
हाफिज़ सईद ने गृहमंत्री शिंदे की प्रतिक्रिया में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है
भारत के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के हिंदू आतंकवाद के मुद्दे पर दिए गए विवादास्पद बयान के बाद तीख़ी प्रतिक्रिया आनी तेज़ हो गई है.
आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रवक्ता राम माधव ने ट्विटर पर ट्वीट किया है कि 'शिंदे अपने इस बयान के बाद चरमपंथी संगठनों के चहेते बन गए हैं.'
राम माधव के मुताबिक शिंदे इस तरह के बयान देकर देश के दुश्मनों की मदद कर रहे हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है, ''मुझे ऐसी जानकारी मिली है कि पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन जमात-उद-दावा शिंदे के इस बयान पर उन्हें बधाई दे रहा है.''
राम माधव के अनुसार चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भी शिंदे के इस बयान पर उन्हें बधाई दी है.
जमात ने उठाए गंभीर सवाल
इससे पहले प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा ने शिंदे के बयान का सोशल नेटवर्किंग ट्वीटर साइट पर स्वागत करते हुए कहा है, "हम भारत के गृहमंत्री सुशील शिंदे के इस इक़बालिया वक्तव्य का स्वागत करते हैं."
जमात ने आगे अपने ट्वीट में लिखा है, ''हम उम्मीद करते हैं कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया शिंदे के इस बयान पर ध्यान देगी.''
"ये ज़रूरी हो गया है कि पूरी दुनिया इस बयान पर ध्यान दे और भारत को एक ऐसे देश के रूप में घोषित किया जाए जो अपनी धरती से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है. ये बहुत ही गंभीर मसला है क्योंकि जिस पार्टी की पहले सरकार रह चुकी है उसी पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं"
हाफिज़ सईद, अध्यक्ष, जमात-उद दावा
वे आगे लिखते हैं कि अगर पाकिस्तान की मीडिया, राजनैतिक और धार्मिक संगठन शिंदे के इस बयान पर चुप रहते हैं तो ये पाकिस्तान के साथ विश्वासघात करने जैसा होगा.
जमात-उद-दावा ने एक अन्य ट्वीट में पूछा है कि क्या संयुक्त राष्ट्र शिंदे के वक्तव्य के बाद बीजेपी और आरएसस जैसी पार्टियों पर रोक लगाएगी और क्या अमरीका अब नरेंद्र मोदी के सिर पर ईनाम घोषित करेगा?
जमात-उद-दावा के अध्यक्ष और लश्कर-ए-तैय्यबा के पूर्व संस्थापक हाफिज़ सईद ने मांग की है कि पाकिस्तान इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मंच पर उठाए.
हाफिज़ कहते हैं, "अब ये ज़रूरी हो गया है कि पूरी दुनिया भारत के गृहमंत्री के इस बयान पर दे और भारत को एक ऐसे देश के रूप में घोषित किया जाए जो अपनी धरती से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है. ये बहुत ही गंभीर मसला है क्योंकि जिस पार्टी की पहले सरकार रह चुकी है उसी पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं."
हाफिज़ सईद ने कहा है कि इस बयान के साथ ही भारत का दोहरा चरित्र सबके सामने आ गया है.
वक्तव्य

शिंदे के बयान के बाद कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने भी सफ़ाइयाँ दी थीं
इससे पहले रविवार को जयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर के दौरान गृहमंत्री ने मुख्य विपक्षी दल भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर आरोप लगाया था कि उनके कैंपों में कथित तौर पर हिंदू आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया जाता है.
गृहमंत्री ने उनके पास आई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था, "हमारे पास ख़बरें हैं कि भाजपा और आरएसएस के ट्रेनिंग कैंप, हिंदू आतंकवाद बढ़ाने का काम देख रहे हैं."
शिंदे ने बाद में अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, ''ये सब इतनी बार अख़बार में आ गया है. ये कोई नई चीज़ नहीं है जो मैंने आज कही है. मैंने भगवा आंतकवाद की ही बात मैंने की है, कोई दूसरी बात नहीं की है."
गृहमंत्री के इस बयान की भाजपा और आरएसएस, दोंनो ने ही कड़ी आलोचना की है और इस पर आपत्ति जताते हुए उनसे इसे वापस लेने की मांग भी की है.








