फोटो स्कैंडल में केट मिडलटन?

डचेज ऑफ कैम्ब्रिज <link type="page"> <caption> केट मिडलटन</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/04/110420_royalwedding_rp.shtml" platform="highweb"/> </link> की बिकिनी वाली तस्वीरों के इटली की एक मैगजीन में प्रकाशित होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है.
<link type="page"> <caption> चार महीनों की गर्भवती केट</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/12/121204_kate_hospital_pk.shtml" platform="highweb"/> </link> को ‘ची मैगजीन’ ने अपने कवर पेज पर कैरिबियाई द्वीप के सागर तट पर बिकिनी पहने हुए दिखाया है.
मैगजीन ने इसका शीर्षक लगाया है,“ <link type="page"> <caption> द बेली ग्रोज</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/12/121203_international_europe_kate_pregnant_vv.shtml" platform="highweb"/> </link>”.
सेंट जेम्स पैलेस के प्रवक्ता ने मंगलवार रात को मैगजीन के प्रकाशन से पहले कहा, “छुट्टियां बिताने के दौरान राजकुमार विलियम और केट की ली गई <link type="page"> <caption> तस्वीरों</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/09/120918_kate_franceblock_as.shtml" platform="highweb"/> </link> के दुनिया भर में प्रकाशित होने की संभावना से हम निराश हैं. यह उनकी निजता के अधिकार का सरासर उल्लंघन है”.
हालांकि प्रवक्ता ने शाही दंपत्ति द्वारा इस मुद्दे पर किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
फोटो स्कैंडल
इस जोड़े ने दिसंबर में ही घर में नए मेहमान आने की बात का खुलासा किया था.
फोटो स्कैंडल पर जारी विवाद के बीच <link type="page"> <caption> मैगजीन के संपादक</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/11/121124_international_europe_kate_topless_as.shtml" platform="highweb"/> </link> ने केट की तस्वीरों के इस्तेमाल का बचाव किया और कहा,“ये तस्वीरें एक युवा प्रेमी जोड़े की हैं”.
अलफांसो सिगनोरिनी ने बीबीसी से कहा,“तस्वीरें किसी की निजता का उल्लंघन नहीं करती”.
उन्होंने कहा,“ये तस्वीरें बेहद सामान्य और इनका इस्तेमाल केवल मैगजीन की कवर पेज के लिए किया गया है”.
इस बीच एक आस्ट्रेलियाई मैगजीन ने भी सोमवार को इसके प्रकाशन की योजना बनाई है और आईटीवी ने इस मैगजीन को बिना धुंधला किए हुए इसके प्रकाशन पर माफी मांगी है.
सिगनोरिनी कहते हैं,“यह भी एक सच है कि इटली का प्रेस का बंकिमघम पैलेस और ब्रिटिश प्रेस के बीच हुए भद्रजनों वाले करार से कोई लेना-देना नहीं है”.












