नेस्ले के खाद्य पदार्थों में भी 'घोड़े का मांस'

खाद्य उत्पाद बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी स्विट्जरलैंड की नेस्ले का नाम उस विवाद में शामिल हो गया है जिसमें <link type="page"> <caption> गाय के मांस</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/04/120416_beeffest_violence_ac.shtml" platform="highweb"/> </link> से बने उत्पादों में घोड़े के मांस की मिलावट के मामले सामने आए हैं.
नेस्ले ने अपने कुछ उत्पादों में घोड़े के डीएनए मिलने के बाद इटली और स्पेन के बाजारों से अपने रेडी मेड पास्ता व्यंजन हटा लिए हैं.
जर्मनी से आए मीट से बने नेस्ले के खाद्य पदार्थों में डीएनए परीक्षण के ज़रिए घोड़े का मांस पाया गया है.
कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक खाद्य पदार्थों में घोड़े के मांस के अंश बेहद कम हैं लेकिन ये एक फीसदी से ऊपर पाए गए हैं. बीबीसी हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि जर्मनी के उनके इस सप्लायर के माल में गड़बड़ी पाई गई है.
स्वास्थ्य पर असर
परीक्षण के बाद नेस्ले ने इटली और स्पेन से बुईटोनी बीफ रेवियोली और बीफ टॉर्टिलेनी को हटा लिया है.

पिछले हफ्ते कंपनी ने कहा था कि उसके खाद्य पदार्थों में घोड़े का मांस नहीं है.
मामला सामने आने के बाद कंपनी अब अपने सभी उत्पादों का परीक्षण करवाएगी.
दूसरी तरफ फ्रांस में इसी तरह के आरोपों से घिरी कंपनी स्पांगहेरो का लाइसेंस बहाल कर दिया गया है.
गो-मांस के बदले घोड़े का मीट बेचे जाने के इस मामले में अब तक 12 यूरोपीय देश शामिल हो चुके हैं.
ब्रिटेन में पुलिस ने इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. दूसरी तरफ जर्मनी में भी मांस युक्त फ्रोजन चीजों को बाजार से हटाया जा रहा है.
खाद्य सुरक्षा एजेंसियां का कहना है कि इस तरह के मांस से घोड़ों को दवा के तौर पर दिए जाने वाले तत्व मानव खाद्य श्रंखला में शामिल हो रहे हैं.












