बांग्लादेश ने अब अमेरिका से कौन से प्रतिबंध हटाने की लगाई गुहार

बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने अमेरिका के विदेश मंत्री को पत्र लिखकर अमेरिका से उसके सुरक्षाबल और छह अधिकारियों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध हटाने की मांग की है.
नए साल के मौक़े पर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को लिखे गए बधाई संदेश में बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने यह निवेदन किया है.
मोमिन ने इस बात की जानकारी रविवार को पत्रकारों को दी. उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन से उनकी टेलीफ़ोन पर बातचीत हुई थी.
15 दिसंबर की शाम को बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री से फ़ोन पर बात की थी. उस समय दोनों विदेश मंत्रियों ने सुरक्षाबल रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) और सैन्य एवं नागरिक अधिकारियों के ख़िलाफ़ लगाए गए प्रतिबंध पर बात की.

मोमिन ने क्या कहा
पत्र लिखने के अलावा टेलीफ़ोन पर की गई बातचीत में बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री से निवेदन किया है कि वो प्रतिबंध के ऊपर दोबारा विचार करें.
इस पर ब्लिंकन ने विदेश मंत्री को जवाब दिया कि अमेरिकी सासंदों ने इन प्रतिबंधों के बारे में फ़ैसला किया है.
बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने पत्रकारों को बताया, "हमने उन्हें बताया कि बीते 50 सालों से विभिन्न तरीक़ों से हमारे अच्छे संबंध हैं. विभिन्न तरीक़ों के ज़रिए बातचीत के लिए हमारे पास रास्ते हैं. हमारे देश के लोगों को इस अचानक लिए गए फ़ैसले के बारे में जानकर हैरत हुई, इसकी उम्मीद नहीं की गई थी."
उन्होंने RAB को लेकर कहा कि 'यह एक बहुत विश्वसनीय संगठन है, उन्होंने आतंकवाद को कम किया है, ड्रग्स और मानव तस्करी को नियंत्रित किया है और यही आपके (अमेरिका) लक्ष्य हैं, इसीलिए हैरत हुई.'

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क्या मामला है
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौक़े पर 10 दिसंबर को अमेरिका के वित्त मंत्रालय के ऑफ़िस ऑफ़ फ़ॉरेन असेट्स कंट्रोल (OFAC) ने कई देशों के 10 संगठनों और 15 लोगों पर प्रतिबंध लगाए थे.
अमेरिका ने बांग्लादेश के अलावा चीन, रूस, म्यांमार और उत्तर कोरिया पर 'गंभीर मानवाधिकार हनन' को लेकर कई तरह के प्रतिबंध लगाए थे. इनमें बांग्लादेश के सुरक्षाबल रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) और छह सुरक्षा अधिकारी शामिल थे.
इन छह सुरक्षा अधिकारियों में RAB के पूर्व प्रमुख और देश के वर्तमान पुलिस प्रमुख बेनज़ीर अहमद और RAB के वर्तमान प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल मामून के अलावा कुछ और अधिकारी शामिल थे.
इन प्रतिबंधों के कारण अब इन लोगों को अमेरिका का वीज़ा नहीं मिल सकेगा और अगर इनकी संपत्तियां अमेरिका में हुईं तो उन्हें ज़ब्त कर लिया जाएगा.

