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महारानी एलिज़ाबेथ II : दुनिया भर के नेता 'दयालु महारानी' को कर रहे हैं याद
- Author, टिफ़ैनी वर्थाइमर
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
दुनियाभर के नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों ने ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के निधन पर शोक व्यक्त किया है.
उन्होंने महारानी को उनकी कर्तव्यनिष्ठा, बदलते समय और परिस्थिति के साथ ख़ुद को ढालने की उनकी क़ाबिलियत के साथ-साथ उनके दयाभाव और सेंस ऑफ़ ह्यूमर को भी याद किया.
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ब्रिटेन की दो यात्राओं के दौरान महारानी के साथ हुई यादगार मुलाक़ातों का ज़िक्र किया.
नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, "मैं उनकी गर्मजोशी और मेहरबानी को कभी नहीं भूल पाउंगा. एक मुलाक़ात के दौरान उन्होंने मुझे वो रूमाल दिखाया जो महात्मा गांधी ने उन्हें उनकी शादी पर तोहफ़े के रूप में दिया था. मैं हमेशा उनके इस भाव को संजो कर रखूंगा."
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमेनुअल मैक्रों ने महारानी को याद करते हुए कहा कि वो 'फ़्रांस की मित्र' थीं और एक 'दयालु महारानी' थीं.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि महारानी ने अपने 'विनीत भाव, लालित्य और कर्तव्य के प्रति गहरी निष्ठा से भरे' राजकाज से 'दुनिया को मोहित' किए रखा.
महारानी से कई बार मुलाक़ात कर चुके ओबामा ने एक बयान में कहा, "बार-बार उनके व्यक्तित्व की गर्मजोशी हमें प्रभावित करती रही, जिस तरह वो लोगों को सहज कर देती थीं, और किस तरह वो कैसी भी परिस्थितियों को अपने हास्स्वभाव से हल्का कर देती थीं."
वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने महारानी के बारे में कहा कि 'वो एक सम्राट से कहीं बढ़कर थीं और उन्होंने एक पूरे युग को परिभाषित किया.'
2021 में अपनी ब्रिटेन की यात्रा का ज़िक्र करते हुए राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, "उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता से हमें मंत्रमुग्ध कर दिया, अपने दयाभाव से हमें प्रेरित किया और हमारे साथ पूरी उदारता से अपने ज्ञानको साझा किया."
महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय ने 14 अमेरिकी राष्ट्रपतियों से अपने राजकाज के दौरान मुलाक़ात की थी.
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि वो "कभी भी महारानी की उदार मित्रता, महान बुद्धिमत्ता और शानदार सेंस ऑफ़ ह्यूमर को कभी नहीं भूल पाएंगे."
ट्रंप ने अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ट्रथ सोशल पर लिखा, "वो कितनी शानदार और महान महिला थीं, उन जैसा कोई नहीं था!"
महरानी ने 12 कनाडाई प्रधानमंत्रियों के शासनकाल के दौरान राजकाज किया. महारानी के निधन की घोषणा के तुरंत बाद बोलते हुए भावुक हुए कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने कहा, "उनके मन में कनाडा के लोगों के प्रति एक स्पष्ट, ग़हरा और स्थायी प्यार था."
ट्रुडो ने कहा, "एक जटिल दुनिया में उनका स्थिर विनीत भाव और संकल्प हम सभी को सुकून देता रहा." ट्रुडो ने कहा कि वो महारानी के साथ अपनी बातचीत की कमी महसूस करेंगे. उन्होंने कहा कि मुलाक़ातों के दौरान महारानी "विचारशील, जिज्ञासु, मददगार, मज़ाकिया और बहुत कुछ होती थीं."
अपने आंसुओं को संभालते हुए ट्रुडो ने कहा, "वो दुनिया में मेरे सबसे पसंदीदा लोगों में से एक थीं और मैं उनकी कमी बहुत ज़्यादा महसूस करूंगा."
'एक असाधारण व्यक्तित्व'
नीदरलैंड्स के किंग विलियम अलेक्ज़ेंडर और महारानी के कज़िन (भाई) ने कहा कि वो और महारानी मैक्सिमा 'बुद्धिमान और दृढ़' महारानी को 'ग़हरे सम्मान और स्नेह के साथ याद कर रहे हैं.'
