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उत्तर कोरिया से मुलाक़ात को तैयार, पर परमाणु कार्यक्रम पर हो चर्चा- बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वह उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन से मुलाक़ात करने के लिए तैयार हैं लेकिन दोनों के बीच उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चर्चा होनी चाहिए.
शनिवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई-इन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद बाइडन ने कहा कि दोनों देश चाहते हैं कि कोरियाई प्रायद्वीप परमाणु हथियार मुक्त रहे. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए उत्तर कोरिया को मनाना मुश्किल काम होगा.
दोनों नेताओं के बीच उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के कारण पैदा हुए ख़तरे और पूर्वी एशिया में चीन के बढ़ते प्रभुत्व को लेकर चर्चा हुई.
चर्चा के बाद आयोजित साझा प्रेस वार्ता में जो बाइडन ने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप का "पूरी तरह परमाणु निरस्त्रीकरण" करना उनका उद्देश्य है.
उन्होंने कहा कि वह किम जोंग-उन से मुलाक़ात करने के लिए तैयार हैं लेकिन उत्तर कोरिया को अपने परमाणु कार्यक्रम पर बात करने के लिए तैयार होना होगा.
उन्होंने कहा, "अगर बातचीत के लिए प्रतिबद्धता है तो मैं किम जोंग-उन से मुलाक़ात के लिए तैयार हूं. और यह प्रतिबद्धता परमाणु हथियारों पर चर्चा करने की होनी चाहिए."
उन्होंने कहा, "मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगा जो आज से पहले हो चुका है. मैं उन्हें वो नहीं दूंगा जो वह चाहते हैं जैसे कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके कार्यक्रम को स्वीकृति."
जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद मून जेई-इन दूसरे विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हैं जिन्हें व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया गया है. इससे पहले इसी साल अप्रैल में जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सूगा भी राष्ट्रपति बाइडन से मुलाक़ात करने व्हाइट हाउस पहुंचे थे.
व्हाइट हाउस का कहना है कि ये दोनों मुलाक़ातें इस बात का संकेत है कि अमेरिका पूर्वी-एशिया के देशों के साथ बेहतर संबंध रखना चाहता है.
इससे पहले इसी साल मार्च में व्हाइट हाउस ने कहा था कि बाइडन का किम जोंग-उन से मुलाक़ात का कोई इरादा नहीं है.
वहीं बातचीत के बाद मून जेई-इन ने कहा, "कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति के लिए उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच प्रतिबद्धता पर आधारित बातचीत को आगे बढ़ाना ज़रूरी है, साथ ही अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच भी बातचीत को आगे बढ़ाए जाने की ज़रूरत है."
"उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच संवाद बढ़ाने का अमेरिकी राष्ट्रपति समर्थन करते हैं. अमेरिका के साथ मिल कर दक्षिण कोरिया, संवाद और कूटनीति के माध्यम से उत्तर कोरिया के साथ बाचतीत आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करेगा."
"हमें उम्मीद है कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच और उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच आने वाले वक्त में संवाद बढ़ेगा. हमें ये भी उम्मीद है कि उत्तर कोरिया से हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी."
बाइडन से पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग-उन के साथ तीन बार मुलाक़ात की थी.
दोनों नेताओं की पहली मुलाक़ात जून 2018 में सिंगापुर में हुई थी. इसके बाद 2019 फरवरी में हनोई में और तीसरी मुलाक़ात जून 2019 में हुई थी जब ट्रंप उत्तर कोरिया पहुंचे थे.
वो पहले अमेरिकी राष्ट्रपति थे जिन्होंने उत्तर कोरिया की ज़मीन पर कदम रखा था.
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