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चीन के नए विदेश मंत्री अचानक रातों रात बांग्लादेश क्यों पहुंचे
- Author, मुन्नी अख़्तर
- पदनाम, बीबीसी बांग्ला सेवा
चीन के नए विदेश मंत्री क़िन गांग बीते सोमवार अपने पहले विदेश दौरे पर अफ़्रीका जाते हुए आधी रात को बांग्लादेश के शाह जलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर गए.
यहां उनकी बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन से लगभग एक घंटे तक बातचीत हुई.
बता दें कि चीनी विदेश मंत्री के बांग्लादेश में अचानक रुकने की वजह फ़्लाइट में फ़्यूल की कमी बताई जा रही है.
कहा जा रहा है कि उनकी फ़्लाइट फ़्यूल लेने की वजह से बांग्लादेश में रुकी थी. उनके इस बांग्लादेश दौरे को भी अनौपचारिक ही कहा जा रहा है.
लेकिन चीनी विदेश मंत्री क़िन गांग एक ऐसे समय बांग्लादेश पहुंचे हैं जब ढाका स्थित रूस और अमेरिकी दूतावास के बीच संघर्ष की ख़बरें आ रही हैं.
बांग्लादेश में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया है कि क़िन गांग वित्त मंत्री बनने के बाद अपनी पहली वार्षिक विदेश यात्रा पर अफ़्रीका जा रहे हैं.
ये लगातार 33वां वर्ष है जब चीनी विदेश मंत्री अपने वार्षिक विदेश दौरे की शुरुआत अफ़्रीका से कर रहे हैं. माना जाता है कि चीनी विदेश मंत्री का अफ़्रीका दौरा चीन की व्यापक अफ़्रीकी नीति का हिस्सा है.
चीन के लिए कितना अहम है बांग्लादेश
अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विश्लेषकों का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण यात्रा के बीच ढाका में चीनी विदेश मंत्री का रुकना बताता है कि बांग्लादेश, चीन के लिए कितना महत्वपूर्ण होता जा रहा है.
चीन में बांग्लादेश के राजदूत रहे मुंशी फ़ैज़ अहमद ने कहा कि चीनी विदेश मंत्री का बांग्लादेश में कुछ समय के लिए रुकना एक ख़ास संकेत देता है, लेकिन मामला सिर्फ़ इतना ही नहीं है. एक सवाल ये भी है कि किसी दूसरे रास्ते से जाने की जगह वह सिर्फ़ बांग्लादेश से होते हुए अफ़्रीका क्यों जा रहे थे.
अहमद के मुताबिक़, ये बताता है कि चीन बांग्लादेश से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से ले रहा है. इसके चलते ही अफ़्रीका दौरे के बीच बांग्लादेश रुकने का फ़ैसला किया गया.
बता दें कि चीन बांग्लादेश का सबसे बड़ा आर्थिक साझेदार है.
गतिरोध का सामरिक महत्व
ढाका विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग की प्रोफेसर डॉ. लैलुफ़र यास्मीन ने बताया है, "कुछ दिनों पहले मीडिया में कहा गया था कि रूस और अमेरिका के बीच शीत युद्ध की जगह बांग्लादेश है क्योंकि बांग्लादेश चीन के लिए जियो-पॉलिटिकल नज़रिए से काफ़ी अहम है."
बांग्लादेश की ओर से भी अलग-अलग ढंग से चीन के महत्व को रेखांकित किया गया है.
यास्मीन कहती हैं, "इन प्रयासों को विभिन्न यात्राओं और संबंधों से समझा जा सकता है."
बांग्लादेश उन क्षेत्रों को अहमियत देने की कोशिश कर रहा है, जहां उसकी ज़रूरत है. इसके साथ ही चीन भी बांग्लादेश की ज़रूरतों पर ध्यान दे रहा है.
यास्मीन मानती हैं कि चीनी विदेश मंत्री की ये यात्रा सामरिक रूप से काफ़ी महत्वपूर्ण है और यह संदेश न केवल बांग्लादेश बल्कि शेष विश्व को भी दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा, "हम बाकी दुनिया को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि बांग्लादेश चीन के लिए महत्वपूर्ण है."
चीन-बांग्लादेश में क्या बात हुई?
हवाई अड्डे पर बैठक के बाद विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमन ने संवाददाताओं से कहा कि चीन ने बांग्लादेश को क़रीब 82 लाख कोविड टीके दिए हैं.
बांग्लादेश चीन को क़रीब 80 करोड़ डॉलर का सामान निर्यात करता है. वहीं चीन से 13 अरब डॉलर का सामान आयात करता है.
हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए मोमेन ने कहा है कि चीन कई परियोजनाओं में बांग्लादेश की मदद कर रहा है जिनमें पद्म सेतु और रेल परियोजना शामिल है.
इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश 'वन चाइना' नीति में विश्वास करता है. हम संतुलित विदेश नीति रखने में यकीन रखते हैं और ये हमारा मूल सिद्धांत है. हम समय-समय पर चीन को अपना समर्थन देते रहेंगे.'
मोमेन ने बताया है कि साल 2016 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बांग्लादेश दौरे पर भी दोनों देशों के बीच कई वित्तीय समझौतों पर बातचीत हुई थी.
इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि 'चीनी विदेश मंत्री ने उन्हें चीन आने का न्योता दिया है, लेकिन इस पर हमारी ओर से कहा गया है कि आप पहले एक औपचारिक दौरे पर बांग्लादेश आएं फिर हम अपने मुद्दों पर बात करेंगे.'
'मोबाइल डिप्लोमेसी'
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब कोई विदेश मंत्री या राष्ट्रपति अचानक बांग्लादेश एयरपोर्ट पर रुका हो.
इससे पहले जनवरी 2017 में चीन के पूर्व विदेश मंत्री वांग यी ने अपनी अफ़्रीका यात्रा के दौरान ढाका के शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक घंटे का स्टॉप ओवर किया था.
फरवरी 2016 में, फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास जापान जाते समय ढाका हवाई अड्डे पर रुके थे. उस समय उन्हें बांग्लादेश आने का न्यौता भी मिला था.
फ़लिस्तीनी राष्ट्रपति यासिर अराफ़ात भी कई बार ढाका हवाई अड्डे पर रुक चुके हैं.
यास्मीन ने इस संबंध में कहा, मौजूदा दौर में कूटनीति गतिविधियां बेहद तेज हो गई हैं और बड़े देशों के नेता इस तरह के छोटे दौरे करते हैं.
प्रोफ़ेसर यास्मीन बताती हैं, ''चीन के विदेश मंत्री ने पदभार संभालने के बाद ही बांग्लादेश को यह महत्व दिया है. इससे समझा जा सकता है कि चीन के दक्षिण एशियाई समीकरण में बांग्लादेश कितना महत्वपूर्ण है, और इस स्टॉप ओवर को उसके रेखांकन के रूप में देखा जा सकता है."
यास्मीन ने बताया है कि चीन मोबाइल डिप्लोमेसी में माहिर है जो कुछ समय पहले दुनिया भर में शुरू हुई है और चीन का ये प्रयास इस तरह की कूटनीतिक गतिविधियों को तेज करने का है.
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