस में अप्रैल से नियुक्ति के लिए अंग्रेजी की अच्छी समझ को कानूनी तौर पर जरूरी शर्त के तौर पर जोड़ दिया गया है.
पिछले ब्रिटेन में एक जर्मन डॉक्टर डेनियल उबानी ने अपनी पहली और आखिरी शिफ्ट में किसी मरीज़ को जानलेवा <link type="page"> <caption> खुराक</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121009_myjob_aruna_broota_sa.shtml" platform="highweb"/> </link> दे दी थी.
इस घटना के बाद से ही अंग्रेजी ठीक से नहीं समझने वाले डॉक्टरों को लेकर चिंताएं जताई जाने लगी थी.
डॉक्टर डेनियल को इससे पहले उनकी खराब अंग्रेजी के चलते नौकरी देने से मना कर दिया गया था.
जरूरी है अंग्रेजी
स्वास्थ्य विभाग ने कहा,“अस्पतालों में मरीजों का इलाज करने से पहले विदेशी डॉक्टरों को यह साबित करना होगा कि वे अंग्रेजी की जरूरी समझ रखते हैं.”
लीड्स प्राइमरी केयर ट्रस्ट ने डॉक्टर डेनियल की सेवाएं लेने से इनकार कर दिया था लेकिन उन्हें कैम्ब्रिजशायर में काम मिल गया था.
अप्रैल से ब्रिटेन में <link type="page"> <caption> जनरल प्रैक्टिस</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/05/120511_doctor_breast_uk_sm.shtml" platform="highweb"/> </link> करने वाले डॉक्टरों की एक सूची बनाई जाएगी ताकि डॉक्टर देश के एक भाग में खारिज किए जाने के बाद कहीं और नौकरी न पा सकें.
सूची में शामिल किए जाने के लिए इन विदेशी डॉक्टरों को अपनी अंग्रेजी की समझ को साबित करना होगा.
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर डैन पाउल्टर ने कहा, “ये फैसला मरीजों की सही देखभाल को ध्यान में रख कर उठाया गया है, ताकि मरीज और डॉक्टर दोनों ही एक दूसरे की भाषा समझ सकें और उन्हें अपनी बात समझा सकें. हम चाहते हैं कि मरीजों को सबसे बेहतर इलाज मिले.”












