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इमरान ख़ान को स्नेहा दुबे से मिले वे जवाब, जिनकी हो रही चर्चा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र की 76वीं आम सभा को संबोधित करते हुए भारत को जमकर निशाने पर लिया. हालांकि यह कोई अप्रत्याशित नहीं था. इमरान ख़ान का संबोधन ख़त्म हुआ और भारत ने राइट टु रिप्लाई के तहत तत्काल जवाब दिया.
जबाव देने आईं संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी स्नेहा दुबे. स्नेहा दुबे ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के हर एक आरोप का जवाब दिया.
इमरान ख़ान ने कश्मीर में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और बीजेपी सरकार पर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ डर का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया था. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इस्लामोफ़ोबिया का भी ज़िक्र किया और संयुक्त राष्ट्र से इस पर बैठक बुलाने की मांग की.
इमरान ख़ान ने कहा था, ''भारत अपने फ़ैसलों और कार्रवाई से जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विवादित इलाक़े का समाधान यूएन की निगरानी में निष्पक्ष जनमत संग्रह से होगा. भारत कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का भी उल्लंघन कर रहा है. मुझे खेद है कि कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर दुनिया का रुख़ भेदभावपूर्ण है.'
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी स्नेहा दुबे ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के बयान पर कड़ा विरोध करते हुए जवाब दिया.
स्नेहा दुबे ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भारत के आंतरिक मामलों को दुनिया के मंच पर लाने और झूठ फैलाकर भारत की छवि ख़राब करने की कोशिश की है. उनके इन आरोपों पर हमने अपने राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल किया है.
स्नेहा दुबे ने यूएन में कहा कि पाकिस्तान, वो मुल्क है, जहाँ आतंकवादी स्वतंत्र रहते हैं. पाकिस्तान वो मुल्क है, जो अपने पड़ोसियों को परेशान करने के लिए पीछे से आतंकवाद प्रायोजित कर रहा है.
भारत की युवा राजनयिक स्नेहा दुबे ने सख़्त लहजे में पाकिस्तान को जवाब दिया और कहा कि पाकिस्तान वास्तव में आग लगाने वाला है लेकिन वो ख़ुद को अग्निशामक के रूप में देखता है.
स्नेहा दुबे के वो पाँच जवाब, जिनकी वजह से हो रही है चर्चा-
1. पाकिस्तान को खुले तौर पर आतंकवादियों का समर्थन करने और उन्हें हथियार देने के लिए विश्व स्तर पर चिह्नित किया गया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधित आतंकवादियों को पनाह देने का अपमानजनक रिकॉर्ड भी पाकिस्तान के ही खाते में हैं.
2. पाकिस्तान पीठ पीछे आतंकवादियों को इस उम्मीद में पालता है कि वे केवल अपने पड़ोसियों को नुक़सान पहुँचाए. ओसामा बिन-लादेन को पाकिस्तान में पनाह मिली. आज भी पाकिस्तान सरकार उन्हें 'शहीद' के रूप में महिमामंडित करती है.
3. हम सुनते रहते हैं कि पाकिस्तान 'आतंकवाद का शिकार' है. यह एक ऐसा देश है जो आग ख़ुद लगाता है लेकिन ख़ुद को अग्निशामक के रूप में प्रस्तुत करता है.
4. जम्मू- कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे.
5. पाकिस्तान के लिए बहुलतावाद को समझना बहुत मुश्किल है क्योंकि अपने मुल्क में वो अल्पसंख्यकों को उच्च पदों से दूर रखता है.
पाकिस्तान ने क्या कुछ कहा था
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र की 76वीं आम सभा को संबोधित करते हुए भारत को जमकर निशाने पर लिया.
इमरान ख़ान ने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि भारत ने पाँच अगस्त 2019के बाद से कई अवैध और एकतरफ़ा क़दम उठाए हैं.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने कश्मीर में नौ लाख सैनिकों की तैनाती कर रखी है और कश्मीरी नेताओं को जेल में बंद कर दिया है. उन्होंने कहा कि मीडिया और इंटरनेट पर पाबंदी है.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के नियंत्रण वाले कश्मीर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भी बलपूर्वक रोक दिया जा रहा है. ख़ान ने भारत पर 13हज़ार कश्मीरी युवाओं के अगवा और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया.
इमरान ख़ान ने कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की मौत का भी ज़िक्र किया और भारत पर आरोप लगाया कि गिलानी के परिवार वालों को इस्लामिक रिवाज से अंत्येष्टि तक नहीं करने दी गई. इमरान ख़ान ने कहा कि यह भारत की बर्बरता का हालिया उदाहरण है.
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