दुनिया भर में खौफ़ के साये में महिलाएं

दिल्ली में चलती बस में सामूहिक बलात्कार मामले के बाद देश भर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे. आज पूरी दुनिया में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर <link type="page"> <caption> सौ करोड़ का अभियान</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130214_one_billion_rising_delhi_pk.shtml" platform="highweb"/> </link> चलाया जा रहा है.
वैलेंटाइन डे का भी मौका है. दुनिया भर में महिलाएं रात में निकलती हैं, घूमने फिरने के लिए, डिस्को जाने के लिए और पबों में शराब पीने के लिए.
महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर कितनी चिंतित होती हैं. हमने यही जानने की कोशिश की. इसके लिए हमने दुनिया के अलग अलग हिस्सों की युवतियों से बात की.
मासिया बाजेलामिट, 22 साल, रमाल्लाह में पत्रकार

वैलेंटाइन डे की रात मेरे लिए ख़ास है. मैं इस दिन मौज मस्ती के लिए बाहर निकलूंगी. मैं म्यूज़िक के लिए कहीं भी जा सकती हूं. मुझे ड्रिंक करने की आदत है. तो वह भी लूंगी.
नृत्य करना मुझे काफी पसंद है, लिहाजा मैं कभी हील वाले सैंडिल नहीं पहनती.
मैं ऐसे कपड़े पहनती हूं जो फैशनबल हों. सुंदर दिखने और फूहड़ दिखने में फर्क होता है. अगर आप इस अंतर को पाट भी लेती हैं तो कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन आप पर लोगों की नजर पड़ती है.
मैं झूठ बोल रही होऊंगी, अगर मैं ये कहूं कि जब पुरुष मेरी ओर आकर्षित होते हैं तो मुझे अच्छा नहीं लगता. मुझे खुले दिमाग वाले लोग अगर देखते हैं तो अच्छा लगता है. लेकिन रमाल्लाह में ऐसे लोग महज 20 फीसदी हैं. बाकियों के देखने पर मुझे कोफ्त होती है.
रमल्लाह की सड़कों पर चलते वक्त आप छेड़छाड़ के शिकार भी होते ही हैं. मेरे साथ भी कई बुरे अनुभव हुए हैं. इसकी शुरुआत कब हुई ये पता ही नहीं चला.
मैं जब रात में अकेली होती हूं कई बार लड़कों के समूह को देखकर फोन पर अपने पिता से बात करने का नाटक करने लगती हूं.
जैकी केमेगिसा, 20 साल कंपाला की छात्रा

मैं अमूमन शुक्रवार या फिर शनिवार की रात अपने दोस्तों के साथ डांस करने और ड्रिंक लेने के लिए निकलती हूं.
कपड़े तो मैं मूड के मुताबिक पहनती हूं. कई बार जिन दोस्तों के साथ निकलती हूं उनका ख्याल करके और कई बार सफ़र किस चीज से कर रही हूं इसका भी ख्याल रखना होता है.
अगर मैं लड़कियों के साथ रात में निकलती हूं तो थोड़े छोटे कपड़े पहनती हूं, हील वाली सैंडिल भी पहनती हूं. लेकिन ऐसा तब करती हूं जब कार से लौटना हो. नहीं तो
मैं जींस और फ्लैट जूते पहनती हूं.
रात में अकेले निकलना सुरक्षित नहीं लगता लेकिन अगर पुरुष मित्र के साथ निकलती हूं तो थोड़ी बहुत सुरक्षा महसूस होती है.
लेकिन मुझे भी छेड़छाड़ का सामना करना पड़ा है, लोग मुझे सीधे सीधे पूछते हैं कि एक रात के लिए कितने पैसे लोगी.
दरअसल कंपाला में छोटे स्कर्ट पहनने वाली लड़कियों को लोग अच्छी नजरों से नहीं देखते.
जो लेहमन, 25 साल, मेलबर्न, युवा पेशेवर

एक अच्छी रात वो होती जब आप अच्छे दोस्तों के साथ खूब अच्छा म्यूज़िक सुन रहे होते हैं या फिर डांस कर रहे होते हैं.
मैं रात में निकलते वक्त हमेशा अच्छे कपड़े पहनती हूं. जिस दिन जैसा मूड होता है वैसे कपड़े पहनती हूं.
मेरे ख्याल से जब मैं तैयार होकर निकलती हूं तो पुरुष मेरी ओर देखते ही हैं. जहां मैं सहज रहती हूं वहां लोग मेरे जिस्म को देख रहे होते हैं तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होती लेकिन दूसरी जगहों पर मैं इससे असहज हो जाती हूं.
मैं जिस तरह के कपड़े पहनती हूं उससे भी लोगों का रवैया बदलता है. हालांकि अभी तक मुझे कोई बुरा अनुभव तो नहीं हुआ है लेकिन रात में मैं अकेले नहीं निकलती. ये सुरक्षित नहीं है.
एक महिला पत्रकार जो मुझसे उम्र में ज़्यादा बड़ी नहीं थीं, उनकी मेरे पड़ोस में ही बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई. इस घटना के बाद हम दोस्तों में सुरक्षा को लेकर अक्सर बातें होती हैं.
डेनिएला ब्रासील, 31 साल, रियो डि जेनेरो, एचआर मैनेजर

शनिवार की रात को हम घूमने निकलते हैं लेकिन मैं नाइट क्लब ज्यादा नहीं जाती.
रियो में लोग स्कर्ट खूब पहनते हैं. अममून पार्टियों के लिए मैं जूते ही पहनती हूं क्योंकि ऊंची सैंडिल ज्यादा देर तक नहीं पहना जा सकता.
कई पुरुष मेरी ओर दिलचस्पी वाली नजरों से देखते हैं या कहें घूरते हैं. अगर उन्हें मौका मिलता है तो वे बात करने की कोशिश भी करते हैं. कई बार ये भी हमें भी अच्छा लगता है.
मैं टाइट फ़िटिंग के कपड़े पहनना पसंद करती हूं लेकिन ख्याल रखती हूं कि वह फूहड़ नहीं लगे. फूहड़ कपड़े पहनने वाली लड़कियों को देखकर पुरुषों का रवैया असभ्य वाला हो जाता है.
मेरे साथ कोई बुरा अनुभव तो नहीं हुआ है लेकिन कई बार पुरुष तो पीछे ही पड़ जाते हैं.
मेरे ख्याल से ब्राज़ील महिलाओं के लिए सुरक्षित जगह है.
जेलिना रे ग्रीनवुड, 23 साल, ओटावा, लॉबिस्ट

शनिवार को हम लोग रात में घूमने फिरने निकलते हैं. दोस्तों में तय होता है कि कहां जाना है.
मैं अमूमन ब्लैक ड्रेस पहनती हूं. कई बार ऐसे कपड़े भी पहनती हूं जिसे आप भड़काऊ कह सकते हैं.
लेकिन जब कोई मेरी ओर घूरता है तो मुझे ख़राब लगता है. हालांकि मैं बीयर बार में लोगों के साथ बात करती हूं. बार में पुरुष लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश तो करते ही हैं.
रात में मैं जब भी अकेले निकलती हूं तो काफी सजग रहती हूं. रात में तो मैं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती.
महिला होने के नाते मेरे ऊपर ख़तरा ज़्यादा है, ये मैं जानती हूं. मैं अपनी जेब में एक बड़ी चाबी रखती हूं जिसका इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया जा सके.












