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अफ़ग़ानिस्तान छोड़ अमेरिका ने ग़लती की है: ब्रिटिश रक्षा मंत्री
अफ़ग़ानिस्तान के मौजूदा संकट पर अमेरिका की आलोचना करते हुए ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस ने कहा है कि राष्ट्रपति बाइडन का अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने का फ़ैसला एक 'गलती' थी. उनके अनुसार, अमेरिका के इस क़दम ने ही अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान को 'मज़बूती' मिली है.
स्काई न्यूज़ से बात करते हुए, बेन वालेस ने चेताया है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की वापसी का खामियाज़ा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भुगतना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि वहॉं अल-क़ायदा फिर से अपनी जड़ें जमा लेगा.
दोहा समझौता पर सवाल
ब्रितानी रक्षा मंत्री ने अफ़ग़ानिस्तान से फौज को वापस बुलाने के लिए अमेरिका के पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन द्वारा क़तर की राजधानी दोहा में तालिबान के साथ किए गए समझौते को 'बेकार सौदा' क़रार दिया है. उन्होंने बताया कि ब्रिटेन ने इसका विरोध करने की कोशिश की थी.
वालेस ने कहा, "मुझे लगता है कि दोहा में हुआ सौदा बेकार था. इसने उस तालिबान को जो जीत नहीं रहा था, उसे बताया कि वह जीत रहा है. इस समझौते ने अफ़ग़ानिस्तान की सरकार को कमज़ोर कर दिया. आज हम वहॉं तालिबान को लगातार मज़बूत होते देख रहे हैं.''
'दोहा समझौता का समर्थन करना हमारी मजबूरी'
हालांकि ब्रिटेन द्वारा उस समझौते का समर्थन करने को उन्होंने अपनी मजबूरी क़रार दिया है. वालेस ने कहा कि ब्रिटेन के पास अफ़ग़ानिस्तान से सैनिकों को बाहर निकालने के अलावा कोई विकल्प नहीं था क्योंकि हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ ही चलना था.
उन्होंने कहा, "मैं अमेरिका के फ़ैसले का मुखर आलोचक रहा हूँ. अमेरिका के उस फ़ैसले ने रणनीतिक रूप से बहुत सी समस्याएं पैदा कर दी. आज अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए मौजूदा स्थिति बहुत कठिन है.''
'नाकाम देश चरमपंथियों की पनाहगाह होते हैं'
आने वाले वक़्त में अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथ के पनपने की जगह बन जाने के ख़तरे के बारे में वालेस ने कहा, "असफल देश पहले भी आतंकी समूहों के पनपने की जगह रहे हैं. इसे लेकर मैं चिंतित था. मेरा मानना है कि वह अफ़ग़ानिस्तान से लौटने का फ़ैसला लेने का सही वक़्त नहीं था क्योंकि इससे अल-क़ायदा शायद वापस आ जाएगा."
"अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका जा रहा है और उसके साथ हम भी जा रहे हैं. इसी के साथ, हम एक बहुत बड़ी समस्या तालिबान को भी छोड़े जा रहे हैं. ज़ाहिर है, हम इसे पसंद नहीं करेंगे. मैंने उस ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय को साथ लाने की कोशिश भी की लेकिन यह देखकर डर गया कि उस समुदाय की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी.
अनुवादकों और ब्रितानी नागरिकों को निकालेंगे 600 ब्रितानी सैनिक
वालेस ने क़रीब 3,000 अनुवादकों और ब्रितानी पासपोर्ट धारकों को सुरक्षित अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने के लिए 600 ब्रितानी सैनिकों को वहॉं तैनात करने का ऐलान किया है.
वह इसलिए कि शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया था कि तालिबान ने देश के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार के साथ दक्षिण में हेलमंद प्रांत की राजधानी लश्कर गाह पर कब्जा कर लिया था.
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