पाकिस्तान में क्यों नाराज़ हैं सिख महिलाएं, सड़कों पर उतरने की क्या है वजह?

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    • Author, शिराज ख़ान
    • पदनाम, ख़ैबर पख़्तूनख्वा से बीबीसी हिंदी के लिए

पाकिस्तान में सिख समुदाय की कुछ महिलाओं ने जबरन धर्म परिवर्तन का विरोध करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया है. रविवार को उनके प्रदर्शन का दूसरा दिन था.

ख़ैबर पख़्तूनख्वा के बुनेर ज़िले की सिख महिलाएं कथित तौर पर अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और ज़बरदस्ती मुस्लिम पुरुषों से शादी करवाए जाने का विरोध कर रही है.

बीते दिनों ही एक सिख महिला ग़ायब हो गईं. जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें हर संभव जगह खोजने की कोशिश की लेकिन अभी तक कुछ भी नतीजा नहीं आया.

इस महिला के क़रीबी रिश्तेदार सनत सिंह ने बीबीसी को बताया, "25 साल की यह सिख महिला एक सरकारी अध्यापिका थीं. वह शनिवार को स्कूल गईं लेकिन लौटकर नहीं आईं."

सनत सिंह ने बताया कि महिला के परिवार के लोग और सिख समुदाय के दूसरे लोगों ने शनिवार को पीर बाबा पुलिस स्टेशन के सामने जमा होकर इस कथित मामले में एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की थी लेकिन पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज करने से भी इनक़ार कर दिया था.

महिला की ग़ुमशुदगी का मामला इसी पुलिस स्टेशन के अधिकार-क्षेत्र के अंतर्गत आता है.

जबर धर्म परिवर्तन का आरोप

सनत सिंह ने बताया कि जब परिवार वालों ने पुलिस स्टेशन के आगे प्रदर्शन शुरू कर दिया और एफ़आईआर दर्ज करने को लेकर अड़ गए, तब कहीं जाकर पुलिस ने इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की. एफ़आईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आश्वासन दिया कि वे गुमशुदा लड़की को खोजने की कोशिश करेंगे.

रविवार को, सिख समुदाय ने एक बार फिर पुलिस से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि सिख महिला मिल गई हैं और उन्होंने अपने पड़ोसी से शादी कर ली है. पुलिस ने ही जानकारी दी कि उन्होंने कोर्ट में शादी कर ली है और लड़का सिख नहीं, मुस्लिम है.

सनत सिंह का आरोप है कि सिख महिला का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और शादी भी ज़बरदस्ती ही कराई गई.

उन्होंने बताया, "उनकी सगाई हो चुकी थी और अगले ही महीने उनकी शादी भी होने वाली थी."

महिला के परिवार वालों के सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि उनकी सगाई हो चुकी है और अगले ही महीने उनकी शादी भी होने वाली थी. उनके मंगेतर एक डॉक्टर हैं जबकि जिस मुस्लिम के साथ उनकी शादी हुई है वह एक कैब ड्राइवर है और वह उनका पड़ोसी हुआ करता था.

सिख समुदाय के एक अन्य नेता रादास सिंह टोनी ने दावा किया है कि उस महिला का अपहरण किया गया और ज़बरदस्ती उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया. इसके बाद शादी भी जबरन ही करवाई गई. उनका आरोप है कि लेकिन इस मामले में पुलिस मूक-दर्शक बनी हुई है.

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पुलिस का दावा, महिला ने मर्ज़ी से इस्लाम कबूलने की बात कही

रादास सिंह टोनी ने बताया, "जब शनिवार को समुदाय के लोगों ने ज़िला पुलिस अधिकारियों से मुलाक़ात की तो उन्होंने आश्वासन दिया था कि महिला को खोज कर परिवार वालों से ज़रूर मिलवाया जाएगा. लेकिन रविवार को पुलिस ने परिवार के साथ बुरा व्यवहार किया. महिला परिवार वालों कौ सौंपी भी नहीं गई और ना ही रिपोर्ट रजिस्टर कराई गई."

टोनी ने सरकार से मांग की है कि वो महिला को परिवार से मिलाने में अपनी भूमिका निभाए. इस बीच बुनेर जिले के पुलिस अफ़सर अब्दुर राशिद ने परिवार के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया किया कि पुलिस ने उन्हें खोज कर एक सेशन अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था.

वहां महिला का बयान भी रिकार्ड किया गया. महिला ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने इस्लाम कबूल लिया है. उसने अपनी मर्ज़ी से शादी की. लड़की ने इसके सबूत में दस्तावेज़ भी पेश किए.

पेशावर के पत्रकार अनवर जैब बुनेर के ही रहने वाले है कि यहां सांप्रदायिकता एकता की मिसाल दी जाती है. लेकिन इस घटना ने स्थानीय सिख समुदाय के भरोसे को तोड़ दिया है. हालात तनावपूर्ण हैं और इसके बुरे परिणाम हो सकते हैं.

पुलिस अफसर ने कहा कि कोर्ट ने पुलिस को लड़की को दारुल अमन भेजने और उसे सुरक्षा देने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा, '' मामला अदालत में है. अगर अदालत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देती है तो पुलिस दर्ज करेगी. परिवार वालों का कहना है कि शेल्टर होम भेजे जाने के बाद भी लड़की को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है.

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धर्म परिवर्तन से जुड़े विवाद बढ़े

पेशावर के पत्रकार अनवर जैब बुनेर के ही रहने वाले है. उनका कहना है कि यहां सांप्रदायिकता एकता की मिसाल दी जाती है. लेकिन इस घटना ने स्थानीय सिख समुदाय के भरोसे को तोड़ दिया है. हालात तनावपूर्ण हैं और इसके बुरे परिणाम हो सकते हैं.

बुनेर में लगभग एक सौ सिख परिवार हैं. एक आकलन के मुताबिक उनकी आबादी एक हज़ार के आसपास होगी. ज़्यादातर लोग कारोबार करते हैं और उनकी माली हालत मज़बूत है.

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2020 में ननकाना में ऐसी ही एक घटना पर सिख समुदायों का विरोध भड़क उठा था. उस समय आरोप लगाया गया था कि ग्रंथी की बेटी का अपहरण कर धर्म परिवर्तन करा दिया गया है. यह मामला कई महीनों तक कोर्ट में चला और जहां उसने कहा कि उसने अपनी मर्ज़ी से शादी की है.

ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन के ज़्यादातर मामले दक्षिण सिंध इलाके से आए हैं. यहां ज़्यादातर हिंदू समुदाय का कहना है कि उनकी लड़कियों को बरगला कर मुस्लिम पुरुष उनसे शादी कर रहे हैं. हालांकि जबरन धर्म परिवर्तन के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं.

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