इमरान खान का मार्च डेरा इस्माइल खान से आगे बढ़ेगा

इमरान खान का मार्च
इमेज कैप्शन, इस मार्च में कई विदेशी पत्रकार और नागरिक शामिल हैं

पाकिस्तान के कबायली इलाकों में ड्रोन हमलों के खिलाफ पाकिस्तान तहरीके इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान का शांति मार्च रविवार को खैबर पख्तून ख्वाह प्रांत के शहर डेरा इस्माइल खान से आगे बढ़ेगा.

शनिवार को राजधानी इस्लामाबाद से ये शांति मार्च शुरू हुआ और इसकी मंजिल दक्षिणी वजीरिस्तान है जहां आए दिन होने वाले ड्रोन हमलों में संदिग्ध चरमपंथियों के अलावा कई बार आम लोग भी निशाना बनते हैं.

क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान के इस ‘अमन मार्च’ में तहरीके इंसाफ के कार्यकर्ताओं के साथ साथ विदेशी पत्रकार और कई देशों के नागरिक भी शामिल हैं.

उधर चरमपंथियों ने इमरान को पश्चिम का खिलौना बताया है.

इस मार्च के साथ चल रहे बीबीसी संवादादता दिलावर खान वजीर का कहना है कि रविवार सात बजे मार्च डेरा इस्लाम खान से चलने के बाद उसे दक्षिणी वजीरिस्तान पहुंचने में तीन घंटों का समय लगना चाहिए. लेकिन सरकार की ओर से सुरक्षा कड़े प्रबंधों को देखते हुए मार्च का दक्षिणी वजीरिस्तान पहुंचना मुमकिन नहीं दिखता.

मार्च का मकसद

डेरा इस्लाइल खान में मार्च के पहुंचते ही सुरक्षा कड़ी कर दी गई. डेरा इस्माइल ख़ान के कमिश्नर किफ़ायतुल्लाह ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि प्रदर्शनकारियों को वज़ीरिस्तान में घुसने देने का 'सवाल ही पैदा नहीं होता. रैली को सुरक्षा प्रदान की जाएगी मगर डेरा इस्माइल ख़ान से आगे सड़कें बंद कर दी जाएँगी क्योंकि वहाँ बम हमलों और विस्फोटों का डर है.'

वहीं तालिबान ने डेरा इस्माइल ख़ान में पर्चे बँटवाए हैं जिन पर लिखा है कि वे काफ़िले का 'स्वागत' बमों से करेंगे.

इससे पहले पंजाब में अपने संसदीय क्षेत्र मियांवाली में इमरान खान के मार्च का जोरदार स्वागत हुआ.

वहां अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा, “मैं सरकार के दोगलेपन की निंदा करता हूं. सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि ये मार्च नाकाम हो जाए.”

पाकिस्तान में जल्द ही आम चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में उनके आलोचक इस मार्च का मकसद तहरीके इंसाफ की लोकप्रियता बढ़ाना मान रहे है.

पाकिस्तान में एक विशेष अमेरिकी सैन्य अभियान में अल कायदा नेता ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद ही से प्रबल अमरीका विरोधी भावनाएं पाई जाती हैं.

इससे पहले इमरान ख़ान ने कहा, "वजीरिस्तान के बारे में अगर सही तरीके से सोचा जाए तो पाएंगे कि वहाँ के लोग बुरी तरह से डरे हुए है क्योंकि वहाँ जो कथित रुप से आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध चलाया जा रहा है, उसने खुद वहाँ युद्ध का आतंक पैदा कर दिया है, महिलाओं और बच्चों को मारा जा रहा है, परिवारों की हत्या हो रही हैं और इसकी वजह से चरमपंथी पैदा हो रहे है."

इमरान खान का कहना है कि उनका मार्च शांतिपूर्ण है और वजीरिस्तान किसी से लड़ने नहीं जा रहे हैं. पाकिस्तान में ड्रोन हमलों के खिलाफ पहली बार इस तरह का मार्च निकाला जा रहा है. इसमें युद्ध विरोधी एक अमरीकी संगठन के कार्यकर्ता भी हिस्ला ले रहे हैं.