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पुलवामा हमले पर सत्यपाल मलिक के दावों के बाद अब पाकिस्तान भी बोला
पुलवामा हमले पर जम्मू और कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के हालिया बयान पर पाकिस्तान ने भारतीय नेतृत्व पर कई तरह के आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है.
पाकिस्तान ने रविवार को आरोप लगाया कि सत्यपाल मलिक के ताज़ा रहस्योद्घाटन से एक बार फिर साबित हुआ कि भारतीय नेतृत्व पाकिस्तान संचालित 'आतंकवाद' का हौवा खड़ा करता रहा है.
उसने घरेलू राजनीतिक लाभ के लिए भारत को 'आतंकवाद' से पीड़ित दिखाने और हिंदुत्व के एजेंडे को लगातार आगे बढ़ाने का आदी बताया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रविवार को सत्यपाल मलिक के ताज़ा रहस्योद्घाटन पर जारी अपने आधिकारिक बयान में ये बातें कही हैं.
इसमें कहा गया, ''भारत के अवैध कब्ज़े वाले जम्मू और कश्मीर के तथाकथित पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने फरवरी 2019 में हुए पुलवामा हमले पर पाकिस्तान के रुख़ की एक बार फिर पुष्टि की है. उनके रहस्योद्घाटन से पता चलता है कि भारतीय नेतृत्व कैसे पाकिस्तान संचालित आतंकवाद का हौवा खड़ा करके घरेलू राजनीतिक लाभ के लिए ख़ुद को पीड़ित दिखाने और हिंदुत्व का एजेंडा आगे बढ़ाने का आदी रहा है.''
पाकिस्तान ने अपने इस बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत के तथाकथित प्रोपैगेंडा अभियान पर ध्यान देने की भी अपील की है.
बयान के अनुसार, ''हम उम्मीद करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ताज़ा रहस्योद्घाटन का संज्ञान लेगा और स्वार्थ भरे राजनीतिक लाभ के लिए पााकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत के झूठ और छल भरे प्रोपैगेंडा अभियान पर ध्यान देगा.''
पाकिस्तान ने ताज़ा रहस्योद्घाटन पर भारत से जवाब की मांग करते हुए कहा है, ''भारत को ताज़ा रहस्योद्घाटन में उठाए गए सवालों का अवश्य जवाब देना चाहिए. अब वक़्त आ गया है कि पुलवामा हमले के बाद इलाक़े की शांति को पहुंचे ख़तरे के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.''
बयान के अंत में कहा गया, ''पाकिस्तान, भारत के झूठे नैरेटिव का विरोध करता रहेगा और उकसावे वाली कार्रवाइयों का मज़बूती और ज़िम्मेदारी से मुक़ाबला करेगा.''
क्या कहा था मलिक ने?
इससे पहले, जम्मू और कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जाने-माने पत्रकार करण थापर को दिए एक इंटरव्यू में 2019 में कश्मीर के पुलवामा हमले के लिए भारत सरकार को ज़िम्मेदार बताते हुए कई दावे किए थे.
शुक्रवार को प्रसारित इस इंटरव्यू में उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफ़िले पर हुआ हमला सिस्टम की 'अक्षमता' और 'लापरवाही' का नतीजा था. उन्होंने उस हमले के लिए सीआरपीएफ और केंद्रीय गृह मंत्रालय को ख़ासतौर पर ज़िम्मेदार बताया था.
मलिक ने कहा था कि सीआरपीएफ ने सरकार से अपने जवानों को ले जाने के लिए विमान उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था.
मालूम हो कि राजनाथ सिंह तब केंद्रीय गृह मंत्री थे. मलिक ने सीआरपीएफ का काफ़िला जाते वक़्त रास्ते की उचित तरीक़े से सुरक्षा जांच न कराने का भी आरोप भारत सरकार पर लगाया था.
मलिक ने इस हमले के लिए ख़ुफ़िया एजेंसियों की विफलता को भी ज़िम्मेदार क़रार दिया था. उन्होंने हैरत जताई थी कि पाकिस्तान से 300 किलोग्राम आरडीएक्स लेकर आया कोई ट्रक 10 से 15 दिनों तक जम्मू और कश्मीर में घूमता रहा, लेकिन इंटेलिजेंस को कैसे इसकी भनक तक न लगी.
चुनावी लाभ लेने के भी लगाए आरोप
सत्यपाल मलिक ने ये भी दावा किया कि पीएम मोदी ने इस हमले के बाद जब जिम कार्बेट पार्क से उन्हें कॉल किया था, तो उन्होंने इन मसलों को उनके सामने उठाया था. लेकिन पीएम मोदी ने उन्हें इस मसले पर चुप रहने और किसी से कुछ न बोलने को कहा था.
मलिक ने बताया कि यही बात एनएसए अजीत डोभाल ने भी उनसे कही थी.
इस इंटरव्यू में मलिक ने आरोप लगाया था कि उन्हें तभी अनुभव हो गया था कि सरकार का इरादा, इस हमले का ठीकरा पाकिस्तान पर फोड़कर चुनावी लाभ लेने का है.
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