बेल्जियम के राजा फ़िलिप और रानी मैथिल्डे ने कहा कि "वो एक असाधारण व्यक्तित्व थीं..जो अपने समूचे राजकाज के दौरान गरिमा, साहस और समर्पण की प्रतीक बनी रहीं."
जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शुल्ज़ ने महारानी के "अद्भुत हास्यभाव" के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि "दूसरे विश्व युद्ध की भयावहता के बाद जर्मनी और ब्रिटेन के बीच संबंध बहाली के प्रति महारानी की प्रतिबद्धता को हमेशा याद रखा जाएगा."
'भरोसा बढ़ाने वाली मौजूदगी'
महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय ने सात दशक तक राजकाज किया और इस दौरान वो असाधारण बदलावों की गवाह रहीं. महारानी को दी जा रही श्रद्धांजलि में भी इसकी झलक दिख रही है.
बराक ओबामा ने एक बयान में कहा, "चांद पर आदमी के पहुंचने से लेकर बर्लिन की दीवार गिरने तक उन्होंने संपन्नता और ठहराव के दौर देखे."
आयरलैंड के राष्ट्रपति माइकल डी हिगिंस ने महारानी की 'असाधारण कर्तव्यनिष्ठा' के प्रति सम्मान ज़ाहिर करते हुए कहा कि इसकी ब्रिटेन के इतिहास में अपनी अलग जगह होगी.
एक लंबे बयान में राष्ट्रपति हिगिंस ने कहा, "70 सालों के उनके राजकाज में व्यापक बदलाव हुए, इस दौरान वो ब्रितानी लोगों के लिए भरोसे का विशाल स्रोत बनी रहीं."
"यह इतिहास की किसी संकीर्ण अवधारणा के बजाय वर्तमान घटनाओं के महत्व के यथार्थवाद पर आधारित भरोसा था."
आयरलैंड के प्रधानमंत्री ने अपने बयान में महारानी के राजकाज को ऐतिहासिक दौर बताते हुए कहा कि महारानी के निधन से 'एक युग का अंत' हो गया है.
माइकल मार्टिन ने अपने बयान में कहा, "कर्तव्य और जनसेवा के प्रति उनकी निष्ठा स्पष्ट थी और उनकी बुद्धिमत्ता और अनुभव अनूठा था."
उन्होंने 2011 में महारानी की अधिकारिक आयरलैंड यात्रा को याद करते हुए कहा कि इस दौरान उन्होंने "गर्मजोशी दिखाई और उत्साहवर्धक टिप्पणियां की."
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि "बड़े बदलावों के दशकों के दौरान महारानी की उपस्थिति भरोसे का प्रतीक थी. इस दौरान अफ़्रीका और एशिया से उपनिवेशवाद ख़त्म हुआ और कॉमनवेल्थ अस्तित्व में आया."
अपने बयान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने 'लोगों की सेवा के लिए महारानी के अटूट आजीवन समर्पण' के प्रति सम्मान प्रकट किया और कहा कि दुनिया लंबे समय तक उनके नेतृत्व और समर्पण को याद रखेगी.
इसराइल के राष्ट्रपति इसाक़ हर्ज़ोग ने महारानी के राजकाज के दौरान हुए व्यापक बदलाव का ज़िक्र किया और कहा कि बदलावों के इस दौर में भी महारानी 'स्थिर और ज़िम्मेदार नेतृत्व का प्रतीक बनीं रहीं और नैतिकता, मानवता और देशप्रेम की मिसाल बनीं रहीं.'
महारानी एलिज़ाबेथ ने कभी भी इसराइल की यात्रा नहीं की. हालांकि चार्ल्स, एडवर्ड, विलियम और दिवंगत प्रिंस फ़िलिप ने इसराइल की यात्राएं की थीं. प्रिंस फ़िलिप की मां यरूशलम में ही दफ़न हैं.
राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने लिखा, "महारानी एलिज़ाबेथ एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व थीं, उन्होंने इतिहास को जिया, इतिहास बनाया और अपने पीछे महान और प्रेरणादायक विरासत छोड़कर जा रही हैं."