फिलीपींस: तूफ़ान में 325 से ज़्यादा की मौत

दक्षिणी फिलीपींस में आया विनाशकारी तूफ़ान लगातार क़हर बरपा रहा है.
इस तूफ़ान से मरने वालों की संख्या दो 325 तक पहुंच गई है. हालांकि तूफ़ान प्रभावित इलाकों में राहत कार्य भी लगातार जारी है.
ज़्यादातर इलाकों में राहत दल पहुंच चुके हैं लेकिन कई दूर दराज़ के क्षेत्रों में पहुंचने में राहत दल को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
पश्चिमी टापू पालावान से कई इलाक़ों को तूफ़ान आने से पहले ही ख़ाली करा लिया गया था.
ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि ये तूफ़ान जल्दी ही दक्षिणी चीन महासागर की तरफ चला जाएगा.
कंपोस्टेला घाटी में तैनात सरकारी सूचना अधिकारी फे-मेस्त्रे ने बीबीसी को बताया कि बचाव दल सेना और राहत देने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रही है.
फे-मेस्त्रे के अनुसार बोफ़ा तूफा़न के कारण 70 प्रतिशत से ज्य़ादा खेत-खलिहान नष्ट हो गए हैं.
पानी की तेज़ धार
पूर्वी मिंदनाओ की कंपोस्टेला घाटी में बोफ़ा तूफ़ान का सबसे ज़्यादा असर हुआ है.
पड़ोसी प्रांत दावाओ ओरियंटेल प्रांत में भी तूफ़ान से काफी नुकसान हुआ है. यहां करीब 50 लोगों के मरने की आशंका है.
कंपोस्टेला के अंडाप गांव में राहत शिविर की तरह इस्तेमाल में लाए जा रहे स्कूल और सामुदायिक भवन भी इस तूफ़ान की चपेट में आ गया.
पहाड़ों से गिर रही मिट्टी और पानी ने स्कूल और सामुदायिक भवन को नष्ट कर दिया.
इस हादसे में 43 लोगों की मौत हो गई है और इससे कुछ ज्य़ादा के लापता होने की खबर है. इनमें वे सैनिक भी शामिल हैं जो वहां राहत कार्य के लिए गए हुए थे.
कंपोस्टेला के प्रांतीय गवर्नर आर्टुरो उई ने स्थानीय मीडिया को बताया, ''उन्हें ये लगा कि वे उस सुरक्षित जगह पर सकुशल रहेंगे, लेकिन उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि पानी की धार वहां तक पहुंच जाएगी.''
सामाजिक कल्याण विभाग की सचिव कोराज़न सॉलीमिन के अनुसार प्रभावित इलाकों में बॉडी बैग्स और अन्य ज़रुरी सामान भिजवाए जा रहे हैं.
कोराज़न ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, ''न्यू-बतान में मृतकों के शव खुले में रखा है और हम नहीं चाहते कि यहां बीमारी फैले.''
दावाओ ओरियेंटल के गवर्नर कोराज़न मालयांओन के अनुसार कई इलाके की सड़कों पर टूटे हुए पेड़ और पुल से अटे पड़े हैं. जिस कारण इन रास्तों पर यात्रा करना काफी मुश्किल हो रहा है.
उन्होंने बताया कि आरंभिक जानकारी के अनुसार कैटील शहर में 95 प्रतिशत इमारतों को नुकसान पहुंचा है.
यहां 23 लोगों की या तो डूब कर या फिर पेड़ों या इमारतों के नीचे दबकर मौत हो गई है.

कई इलाकों में राहतकर्मियों ने मिट्टी में दबे हुए दर्जनों लोगों को भी बाहर निकाला है.
इनमें से कई लोगों को राहत शिविर और अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती किया गया है.
तूफ़ान के कारण देश के मध्य और दक्षिणी इलाकों में दर्जनों घरेलू विमानों और नाव द्वारा की जाने वाली कार्गों सेवाएं भी रुक गईं.
ठीक एक साल पहले दक्षिणी फिलीपींस में आए वाशी तूफ़ान से 1300 से ज्य़ादा लोगों की मौत हो गई थी.
ये तूफ़ान पिछले साल 16 से 18 दिसंबर के बीच आया था. इसमें उत्तरी तट के कैगायान-डी-ओरो और लिगन शहर बुरी तरह से प्रभावित हुए थे.
वाशी तूफ़ान रात के वक्त आया जब ज़्यादातर लोग सो रहे थे और वाशी तूफ़ान के कारण हुए भूस्खलन ने गांव के गांव बहा दिए थे.












