पाकिस्तान में हिंदू लड़के को मजबूर करने वाला वीडियो वायरल

    • Author, रियाज़ सुहैल
    • पदनाम, बीबीसी उर्दू, कराची

पाकिस्तान की सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है. थार रेगिस्तान के इस वीडियो में एक आदमी एक लड़के की कमीज़ की कॉलर को पकड़कर उसे 'अल्लाह हो अकबर' बोलने को कहता दिख रहा है.

इस शख़्स के दोनों हाथ लड़के के गले के क़रीब हैं और वह लगातार चीख़ते हुए उसे 'अल्लाह हो अकबर' कहने को कह रहा है. वीडियो में दिख रहा लड़का सहमी हुई ज़ुबान में 'अल्लाह हो अकबर' कहता नज़र आ रहा है.

इसके बाद वीडियो में नज़र आने वाला शख़्स, लड़के पर उसके भगवान के लिए अपमानजनक बातें कहने के लिए दबाव डालता है. इसके बाद वह शख़्स ख़ुद ही हिंदू देवी देवताओं के ख़िलाफ़ भद्दी बातें कहते हुए लड़के से उसे दोहराने के लिए कहता है. वीडियो में नज़र आ रहा शख़्स यह भी कह रहा है कि हिंदुओं ने पाकिस्तान को गंदा कर रखा है.

वायरल वीडियो में दोनों हाथ जोड़े माफ़ी की गुहार लगता हुआ हिंदू लड़का डर से कांपता हुआ दिख रहा है.

सिंध सरकार ने वीडियो वायरल होने के बाद इस घटना का संज्ञान लिया और सरकारी प्रवक्ता मुर्तज़ा वहाब ने लड़के को प्रताड़ित करने वाले शख़्स की गिरफ़्तारी की घोषणा की. इस शख़्स पर मीठी पुलिस स्टेशन में ईश-निंदा क़ानून के तहत मुक़दमा दर्ज कराया गया है.

मामले के अभियुक्त अब्दुल सलाम दाऊद ने कहा कि भावनाओं में बहकर उनसे ग़लती हुई है.

अपनी गिरफ़्तारी के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने पहले तो वीडियो बनाने से इनक़ार किया और बाद में आरोप लगाया कि लड़के ने पहले अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. जब दाऊद से कहा गया कि वीडियो में लड़का तो लगातार माफ़ी मांगता दिख रहा है तब उसने ख़ुद को भावुक शख़्स बताते हुए माना कि ग़लती हुई है. उसने अपने कृत्य के लिए हिंदू समुदाय से भी माफ़ी मांगी है.

वहीं सिंध प्रांत के ऊर्जा मंत्री इम्तियाज़ शेख़ ने बताया है कि अब्दुल सलाम दाऊद थार कोल कंपनी में ड्राइवर के तौर पर काम करता है. कंपनी चीनी कंपनी सिनो सिंध के साथ मिलकर थार रेगिस्तान में कोल पावर प्लांट लगाने जा रही है.

सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री के मानवाधिकार मामलों के सलाहकार वीरजी कोहली ने बीबीसी उर्दू से बताया बताया है कि अब्दुल सलाम कंपनी में आउटसोर्स्ड कर्मचारी है और पिछले तीन दिनों से काम पर मौजूद नहीं था.

लेकिन फ़ेसबुक की अपनी प्रोफ़ाइल पर अब्दुल सलाम दाऊद ख़ुद को थार कोल फ़ील्ड का कर्मचारी बताता है. इतना ही नहीं अपनी तालीम के बारे में उसने प्रीस्टन यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होने का दावा किया हुआ है, लेकिन वीरजी कोहली के मुताबिक़, वह कंपनी का कर्मचारी नहीं है और थर्ड पार्टी के ज़रिए उसे काम पर रखा गया था.

वहीं सिनो सिंध रिसोर्सेज कंपनी के प्रवक्ता अमानुल्लाह जुनेजो ने बीबीसी को बताया कि कंपनी की भाड़े की कार को अब्दुल चलाता था, लेकिन उसे नौकरी से 15 दिन पहले ही निकाला जा चुका है. प्रवक्ता ने बताया, "हमलोग सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और इस कृत्य की निंदा करते हैं. कंपनी जांच में हर तरह का सहयोग करने को तैयार है."

इस मामले पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ़ अल्वी ने भी ट्वीट करके मामले की निंदा करते हुए सख़्त कार्रवाई की बात कही.

उन्होंने लिखा, "थारपारकर में एक नौजवान हिंदू लड़के के उत्पीड़न वाले वीडियो पर मैंने कड़ा संज्ञान लिया है. आईजी सिंध को उत्पीड़न करने वाले की पुष्टि करने और गिरफ़्तार करने के लिए कहा गया है. पाकिस्तान ने हमारे संविधान में निहित अपने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा हमेशा सुनिश्चित की है और आगे भी करेगा."

उन्होंने आगे लिखा, "इस्लाम अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करता है. हमारा संविधान समान अधिकार, आज़ादी और सुरक्षा को सुनिश्चित करता है. इस देश में हमारे क़ानूनों का इस तरह उल्लंघन करने की हिम्मत किसी ने कैसे की. सिंध पुलिस ने अभियुक्त अब्दुल सलाम दाऊद को गिरफ़्तार कर लिया है."

"हमारे समाज को सर्तक रहना चाहिए. देश को बदनाम करने के लिए इस तरह की छिटपुट घटनाओं का इस्तेमाल किया जाता है. मैं इसकी निंदा करता हूं और सभी नागरिकों को आश्वस्त करता हूं कि हम रियासत-ए-मदीना में ऐसा नहीं होने दे सकते और न ही होने देंगे."

वायरल वीडियो में प्रताड़ना झेल रहे 14 साल के लड़के के पड़ोसी कॉमरेड घुमो भील ने बीबीसी उर्दू को बताया कि लड़के के पिता ट्रैक्टर चलाते हैं और काम पर गए हुए थे. हालांकि अभी पीड़ित के परिवार वालों को नहीं मालूम है कि सोशल मीडिया पर उनको कितना समर्थन मिल रहा है.

पाकिस्तान के ट्वीटर पर "arrestabdulsalamdawood" काफ़ी देर तक टॉप ट्रेंड रहा.

वैसे भील ने बताया कि ये घटना एक महीने पहले हुई थी.

उन्होंने बताया, "पीड़ित लड़का सड़क पर मोटरसाइकिल चलाते वक्त तेज़ हॉर्न बजा रहा था. अब्दुल सलाम दाऊद विगो कार चला रहा था. हॉर्न की आवाज़ से वह गुस्से में आ गया. कार से बाहर निकलकर उन्होंने लड़के के साथ वह सब किया था."

भील ने यह भी बताया कि वीडियो में दिख रहा लड़का एक स्थानीय दुकानदार के साथ मिलकर काम करता है.

उन्होंने कहा, "वह अपनी मोटरसाइकिल पर खाने पीने की सामाग्री भेजता है, मोटरसाइकिल दुकानदार की है.

भील के मुताबिक़, पीड़ित लड़के का परिवार ग़रीब और अशिक्षित है और यही वजह है कि डर के चलते उन लोगों ने इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताया था और सोशल मीडिया पर वीडियो दाऊद ने ख़ुद ही डाला है."

हाल की जनगणना के मुताबिक़, सिंध प्रांत के थारपारकर ज़िले की आबादी 15 लाख के आसपास है और इसमें आधे हिंदू हैं.

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