You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
शहबाज़ शरीफ़ के क़तर दौरे पर इसराइल का जहाज़ वहां क्या कर रहा था- उर्दू प्रेस रिव्यू
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान का आधे से ज़्यादा हिस्सा इस समय बाढ़ की चपेट में है. डॉन अख़बार के अनुसार बाढ़ से अब तक तीन सौ बच्चों समेत एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
अख़बार ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए लिखा है कि तीन करोड़ तीस लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं.
सिंध, बलूचिस्तान और ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में सबसे ज़्यादा हालात ख़राब हैं. अब तक सिंध में सबसे ज़्यादा 339 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने बाढ़ प्रभावित सिंध का दौरा किया और लोगों की मदद के लिए 38 अरब पाकिस्तानी रुपए की घोषणा की. सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने बलूचिस्तान का दौरा किया.
प्रधानमंत्री ने बाढ़ से पैदा हुई स्थिति पर बातचीत करने के लिए सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है लेकिन एक्सप्रेस अख़बार का कहना है कि प्रमुख विपक्षी दल इमरान ख़ान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ को इस बैठक में शामिल होने की दावत नहीं दी गई है.
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि अगर पाकिस्तान में डैम होते तो पानी से नुक़सान के बजाए फ़ायदा होता.
उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया और कहा कि मुसीबत की इस घड़ी में वो लोगों के साथ हैं और जिन प्रांतों में उनकी पार्टी की सरकार है वहां हर सहायता दी जाएगी. उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने की अपील की.
इमरान ख़ान ने कहा कि उनपर दबाव डाला जा रहा है कि बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए वो लोगों से चंदा मांगे लेकिन वो उस वक़्त तक ऐसा नहीं करेंगे जब तक उन्हें इस बात का विश्वास नहीं हो जाता कि उन पैसों का सही इस्तेमाल वो कर सकेंगे या नहीं.
इमरान ख़ान अदालत की अवमानना के मामले में बड़ी बेंच का गठन
पाकिस्तान में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ अदालत की अवमानना केस की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय बेंच का गठन कर दिया है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार इस्लामाबाद हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस अतहर मिन अल्लाह बेंच की अध्यक्षता करेंगे. इमरान ख़ान को इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और उनसे पूछा गया है कि उनके ख़िलाफ़ अदालत की अवमानना का केस क्यों नहीं चलाया जाए. अदालत ने इमरान ख़ान को 31 अगस्त को हाज़िर होने का आदेश दिया है.
इमरान ख़ान ने 20 अगस्त को इस्लामाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए एक महिला जज ज़ेबा चौधरी को धमकी देते हुए कहा था कि वो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे.
दरअसल उनके सहयोगी और पूर्व केंद्रीय मंत्री शहबाज़ गिल को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है और पुलिस की अपील पर अतिरिक्त जज ज़ेबा चौधरी ने ही शहबाज़ गिल को पुलिस रिमांड पर भेजने का फ़ैसला सुनाया था. इस पर इमरान ख़ान ने पुलिस अधिकारी समेत जज ज़ेबा के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की धमकी दी थी.
शहबाज़ शरीफ़ के क़तर दौरे पर इसराइल का जहाज़ वहां क्या कर रहा था
डॉन अख़बार ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के क़तर दौरे को लेकर एक दिलचस्प ख़बर छापी है.
अख़बार के अनुसार एवी शराफ़ नामक एक इसराइली पत्रकार ने दावा किया है कि जिस समय शहबाज़ शरीफ़ दोहा में थे उसी समय इसराइल का एक जहाज़ दोहा में उतरा. पत्रकार का कहना है कि यह जहाज़ आम तौर पर इसराइली ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद के वरिष्ठ अधिकारी इस्तेमाल करते हैं.
इसराइली पत्रकार के अनुसार इसराइल का यह जहाज़ दोहा में क़रीब नौ घंटे तक रहा.
हालांकि एवी शरीफ़ ने कहा कि हो सकता है कि यह महज़ एक इत्तेफ़ाक़ हो.
एवी शराफ़ ने इससे पहले साल 2018 में दावा किया था कि इसराइल का एक विमान इस्लामाबाद आया था और फिर कुछ ही देर के बाद वापस चला गया था. उस समय इमरान ख़ान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे.
उस समय इमरान ख़ान की सरकार ने इसराइली पत्रकार के इस दावे को ख़ारिज कर दिया था.
उस समय केंद्रीय मंत्री रहे फ़व्वाद चौधरी ने कहा था कि उनकी सरकार ना तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ख़ुफ़िया बातचीत करेंगे और ना ही इसराइल से.
लेकिन अब उसी इसराइली पत्रकार की बात पर विश्वास करते हुए इमरान ख़ान की पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शीरीन मज़ारी ने सरकार से जवाब मांगा है.
शीरीन मज़ारी ने कहा कि पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की तरफ़ से कम से कम एक बयान तो ज़रूर आना चाहिए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)