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पुतिन ने सैन्य कार्रवाई का दिया आदेश, बोले- यूक्रेन के सैनिक हथियार डाल दें
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के पूर्वी डोनबास इलाक़े में 'विशेष सैन्य अभियान' शुरू करने का आदेश दे दिया है.
टेलीविज़न पर प्रसारित संबोधन में पुतिन ने रूस समर्थित विद्रोहियों का सामना कर रहे यूक्रेन के सैनिकों से आग्रह किया वे हथियार डाल दें और वापस घर चले जाएं.
पुतिन ने कहा कि रूस की यूक्रेन पर क़ब्ज़ा करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन आगाह किया कि किसी ने रूस से उलझने की कोशिश की तो तत्काल जवाब मिलेगा. यूक्रेन ने कहा है कि रूस ने उस पर पूरी तरह से हमला कर दिया है.
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने ट्वीट कर कहा है, ''यूक्रेन के शांतिपूर्ण शहर हमले की ज़द में हैं. यह एक युद्ध है. यूक्रेन अपनी रक्षा करेगा और जीत मिलेगी. पुतिन को दुनिया रोके और ज़रूर रोकना चाहिए. अब समय कहने नहीं करने का है.''
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने एक दूसरे ट्वीट में कहा है- दुनिया तत्काल क़दम उठाए. यूरोप और विश्व का भविष्य दांव पर लगा है. दुनिया जो कर सकती है-
- 1. रूस पर कड़े से कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं, इसमें रूस के वित्तीय लेन देन को भी रोका जाए
- 2. रूस को हर तरह से अलग-थलग किया जाए
- 3. यूक्रेन को हथियार और उपकरण दिए जाएं
- 4. वित्तीय मदद
- 5. मानवीय सहायता
अमेरिका की प्रतिक्रिया
यूक्रेन के पश्चिम के सहयोगी देशों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि रूस हमले के लिए तैयार है. यूक्रेन के कई शहरों में धमाके की ख़बरें आ रही हैं. राजधानी कीएफ़ के मुख्य बॉरिसपिल एयरपोर्ट के पास गोलीबारी की ख़बर है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वह अपने सहयोगियों के साथ निर्णायक जवाब देंगे. उन्होंने कहा है कि रूस ने यूक्रेन पर बेवजह हमला किया है.
बाइडन ने कहा, ''राष्ट्रपति पुतिन ने पूर्वनियोजित युद्ध को चुना है और इससे लोगों की जान और मानवता का भारी नुकस़ान होगा. दुनिया रूस की जवाबदेही तय करेगी.''
पुतिन की इस घोषणा से पहले युद्ध को टालने के आख़िरी प्रयास में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदोमीर ज़ेलेंस्की ने कहा था कि रूस यूरोप में एक बड़े युद्ध की शुरुआत कर सकता है. उन्होंने रूस के नागरिकों से इसका विरोध करने के लिए कहा था.
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा था कि रूस ने सीमा पर क़रीब दो लाख सैनिकों और हज़ारों हमलावर वाहनों की तैनाती कर रखी है.
यूक्रेन में आपातकाल
रूस ने स्वघोषित पीपल्स रिपब्लिक ऑफ दोनेत्स्क और लुहांस्क को मान्यता देने के ठीक एक दिन बाद सैन्य अभियान की शुरुआत की है. ये दोनों अलगाववादी इलाक़े पूर्वी यूक्रेन के डोनबास में हैं. यहां के रूस समर्थित विद्रोहियों ने रूस से सैन्य मदद की अपील की है.
अपनी घोषणा में पुतिन ने कहा है कि सैन्य ऑपरेशन उन लोगों की रक्षा के लिए है, जो पिछले आठ सालों से यूक्रेन की शासन के जनसंहार का सामना कर रहे हैं. 2014 में यूक्रेन के लोगों ने सड़कों पर उतर कर रूस समर्थित राष्ट्रपति विक्टोर यानुकोविच को हटा दिया था. पुतिन ने यूक्रेन से सैनिकों को हटाने के लिए कहा है.
रूसी हमले का ख़तरा महीनों से मंडरा रहा था. पुतिन लगातार आरोप लगा रहे थे कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश यूक्रेन को नेटो में शामिल होने से रोकने की रूसी मांग की उपेक्षा कर रहे हैं. पुतिन अमेरिका से सुरक्षा की गारंटी मांग रहे थे. बुधवार को यूक्रेन के सांसदों ने आपातकाल की घोषणा की थी और अब इसे देश भर में लागू कर दिया गया है.
आपातकाल के तहत यूक्रेन में निजी दस्तावेज़ चेक किए जाएंगे, सैन्यकर्मियों को देश से बाहर जाने पर रोक लग गई है, बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने पर रोक है और रेडियो कम्युनिकेशन सिस्टम वाली जगहों पर पाबंदी है. कीएफ़ के मेयर ने कहा है कि सड़कों पर चेकपॉइंट्स बनाए जाएंगे और सरकारी इमारतों में प्रवेश पर पाबंदी रहेगी.
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