नया नहीं है अमरीका में 'कत्लेआम' होना...

कनेक्टीकट राज्य में एक बंदूकधारी ने 26 लोगों को गोलियों से भून डाला. ये गोलीबारी न्यूटाउन के सैंडी हुक एलिमेन्टरी स्कूल में शुक्रवार को हुई.
इस हादसे में 20 बच्चों समेत 26 लोगों की मौत हो गई.
इस घटना के बाद देश के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति बराक ओबामा काफी सदमे में दिखे.
ओबामा ने कहा कि ये पहला मौका नहीं है कि अमरीका में ऐसी दर्दनाक घटना हुई है.
इससे पहले भी कई बार ऐसे हादसे हो चुके हैं जिसमें कई लोग बेमौत मारे गए हैं.
कोलोराडो
इसी साल जुलाई में अमरीका के डेनवर शहर में बैटमैन फ़िल्म के प्रीमियर के दौरान सिनेमाघर में धुँआ छोड़ने के बाद एक नकाबपोश बंदूकधारी ने अंधाधुँध गोलीबारी की थी.
इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे.
इस घटना के संदिग्ध अभियुक्त 24 साल के जेम्स होम्स थे.
पुलिस का कहना था कि होम्स ने 'हिसाब लगाकर और सोचविचार कर' ये काम किया और इसके लिए वो महीनों पहले से विस्फोटक इकट्ठा कर रहे थे.

विस्कॉनसिन
इस घटना के कुछ ही दिन बाद अमरीका के विस्कॉन्सिन राज्य के ओक-क्रीक शहर में एक गुरूद्वारे में हुई गोलीबारी में सात लोग मारे गए थे.
इनमें से चार लोगों के शव गुरूद्वारे के अंदर और तीन के बाहर पार्किंग में पाए गए थे.
इस घटना में कई लोग ज़ख्मी भी हुए थे जिनमें से एक पुलिस अफ़सर और एक बंदूकधारी और गुरूद्वारे के अध्यक्ष भी शामिल थे.
ओक-क्रीक के बावेल एवेन्यू पर स्थित यह गुरूद्वारा सन 1980 में बनाया गया था.
इस गुरूद्वारे में खासकर छुट्टियों के दिन 100 से ज्यादा लोग जमा होते हैं.
टेक्सास
टेक्सास के फोर्ट-हुड मिलिट्री बेस में साल 2009 में हुए एक कत्लेआम में 13 लोगों की मौत हो गई थी.
ये कत्लेआम मेजर हसन नाम के एक सैन्य अफसर द्वारा अंजाम दिया गया था जो सेना में मनोवैज्ञानिक के तौर पर कार्यरत था.
इस हमले में 32 लोग घायल हो गए थे. मेजर हसन पर 13 लोगों की हत्या करने और हत्या की 32 कोशिशों का आरोप लगा था.
किसी भी अमरीकी मिलिट्री बेस पर होने वाला ये सबसे बड़ा कत्लेआम था.
वर्जिनिया टेक यूनिवर्सिटी

16 अप्रैल 2007 को अमरीका के वर्जीनिया शहर के वर्जीनियाटेक विश्वविद्यालय परिसर में अंधाधुंध गोलीबारी हुई जिसमें कम से कम 32 लोग मारे गए थे और 10 लोग घायल हो गए थे.
गोलीबारी वर्जीनिया तकनीकी विश्वविद्यालय में दो जगहों पर हुई थी और लगातार दो घंटों तक चली थी. गोलीबारी क्लासरूम के भीतर हुई थी.
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार हमलावर बंदकधारी ने 32 लोगों की हत्या के बाद ख़ुद को भी गोली मार ली थी.
कोलंबियन हाई स्कूल कत्लेआम
20 अप्रैल 1999 को मैनचेस्टर के कोलंबियन हाई स्कूल के दो किशोर छात्रों ने अंधाधुध फायरिंग कर अपने 12 स्कूली साथियों और एक टीचर की हत्या कर दी थी.
इस हादसे में 20 लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे.
इस घटना को 20 साल से ज्य़ादा हो चुके हैं.