बांग्लादेश ने इस फ़ैसले के सामने आने के बाद तुरंत अमेरिकी राजनयिक अर्ल मिलर को तलब किया था और अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की थी. मानवाधिकार हनन के आरोपों को RAB और सरकार ने बेबुनियाद बताया है.
प्रतिबंध के समय बांग्लादेशी विदेश मंत्री मोमिन ने इसे 'दुखद' कहा था.
इसके बाद विदेश मंत्री मोमिन ने अमेरिका पर ही निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि 'आप कह रहे हैं कि 10 सालों में 600 लोग ग़ायब हुए हैं, लेकिन आपके देश (अमेरिका) में हर साल 60 लाख लोग ग़ायब हो जाते हैं लेकिन अमेरिकी सरकार को नहीं पता है कि यह कैसे होता है.'
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी पुलिस हर साल 'ड्यूटी के दौरान हज़ारों लोगों को मार देती है. अमेरिका को इसके बारे में सूचित करना चाहिए था.'
मोमिन का कहना है कि उन्होंने इन बातों को अपने पत्र में भी लिखा है.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने मोमिन से बांग्लादेश में मानवाधिकार और लोकतंत्र की स्थिति पर भी बात की है.
मोमिन ने बताया, "इसके बाद उन्होंने लोकतंत्र पर बात की. हमने कहा कि बांग्लादेश स्वतंत्र लोकतंत्र की वजह से ही वजूद में है. लोकतंत्र हमारे देश का आधार है."
मानवाधिकारों को लेकर भी मोमिन ने ब्लिंकन से बात की. उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से मानवाधिकारों के समर्थन में बोलता रहा हूं. इस मामले में हमने कोई समझौता नहीं किया है. यहां तक कि RAB ने अगर ग़लत काम किए तो हमने उन्हें सज़ा दी इसीलिए हम आपको यह लिख रहे हैं."

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अमेरिका में बांग्लादेशी दूतावास के ज़रिए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को यह पत्र भेजा गया है.
एके अब्दुल मोमिन से पूछा गया कि क्या इस पर अमेरिका का अब तक कोई जवाब आया है तो उन्होंने कहा कि क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के कारण इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि इस पर जल्द जवाब आ सकता है.
अमेरिका ने क्यों लगाया प्रतिबंध
अमेरिका ने बांग्लादेश के विशेष सुरक्षाबल RAB और उससे जुड़े छह अफ़सरों पर कथित तौर पर 'गंभीर मानवाधिकर हनन' में शामिल रहने पर प्रतिबंध लगाए हैं.
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, "ड्रग्स के ख़िलाफ़ बांग्लादेश सरकार की जंग के दौरान रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) द्वारा बांग्लादेश में गंभीर मानवाधिकार हनन के आरोप लगते रहे हैं. क़ानून के शासन, मानवाधिकार के सम्मान, मौलिक स्वतंत्रता और बांग्लादेश के लोगों की आर्थिक समृद्धि की अवहेलना अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के लिए एक ख़तरा है."
2004 में जॉइंट टास्क फ़ोर्स RAB का गठन हुआ था. इसके पूर्व महानिदेशक बेनज़ीर अहमद समेत छह वरिष्ठ पुलिस अफ़सरों पर यह प्रतिबंध लगाए गए हैं.

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बेनज़ीर अहमद पिछले साल बांग्लादेश के पुलिस प्रमुख बनाए गए हैं. RAB के अपने कार्यकाल के दौरान वो देश में आतंकी समूहों के ख़िलाफ़ अभियान में सबसे आगे थे. उनके नेतृत्व में ISIS से प्रेरित JMB आतंकियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाया गया था.
जुलाई 2016 में ढाका की होली आर्टिसन बेकरी में बंधकों को छुड़ाने के दौरान चलाए गए अभियान में 20 लोग मारे गए थे.
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि बेनज़ीर अहमद की 'मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन में संलिप्तता उन्हें अमेरिका में दाख़िल होने के लिए अयोग्य पाती है.'
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के मुताबिक़, बांग्लादेश के ख़िलाफ़ इन प्रतिबंधों का फ़ैसला बड़े पैमाने पर लगे आरोपों और कई NGO की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है.
बयान के मुताबिक़, "NGO ने आरोप लगाए हैं कि RAB और बांग्लादेशी क़ानूनी एजेंसियां 2009 से 600 से अधिक लोगों के ग़ायब होने के लिए ज़िम्मेदार हैं. इसके साथ ही वे 2018 से अब तक 600 एक्स्ट्रा जुडिशियल किलिंग और प्रताड़ना के लिए ज़िम्मेदार हैं. कई रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन घटनाओं में विपक्षी पार्टियों के सदस्यों, पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया गया है."
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